Friday, June 8, 2012

एन.एस.एस. कैंप में बच्चों को दी जाएगी विशेष जानकारियां : बैरागी




तरावड़ी :
 तरावड़ी कस्बे के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सह-शिक्षा में  एन.एस.एस. कैंप का उदघाटन हुआ। जिसकी अध्यक्षता स्कूल की प्रधानाचार्य संतोष बैरागी ने की। शिविर के शुभारंभ अवसर पर स्कूल की प्रधानाचार्य संतोष बैरागी सहित सभी अध्यापकों एवं सभी एन.एस.एस. प्रतिभागियों द्वारा पौधारोपण किया गया। शिविर में संतोष बैरागी ने स्वयंसेवकों को शिविर में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी दी। उन्होनें बताया कि शिविर के माध्यम से स्वयं को आत्म निर्भर बनाना, सामाजिक कुरीतियों को दूर करना, प्रोढ़ शिक्षा, एवं एड्स  की जानकारी के साथ-साथ अन्य बुराईयों पर भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। हिंदी प्राध्यापक ज्ञान सिंह ने बताया कि विद्यालय में एन.एस.एस. शिविर में 50 छात्र-छात्राएं भाग ले रहे है। उन्होने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपने जीवन में ऐसे काम करने चाहिए जिससे दूसरों को लाभ मिल सके। सीमा मैडम ने कहा कि शिविर में समाज में फैली बुराईयों को खत्म करने के लिए संकल्प लिया जाएगा। इस मौके पर स्कूल की प्रधानाचार्य संतोष बैरागी के साथ-साथ जसङ्क्षवद्र कौर, रीटा, चिंकी, गायत्री, राम रतन शर्मा, सोनिया मैडम, सीमा, अनीता, मंजू, राजबाला के अलावा अन्य प्राध्यापक मौजूद थे।




12 वीं परीक्षा में निशांत ने पाया द्वितीय स्थान पर कब्जा
तरावड़ी : राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सह-शिक्षा  के 12 वंी कक्षा विज्ञान संकाय के निशांत ने 500 में से 454 अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान पर कब्जा जमाया। स्कूल की प्रधानार्चा संतोष बैरागी ने बताया कि उनके स्कूल से कुल 174 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी जिसमें से 114 विद्यार्थियों ने अच्छे अंक लेकर स्कूल का मान बढ़ाया। उन्होने बताया कि बच्चों की इस शानदार उपलब्धि का श्रेय बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों तथा अध्यापकों को भी जाता है। 
                      निशांत का मुंह मीठा करवाते अध्यापकगण। 
बच्चों की शानदार सफलता पर उन्हें गर्व है। अंग्रेजी प्राध्यापक सीमा मैडम ने सभी विद्यार्थियों को बधाई दी व उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होनें कहा कि विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत और अध्यापकों के भरसक प्रयासों के बिना इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करना संभाव नही था। उन्होंने कहा कि भविष्य में अधिक मेहनत करके और भी ज्यादा बुलान्धियो  को छूने की कोशिश की जाएगी।

Thursday, June 7, 2012

जनता के धैर्य की परीक्षा मत लीजिए


सरकार ने एक झटके में पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए. डीजल और रसोई गैस के दाम वैसे ही ज़्यादा हैं, लेकिन अभी और बढ़ सकते हैं. सरकार को मालूम था कि देश में इसका विरोध होगा, गुस्सा पैदा होगा, कुछ विपक्षी पार्टियां लकीर पीटने के लिए आंदोलन की घोषणा करेंगी और सिंबोलिक आंदोलन भी होंगे, इसके बावजूद उसने पेट्रोल के दाम 12 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़ा दिए. सरकार को यह अच्छी तरह से मालूम है कि देश के लोग चुनाव से पहले यानी वोट डालने के दिन से पहले कोई भी निर्णायक लड़ाई नहीं लड़ेंगे और जिस तरह की हालत भारतीय जनता पार्टी की है, उससे सरकार आश्वस्त है कि कोई बड़ा विरोध उसे नहीं झेलना पड़ेगा और वह 15 दिनों के भीतर फिर पुरानी पटरी के ऊपर चलने लगेगी और इसी तरह के अन्य फैसले भी वह आसानी से कर लेगी.
सरकार बिल्कुल सही है, क्योंकि उसे इस बात का एहसास है कि अगले चुनाव में भले ही कोई और पार्टी सत्ता में आए, लेकिन कांग्रेस की सीटें बढ़ेंगी, इसके ऊपर प्रश्नवाचक चिन्ह लग गया है. इसलिए वह वे सारे काम कर डालना चाहती है, जिनसे विदेशी पूंजीपतियों, खासकर अमेरिका एवं यूरोप को फायदा हो सकता है. अभी बहुत सारे प्रहार झेलने के लिए हमें तैयार रहना चाहिए, क्योंकि हमारे देश के प्रधानमंत्री अर्थशास्त्री हैं, लेकिन उनका अर्थशास्त्र अमेरिकी पूंजीपतियों और भारतीय पूंजीपतियों के लिए इस्तेमाल होता है. हमारे प्रधानमंत्री का अर्थशास्त्र हिंदुस्तान के ग़रीबों के लिए बिल्कुल बेकार है, क्योंकि उनकी सूची में हिंदुस्तान का ग़रीब कहीं है ही नहीं. हमारे प्रधानमंत्री ऐसे मंत्रिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें मंत्री भी प्रधानमंत्री जैसे ही हैं. बेशर्मी के साथ मंत्री यह कहते हैं कि उन्हें भी सब्सिडी मिल रही है, जिन्हें इसकी ज़रूरत नहीं है और देश के लोगों को मुफ्त़खोरी की आदत पड़ गई है.
दरअसल, मुफ्त़खोर वह मंत्री है, जो यह बयान दे रहा है. उस बेवकूफ को यह समझ में नहीं आता कि वह भारत सरकार का मंत्री है और अगर पेट्रोल एवं डीजल का दाम बढ़ता है तो ढुलाई का दाम बढ़ेगा. पेट्रोल एवं डीजल का दाम बढ़ता है तो हर चीज का दाम बढ़ेगा. खेती की लागत और बढ़ जाएगी. वैसे ही किसान को उसकी लागत के हिसाब से फसल की क़ीमत नहीं मिलती. अब पेट्रोल एवं डीजल के बढ़े हुए दाम की वजह से उसकी खेती और महंगी हो जाएगी. या तो वह खेती कम करेगा या खेत बेचेगा या फिर आत्महत्या करेगा. वह बेशर्म मंत्री, जिसने यह बयान दिया कि देश के लोगों को मुफ्त़खोरी की आदत पड़ गई है और पेट्रोल एवं डीजल के बढ़े हुए दाम का असर ग़रीबों के ऊपर नहीं पड़ेगा, उसका सार्वजनिक रूप से अपमान होना चाहिए.
मुफ्त़खोर वह मंत्री है, जो यह बयान दे रहा है. उस बेवकूफ को यह समझ में नहीं आता कि वह भारत सरकार का मंत्री है और अगर पेट्रोल एवं डीजल का दाम बढ़ता है तो ढुलाई का दाम बढ़ेगा. पेट्रोल एवं डीजल का दाम बढ़ता है तो हर चीज का दाम बढ़ेगा. खेती की लागत और बढ़ जाएगी. वैसे ही किसान को उसकी लागत के हिसाब से फसल की क़ीमत नहीं मिलती. अब पेट्रोल एवं डीजल के बढ़े हुए दाम की वजह से उसकी खेती और महंगी हो जाएगी. या तो वह खेती कम करेगा या खेत बेचेगा या फिर आत्महत्या करेगा.
इस देश का किसान आत्महत्या करता है तो उसे अ़खबारों और मीडिया में जगह नहीं मिलती. ज़्यादातर किसान इसलिए आत्महत्या करते हैं, क्योंकि वे खेती के लिए कर्ज लेते हैं और कर्ज लेकर की गई खेती उन्हें और बड़े कर्ज में डाल देती है, क्योंकि उन्हें फसल की सही क़ीमत नहीं मिलती. उनका घर गिरवी हो जाता है, उनके बच्चे पढ़ नहीं पाते, उनकी बेटियों की शादी नहीं हो पाती, उनकी सामाजिक बेइज्जती होती है और तब उनके पास आत्महत्या के अलावा कोई चारा नहीं रहता. उस किसान की जिंदगी को आत्महत्या की आग में झोंकने का काम यूपीए सरकार ने किया है. कांग्रेस के सहयोगी ममता बनर्जी एवं अजीत सिंह कहते हैं कि सरकार के अंदर रहकर मूल्य वृद्धि का विरोध करेंगे. यह कहते हुए दोनों की ज़ुबान नहीं कांपी? आप उसी सरकार में हैं और यदि आपकी बात प्रधानमंत्री नहीं सुनते तो आप सरकार में हैं क्यों? क्या प्रधानमंत्री ने आपसे नहीं पूछा, क्या प्रधानमंत्री ने मंत्रिमंडल की राय के बिना यह ़फैसला ले लिया कि पेट्रोल के दाम में इतनी बड़ी वृद्धि हो, जिसका असर हिंदुस्तान में रहने वाले हर आदमी को झेलना पड़ेगा?
पेट्रोल के दाम में बढ़ोत्तरी का असर केवल स्कूटर और कार चलाने वालों पर नहीं पड़ेगा. इसका असर हिंदुस्तान के हर नागरिक पर पड़ेगा, क्योंकि पेट्रोल एवं डीजल सिंचाई और ढुलाई के सबसे बड़े साधन हैं. अ़फसोस इस बात का है कि देश के लोग शायद अभी भी घड़े के और भरने का इंतज़ार कर रहे हैं. नौजवान खामोश है. शायद सरकार में बैठे लोग या राजनीतिक दलों के लोग इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि वे जब सड़कों पर निकलें तो जनता उन्हें घेरे और उनके साथ बदसलूकी करे. सरकार में बैठे लोग देश की जनता के सब्र की, धीरज की परीक्षा लेना चाहते हैं.
सबको पता है कि सारी दुनिया में कच्चे तेल का दाम घटा है. तेल कंपनियां कहती हैं कि उन्हें घाटा हो रहा है. तेल कंपनियां अपना हिसाब लोगों के सामने क्यों नहीं रखतीं कि उन्हें कैसे घाटा हो रहा है. तेल कंपनियां राजनीतिक आकाओं को पैसे पहुंचाने के साधन के रूप में तब्दील हो गई हैं. हम सस्ता तेल बेचने वाले व्यापारियों में से भी जो महंगा तेल बेचता है, उससे तेल खरीदते हैं और उसके बाद यहां पर उसमें कितना हिस्सा किसकी जेब में जाना है, उसे जोड़कर देश में वह तेल यानी पेट्रोल एवं डीजल लोगों के पास पहुंचता है.

जेल के कैदी पठाई के साथ साथ व्यावसायिक कोर्सो का ज्ञान भी अर्जित कर रहे हैं


 करनाल
जेल किसी अपराधी को बंदी के रूप में रखकर उसे प्रायश्चित करवाने का घर ही नहीं बल्कि कसूरवार जीवन में दोबारा सजा पाने की गलती न करने का संकल्प लेकर एक अच्छा इंसान बनकर जेल से बाहर आए तो आप इसे नई जिंदगी या परिवर्तन क्या कहेंगे ? करनाल जेल की हकीकत ऐसी ही है और अधिकारिक परिभाषा में इसे सुधार का नाम दिया जा रहा है। इस जेल में रह रहे कैदी पढ़ाई  के साथ-साथ बढई का कार्य, वैल्डिंग तकनीक, कटिंग, टेलरिंग व ड्रेस मेकिंग, पलम्बर, एम्ब्रायडरी, रेडियो व टी.वी. तकनीशियन, ब्यूटी कल्चर तथा कैटरिंग मैनेजमेंट जैसे व्यावसायिक कोर्सो का ज्ञान भी अर्जित कर रहे हैं। योगिक क्रियाएं और संगीत को कैदी बड़ी रूचि लेकर सीख रहे हैं। हाल ही में यहां के कैदियों द्वारा मिटटी व लकड़ी की कलात्मक वस्तुएं तथा खूबसूरत पेंटिंग भी तैयार की गई हैं और इन वस्तुओ को लेकर एक क्रिएटिविटी सेन्टर करनाल जेल में स्थापित किया गया है, जिसका उपायुक्त रेनू एस. फुलिया ने आज प्रात: उदघाटन कर अवलोकन किया। कैदियों द्वारा मिटटी से बनाई गई देवी देवताओं की खूबसूरत प्रतिमाओं को देखकर उपायुक्त अभिभूत हुई और प्रशंसा किए बिना नहीं रह सकी।

क्रिएटिविटी सेन्टर के उदघाटन के बाद उन्होंने जेल परिसर में भारत विकास परिषद की करनाल शाखा की ओर से आयोजित योग शिविर में शिरकत की। परिषद के अध्यक्ष डाक्टर सी.के. ठाकुर ने करीब एक घंटा कैदियों को प्राणायाम, अनुलोम-विलोम तथा कई योगासनों का प्रशिक्षण भी दिया। उपायुक्त ने भी मंच पर विराजमान योग शिक्षकों की टीम के साथ बैठकर योग क्रियाएं की। जेल में यह शिविर चार दिन तक चलेगा।
योग शिविर में आज पहले दिन की योग कक्षा जैसी ही समाप्त हुई उपायुक्त ने उपस्थित महिला एवं पुरूष बंदियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जाने-अनजाने में छोटी से भूल आदमी को अपराधी बना देती है और फिर सजा पाने के बाद उसे जेल में जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जेलों में बड़ी संख्या में बंद कैदियों के रूप मे हमारे देश की मानव-शक्ति एक तरह से बेकार हो जाती है। यदि आदमी अपराध न करे और अपनी शक्ति को रचनात्मक कार्यो में लगाएं तो देश की प्रगति की रफ्तार में और इजाफा हो सकता है। उपायुक्त के बोलने से पूर्व कई बंदियों ने मंच पर आकर जेल में अपनी सजा गुजारते हुए अपने जीवन में परिवर्तन को स्वीकार करते हुए अनुभवो को सांझा करते हुए कहा कि उन्होंने यहां के माहौल से प्रभावित होकर कसम खाई है कि जेल से बाहर जाकर वे अपना शेष जीवन अच्छे इंसान के रूप में व्यतीत करेंगे। कैदियों के मुंह से ऐसी बाते सुनकर उपायुक्त ने जेल अधीक्षक से कहा कि जिन कैदियों का आचरण या व्यवहार अच्छा है, उनकी सजा माफी के लिए सरकार को लिखा जायेगा।

उपायुक्त ने कहा कि स्वस्थ तन और मन के लिये योग जरूरी है। योग से मनुष्य रोगमुक्त व तनाव रहित हो जाता है और योग से व्यक्तित्व का विकास होता है। कुछ चीजे जिन्दगी मे सीखनी जरूरी हैं, योग भी इनमें से एक है लेकिन योग करने के लिये इसका प्रशिक्षण व अभ्यास जरूरी है। इसके बाद ही योग के आसन व क्रियाओं को सही ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि योग से संयम मिलता है, और संयम रखना सबके लिए जरूरी है। उन्होंने बंदियों से कहा कि अनुदेशको की बातों को ध्यान से सुने और उनके द्वारा करवाई जा रही क्रियाओं को ध्यान से करें। जो बंदी प्रशिक्षित हो जाते हैं वे खुद दूसरे बंदियों को प्रतिदिन योग करवाएं।
उपायुक्त ने करनाल जेल में हो रहे विभिन्न सुधारो का जिक्र करते हुए इसे प्रदेश की आदर्श जेल करार दिया और इसके लिए यहां के अधीक्षक शेरसिंह की मुक्त कंठ से सराहना की।
इससे पूर्व जेल अधीक्षक शेरसिंह ने उपायुक्त का स्वागत किया और जिला जेल में बंदियों के लिए जुटाई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जेल में रह रहे कैदी संगीत में भी रूचि ले रहे हैं  जिससे उनका रूझान भक्ति की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि यहां के कैदी अपने साथी कैदियों से ही हिंदी के साथ-साथ उर्दू, अरबी और अंग्रेजी भाषा भी सीख रहे हैं। बहुत से कैदी यहां आने के बाद आत्म-ग्लानि से भरे हुए हैं और प्रण करते हैं कि वे जिंदगी में दोबारा अपराध न हो इससे तौबा कर चुके हैं। इस अवसर पर कैदियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर जेल उप-अधीक्षक संजीव कुमार बुधवार व रेशम सिंह, हेड वार्डर राम प्रकाश, भारत विकास परिषद करनाल की ओर से डाक्टर वी.के. सिंगला, प्रोफेसर वी.के. बंसल, अशोक महेन्द्र, श्रीमती प्रभा देवी व साधना सिंह तथा डाक्टर सरिता ठाकुर भी उपस्थित थी।


Friday, May 18, 2012

लड़की का फोटो फेसबुक पर डाला, स्टूडेंट पर जानलेवा हमला


नई दिल्ली।। सेंट्रल दिल्ली के एक जाने-माने प्राइवेट स्कूल में फेसबुक पर एक लड़की का फोटो पोस्ट करने को लेकर असेंबली के दौरान एक स्टूडेंट ने दूसरे पर पेपर कटर से हमला कर दिया। घायल स्टूडेंट को तुरंत गंगाराम हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां खून रोकने के लिए उसका ऑपरेशन किया गया। उसकी हालत खतरे से बाहर है।
यह घटना बुधवार सुबह 7:45 बजे स्कूल कंपाउंड में हुई। पूसा रोड पर स्थित इस स्कूल में असेंबली चल रही थी। 10वीं क्लास के दो स्टूडेंट भी वहां मौजूद थे। उनके सेक्शन अलग हैं। दोनों के पिता बिजनेसमैन हैं।
इसी दौरान मॉडल टाउन में रहने वाले स्टूडेंट ने वेस्ट पटेल नगर निवासी छात्र पर पेपर कटर से कई वार किए। घायल स्टूडेंट की कोहनी की नस कट गई और बाएं हाथ से खून निकलने लगा। उसे सर गंगाराम अस्पताल ले जाया गया। वहां उसका ऑपरेशन किया गया।

राजेंद्र नगर पुलिस को अभी घायल छात्र का बयान नहीं मिल सका है। पुलिस जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पूरे मामले की डिटेल पेश करेगी। हमला करने वाले छात्र के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। दोनों ही छात्र नाबालिग हैं।

जानकारी के मुताबिक, झगड़े की वजह फेसबुक पर डाला गया एक फोटो है। घायल हुए लड़के के घर पर कुछ दिन पहले पार्टी थी। उसमें काफी लड़के-लड़कियां शामिल हुए थे। बताया जा रहा है कि इस स्टूडेंट की फोटो एक लड़की के साथ सबसे अलग क्रॉप कर किसी ने फेसबुक पर डाल दी थी। इसके बाद दूसरे लड़के ने रविवार को इस छात्र को एसएमएस कर धमकी दी थी। दो दिन तक छात्र स्कूल नहीं आया। बुधवार को स्कूल आते ही उस पर हमला कर दिया गया। पुलिस को इस वारदात की खबर गंगाराम हॉस्पिटल की ओर से दी गई।
   अमरनाथ यात्रा के बारे में की गई टिप्पणी के मामले में हरियाणा सरकार ने आर्य समाज के नेता स्वामी अग्निवेश के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। स्वामी अग्निवेश ने कथित तौर पर अमरनाथ यात्रा को 'फ्रॉड' करार दिया था। पिछले साल मई में जम्मू यात्रा के दौरान अग्निवेश ने अमरनाथ यात्रा पर जाने वालों के बारे में कथित तौर पर कहा था कि मैं नहीं समझ पाता कि लोग क्यों इस यात्रा पर जाते हैं। यह एक धार्मिक धोखा है। मैं इस तरह के धर्म में विश्वास नहीं करता हूं। प्रदेश सरकार के वकील ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के जस्टिस परमजीत सिंह के सामने 14 मई की तारीख वाला एक पत्र पेश किया, जिसमें मुकदमा चलाने की मंजूरी देने से इनकार किया गया है। हरियाणा के हांसी में पिछले साल 23 मई को अग्निवेश के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई थी। सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण तायल की शिकायत पर आईपीसी की धारा 295 के तहत यह प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इससे पहले हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश दिया था कि वह इस बात पर हलफनामा दाखिल करे कि उसने अग्निवेश के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की इजाजत दी है या नहीं।

इस मामले में हाई कोर्ट में अब 28 मई को सुनवाई होगी।
इससे पहले हांसी के एसडीजेएम कोर्ट ने एफआईआर के आधार पर अग्निवेश के खिलाफ पिछले साल 29 अगस्त को गैर जमानती वारंट जारी किया था। अग्निवेश ने तब पिछले साल 30 अगस्त को हाई कोर्ट की शरण ली और एफआईआर रद्द किए जाने की गुहार लगाई थी।

Wednesday, May 2, 2012

14 साल की लड़की ने रुकवाई अपनी शादी

कोलकाता
बंगाल के पुरुलिया जिले के बेलदी गांव में रहने वाली 14 साल की सीमा का स्कूल जाना बंद करवा दिया गया और उसकी शादी उसके घरवालों ने तय कर दी। 7वीं क्लास में पढ़ने वाली सीमा अभी शादी नहीं करना चाहती थी और आगे पढ़ना चाहती थी। उसने हिम्मत जुटाई और अपने परिवार वालों के इस फैसले के विरोध में खड़ी हो गई। पर घर वाले नहीं मान रहे थे और कल उसकी बारात आने को थी। जब घर वाले नहीं माने तो उसने चाइल्ड हेल्पलाइन पर फोन कर मदद मांगी। हेल्पलाइन वालों ने आरशी पुलिस स्टेशन को इसकी सूचना देकर मदद बुलाई। पुलिस अधिकारी सी सुधाकर ने बताया कि पुलिस ने कल दखलअंदाजी करके सीमा की शादी रुकवा दी। सीमा के पिता हो हिरासत में ले लिया गया है और उसे 14 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। सीमा को सरकार की निगरानी में में भेज दिया गया है।जिले के असिस्टेंट लेबर कमिश्नर प्रसोनजीत कुंडू ने बताया कि चाइल्ड मैरिज के विरोध में शुरू किए गए जागरूकता अभियान का असर यहां ऐसा रहा कि 2008 के बाद से अभी तक यहां 64 नाबालिग लड़कियों ने अपने विवाह का विरोध किया है।

Monday, October 17, 2011

खेल बनाता है व्यक्ति को महान: जिलेराम शर्मा


 भैंसवाल कलां को हराकर रेहड़ा बना कब्बडी चैंपियन
जुंडला, 
 बड़ोता में दादाखेड़ा स्पोर्ट्स  कलब की ओर से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में राज्य स्तरीय नैशनल स्टाईल कब्बड्ी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के फाईनल मुकाबले में भैंसवाल कलां सोनीपत को हराकर रेहड़ा नैशनल कब्बड्ी में चैंपियन बना। इस अवसर पर विधायक जिलेराम शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि समारोह में शिरकत की और खिलाडिय़ों को पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि खेल ऐसा माध्यम है जिससे व्यक्ति स्वस्थ रहता है और देश के लिए खेलकर अपना व क्षेत्र का नाम स्वर्ण अक्षरों में लिख सकता है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कुशल नेतृत्व में हरियाणा के खिलाडिय़ों को पूरा मान-सम्मान मिला है और उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाडिय़ों को उच्च पदों पर नियुक्त किया गया है जो सराहनीय कदम है। खेलों को बढ़ावा देने केलिए ब्लाक स्तर पर खेल स्टेडियमों पर करोडा़ रुपए खर्च करके खिलाडिय़ों में उत्साह भर दिया है। उन्होंने कहा कि असंध क्षेत्र के उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाडिय़ों को पूरा मान-सम्मान दिलवाया जाएगा ताकि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का पिछड़ापन न रहे। इस अवसर पर कलब के प्रधान राकेश पुनिया, कैशियर सलिंद्र सिंह, सचिव अमित नैन, उपप्रधान अजीत सिंह, सरपंच मुकेश देवी, सत्यवान पुनिया, पवन कुमार, महेंद्र पुनिया, सरपंच सुशील सिरसी, नरेश शर्मा पिंगली, सतेंद्र सिंह, राजेश नैन ने अपनी जिम्मेदारी का निवर्हन किया। 
नैशनल कब्बड्ी में छाए खिलाड़ी
-विधायक जिलेराम शर्मा गांव बड़ौता में उत्कृष्ठ प्रदर्शन करने वाली टीम को पुरस्कृत करते हुए.....
प्रतियोगिता के मैच में कथूरा ने डिंगरमाजरा, रिढ़ाना बी ने बड़ौता, नौल्था ने पाई, रेहड़ा ने जुवामहारा, कैरवाली ने गढ़ी गुजरान, सुताना ने बड़ौता, बड़ौता ने जरासी, रिढ़ाना ने पुरखास को हरा दिया। सेमिफाईनल मैच में भैंसवाल कलां ने रिढ़ाना बी को 16-15 व रेहड़ा ने रिढ़ाना ए को 34-10 से परास्त कर दिया। प्रतियोगिता के फाईनल मुकाबले में रेहड़ा ने भैंसवाल कलां को 9-6 से कांटे की टक्कर में हराकर प्रतियोगिता में धाक जमा दी। मैच में रैफरी प्रवीन सुल्तानपुर, दलेलसिह, रविंद्र, विनोद बुड़शाम, रामपाल जींद, नरेंद्र डांडा रहे। 




हथलाना में संपन्न हुई कब्बड्ी व वालीबाल प्रतियोगिता
जौरासी कब्ब्ड्ी व पंजाब पुलिस वालीबाल चैंपियन बनी
जुंडला, 
 गांव हथलाना में छठी तीन दिवसीय राजेश एवं प्रवीण मैमोरियल सर्कल कब्बड्ी एवं वालीबाल प्रतियोगिता में कब्बड्ी व वालीबाल में रौचक मुकाबले देखने को मिले। युवा शक्ति कलब की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में निसिंग नगर पालिका चेयरमेन नागेश गोयल ने मुख्यअतिथि के तौर पर शिरकत की। उन्होंने खेल में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाडिय़ों को नकद पुरस्कार व शील्ड भेंट   करके सम्मानित किया। ओपन कब्बड्ी मुकाबले के फाईनल मैच में सांच कैथल को हराकर जौरासी पानीपत ने कब्बड्ी चैपियनशिप जीती। गांव में श्री हनुमान मंदिर में ग्रामीणों व कलब के सहयोग से करीब 25 हजार दर्शकों के लिए भंडारे की व्यवस्था भी की गई थी। वालीबाल मुकाबले में एचएसआईडीसी पंचकुला को 5 सेटों के लिए खेले गए मैच में 3-0 से शिकस्त देकर पंजाब पुलिस ने धाक जमाई। प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए कलब ने ग्रामीणों व प्रदेशवासियों की खेलप्रियता के लिए धन्यवाद किया।
गांव हथलाना में निसिंग नगरपालिका चेयरमैन नागेश गोयल विजेता टीम को पुरस्कार देते हुए
 इस अवसर पर कलब के  प्रधान मलखान मंजूरा, पूर्व प्रधान बलवान सिंह, अंतरराष्ट्रीय कब्बड्ी कोच सतबीर शर्मा देबन, ग्राम सरपंच रणधीर सिंह, कल्ब उपप्रधान सतीश टाया,कैशियर महेंद्र सिंह,डाक्टर इंद्र सिंह, डाक्टर रोशन, मास्टर मेवा सिंह, राम कुमार, प्रेम सिंह फौजी, सुभाष चंद्र, ईश्वर सिंह पप्पी, सतबीर सिंह, सुबे सिंह, बलवान सिंह, पहलवान महावीर सिंह, संदीप सिंह, जयबीर सिंह, पहलवान रणबीर सिंह काला, डी.पी.ई सुलेंद्र सिंह, डी.पी.ई राजेद्र सिंह, गुलाब सिंह, पहलवान महाबीर सिंह व पालाराम, रणबीर पिल्ले, चरणसिंह राणा, कर्मबीर पुंडरी, सुभाष हथलाना, कर्मबीर सिंह, विनोद कुमार, सुरेश जबाला ने निभाई। 
कैच पर लगा 3000 रुपए का ईनाम
प्रतियोगिता में मूंड गांव के रेडर बिल्लू पर कैच मारने वाले खिलाड़ी को 3000 रुपए देने की घोषणा की गई थी। इसके साथ ही रोहतक चिढ़ी गांव के सोमवीर पर कैच लगाने वाले पर 1500 रुपए का ईनाम लगाया गया था। इस घोषणा से प्रतियोगिता और भी दिलचस्प बन गई। अंतिम समय तक भी दोनों खिलाडिय़ों पर कोई कैच नहीं लगा पाया। बाद में आयोजकों ने दोनों खिलाडिय़ों को ही यह ईनाम देकर सम्मानित किया। देर रात्रि तक मैच चलते रहे और हजारों दर्शकों ने प्रतियोगिता का आनंद उठाया। 

जमीन के इंतकाल के लिए हर महीने की 12 व 26 तारीख को तहसील स्तर पर इंतकाल करें


करनाल सुरेश अनेजा 
उपायुक्त श्रीमती नीलम प्रदीप कासनी ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे जमीन के इंतकाल के लिए हर महीने की 12 व 26 तारीख को तहसील स्तर पर इंतकाल करें ताकि लोगों को पटवारियों के चंगुल से छुटकारा मिल सके। 
उपायुक्त आज पंचायत घर में जिले के अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित कर रही थी। उन्होंने अधिकारियों से कहा तहसीलों में अधिकतर भीड़ इंतकाल करवाने व लोगों को पटवारियों को ढूंढने में लगती है जो काम एक दिन में होना होता है उसके लिए लोगों को महीने भर तहसीलों के चक्कर काटने पड़ते हैं। ऐसा न हो इसके लिए तहसील स्तर पर ही महीने में दो दिन इंतकाल के साथ-साथ तहसीलदार से संबंधित लोगों की अन्य समस्याओं का हल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि अधिकारी लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका हल करने में रूचि दिखाएं। अधिकारी लोगों की ठीक से बात नहीं सुनते जिसके कारण लोगों को जिला स्तर के अधिकारियों के पास आना पड़ता है जो कि लोकल स्तर के अधिकारियों के लिए शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि कई विभागों के अधिकारी अपने कार्यालय में देरी से आते हैं और जल्दी चले जाते हैं वे कार्यालय को मात्र अपना टाईमपास समझ रहे हैं। ऐसी मनमर्जी बर्दाश्त नहीं की जायेगी। ऐसा करने वाले अधिकारियों को अब सावधान होने की जरूरत है। 
उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को सख्त लहजे में कहा कि जिले में शिक्षा विभाग का काम काफी पिछड़ा हुआ है। उन्होंने कहा वार्षिक शिक्षा सत्र खत्म होने को है अभी तक स्कूलों में किताबें नहीं पहुंची, अधिकारियों को अभी तक इसकी कोई जानकारी भी नहीं। इसी कारण लोगों का रूझान सरकारी स्कूलों की स्थिति को देखते हुए प्राईवेट स्कूलों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिये कि स्कूलों में सफाई का विशेष प्रबंध हो। शौचालयों में पानी का प्रबंध हो। उन्होंने कहा स्वच्छता उत्सव चल रहा है, सफाई के लिए एन.एस.एस. व एन.सी.सी. तथा नेहरू युवा केन्द्र के सदस्यों का सहयोग लें। उन्होंने जन-स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कहा कि अपने-अपने जल घरों व उसके आस-पास सफाई रखे तथा पानी की सप्लाई के लिए लगाई गई पाईपों पर भी विशेष नजर रखे क्योंकि जब किसी कारण से ये टूट जाती हैं तो लोगों को गंदा पानी पीना पड़ता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को कहा मुख्यालय से जो भी रिपोर्ट मांगी जाती है उसका समय रहते जवाब दें। यदि ऐसा नहीं करते तो वे अनुशासनात्मक कार्यवाही के हकदार बन जाते हैं। 
् उपायुक्त ने सिविल सर्जन डाक्टर शिव कुमार के कार्य की प्रशंसा की और कहा कि डाक्टर साहब अपना कार्य बखूबी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा उन्हीं के प्रयास से जिला करनाल पुरूष नसबंदी व एन.एस.वी. में प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा और जिले में पिछले वर्ष की अपेक्षा डेंगू के केस भी काफी कम हैं। उन्होंने जिले में चल रही 15 सिविल सर्विसीज के बारे में विस्तार से जानकारी ली और कहा कि जब कोई भी प्रार्थना पत्र आता है तो उसकी रसीद जरूर दें ताकि निर्धारित समय का आंकलन किया जा सके। उन्होंने जिले में चल रहे अवैध निर्माण व अवैध कालोनी के विकसित होने पर सभी तहसीलदारों को निर्देश दिये कि वे इसका ध्यान रखे कोई भी गलत रजिस्ट्री न करें। यदि कहीं अवैध कालोनी विकसित होती है तो उसकी सूचना जिला योजनाकार को तुरंत दें और उन्होंने जिला योजनाकार को निर्देश दिये कि वे अवैध कालोनियों के निर्माण को गिराने के लिए लगातार एक सप्ताह तक पुलिस का सहयोग लेकर अभियान चलाए। उन्होंने जिला राजस्व अधिकारी को निर्देश दिये कि जिले के कई प्रापर्टी डीलरों ने अपने आफिसों के सामने से बोर्ड हटा लिए हैं इसकी भी जांच की जाए। यदि वे बोर्ड नहीं लगाते तो उनका रजिस्ट्रेशन रदद किया जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनकी अधिकतर सडक़े टूटी हुई हैं उनको ठीक किया जाए और शहर को जोडऩे वाले मुख्य मार्गो जैसे लिबर्टी रोड, कुंजपुरा रोड़, माल रोड़, नमस्ते चौंक को ठीक किया जाए व पौधारोपण आदि करके इसका सौन्दर्यकरण किया जाए ताकि आने वाले लोगों पर इसका प्रभाव पड़े। उन्होंने कहा शहर में हरियाली की कमी है जितना अधिक हो सके पौधे लगाए और उनकी सुरक्षा करे। 
उपायुक्त ने जिले में चल रहे बी.पी.एल. के पुनरीक्षण के कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए इस कार्य से जुड़े अधिकारियों को सख्त निर्देश दिये कि वे इसमें लापरवाही न करे। बार-बार औचक निरीक्षण करें, यदि लोग अपने बारे में गलत जानकारी देते हैं तो उनपर कार्यवाही करने के लिए लिखे। उन्होंने असंध के गांव खेड़ी सरफली में दो डिपो होल्डरों द्वारा जानकारी प्रस्तुत न करने पर जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी को उनके लाईसेंस रदद करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा यदि कोई अधिकारी व नेता बी.पी.एल. सूची में गलत नाम रखने के लिए सिफारिश या फोन करता है तो उसकी अतिरिक्त उपायुक्त या मेरे कार्यालय में तुरंत जानकारी दें। उन्होंने कहा कि जिले के सभी गांवों में कम से कम एक आंगनवाड़ी कार्यालय बनाया जाना है इसके लिए पंचायत को 250 गज जमीन के लिए प्रस्ताव पारित करना है व इस पर तुरंत कार्यवाही करें। उपायुक्त ने बैठक के माध्यम से जिलावासियों से अपील की कि जिले में एक नवम्बर तक बूथ स्तर पर ऐसे लोगों, महिलाओं, लड़कियों की वोट बनाई जा रही हैं जिनकी आयु एक जनवरी 2012 को 18 वर्ष की हो जायेगी। वे अपनी वोट अवश्य बनवाए या बनी हुई वोट में कोई त्रुटि है तो उसका भी समाधान करवाए। उन्होंने कहा शिक्षण संस्थानों, फैक्ट्रियों आदि में वोट उनके संस्थानों में बनाई जा सकती है तथा अधिकारियों को लिखित में देना होगा कि उनके कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी व उनके परिवारों के सदस्यों की वोट बन चुकी है। 
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त एम.के.पांडुरंग, असंध के उपमंडलाधीश आर.के.सिंह, करनाल के उपमंडलाधीश मुकुल कुमार, इन्द्री के उपमंडलाधीश प्रदीप कुमार, नगराधीश महेश्वर दत्त शर्मा सहित सभी विभागों के आला अधिकारी उपस्थित थे। 
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छोटा परिवार सुखी परिवार 




करनाल 
महिला कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष एवं करनाल की विधायक सुमिता सिंह ने कहा कि जिस परिवार में बच्चे ज्यादा होते हैं वहां अनेक समस्याएं उत्पन्न हो जाती है। छोटे और सुखी परिवार के लिए जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण रखना जरूरी है। 
विधायक सुमिता सिंह आज स्थानीय सामान्य अस्पताल परिसर में विशाल पुरूष नसबंदी व महिला नलबंदी शिविर का उदघाटन करने उपरांत उपस्थित जनसमूह को सम्बोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि बच्चों की अधिक संख्या परिवार के लिए तो समस्या पैदा करता ही है और उन बच्चों को अच्छी तरह से शिक्षा, खान-पान रहन सहन की सुविधाएं भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हो पाती, वहीं देश की तरक्की में भी बहुत बड़ा रोडा बन जाता है। इसलिए जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण लगाना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का आहवान किया कि वे बढ़ती हुई जनसंख्या पर अंकुश लगाने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करे विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रह रही महिलाओं को। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि वे एक या दो बच्चे ही पैदा करे इससे उनका जीवन सुखमय व आन्नदित रहेगा और बच्चों का पालन पोषण भी अच्छी तरह से हो सकेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पुरूष नसबंदी व महिला नलबंदी के जो शिविर लगाए जाते हैं उनका भरपूूर लाभ उठाना चाहिए। विधायक ने करनाल जिला के स्वास्थ्य अधिकारियों को पुरूष नसबंदी के मामले में प्रथम आने पर बधाई दी और कहा कि भविष्य में भी अच्छा कार्य करते रहे। 
इस अवसर पर सिविल सर्जन डाक्टर शिव कुमार ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और बताया कि जिला में इस प्रकार के 5 मेगा पुरूष नसबंदी व महिला नलबंदी शिविर लगाने की योजना है। सामान्य अस्पताल करनाल में 17 अक्तूबर से लेकर 21 अक्तूबर तक यह शिविर लगाया जायेगा। उन्होंने बताया कि बिना चीरा, बिना टांका तकनीक से विशाल पुरूष नसबंदी कैम्प लगाया जा रहा है। इस कैम्प में नसबंदी आपे्रशन करवाने वाले पुरूष को 1100 रुपये की प्रोत्साहन राशि मौके पर ही ही जायेगा। इसके अलावा आने जाने का किराया व दवाईयां मुफ्त उपलब्ध करवाई जायेगी। सिविल सर्जन ने बताया कि करनाल जिला पुरूष नसबंदी व एन.एस.वी. की सुविधा उपलब्ध करवाने में प्रदेश के अग्रणीय है। 
उप-सिविल सर्जन डाक्टर अनिता अग्रवाल ने अतिथिगणों का धन्यवाद किया तथ स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर पी.एम.ओ. डाक्टर योगेश शर्मा व उप-सिविल सर्जन डाक्टर अमर बजाज, उप-सिविल सर्जन डाक्टर एस.के.मित्तल, जिला कांग्रेस पार्टी के जिला शहरी कार्यवाहक अध्यक्ष अशोक खुराना,  हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रैस व सह-सचिव कंवल भसीन व स्वास्थ्य विभाग के अन्य चिकित्सा अधिकारी उपस्थित थे।    

अमित कुमार बने मि० घरौंडा


घरौंडा प्रवीन सोनी/तेजबीर 
एस आर एस जिम्म कल्ब में हल्का स्तरीय बाडी बिल्डिंग   प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
  प्रतियोगिता  का शुभारभ समाज सेवी अप्पु व हन्नी ने किया।   प्रतियोगिता  में हल्के के 40 बाडी विल्डरो ने हिस्से दारी कर अपनी प्रतिभा के जौहर दिखाए। अनेक युवाओं द्वारा रैम्प पर किए गए अपने शरीर के प्रदर्शन ने दर्शको की वाह-वाही लूटी। अन्त में कडी प्रति स्पर्घा के बीच अमीत कुमार को सर्व श्रेष्ट बाडी बिल्डर के खिताब से नवाजा गया। प्रतियोगिता में सोनू राठी दुसरे व सोनु पाल को तीसरा स्थान मिला 


बाडी बिल्डर विनोद, विक्रम, धीरज, अजय व विनीत ने भी सरहानीय प्रदर्शन  किया। 
प्रथम विजेता को शील्ड व 4100 रूपये की नकद राशि व अन्य विजेता को शील्ड देकर सम्मानित किया गया। 
        

कृषि विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत किसानो को कृषि उपकरण अनुदान राशि पर उपलब्ध करवाए जायेंगे


काम्बोज/अनेजा करनाल 
कृषि विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत जिला के किसानों को कृषि उपकरण अनुदान राशि पर उपलब्ध करवाए जायेंगे। कृषि उपकरण के लिए आवेदन करने वाले किसानों में से योग्य किसानों का चयन ड्रा द्वारा अतिरिक्त उपायुक्त करनाल एम.के. पांडुरंग की अध्यक्षता में अब 18 अक्तूबर को प्रात: 11 बजे उप-कृषि निदेशक कार्यालय करनाल में किया जायेगा। जबकि पहले यह ड्रा 17 अक्तूबर को होना था। 
यह जानकारी कृषि विभाग के उप-निदेशक डाक्टर देवेन्द्र सिंह मलिक ने दी। उन्होंने बताया कि जिले के किसानों को कृषि विभाग हरियाणा की विभिन्न योजनाओं के तहत वर्ष 2011-12 मेें 120 जीरो-ड्रिल, 75 स्ट्रारीपर, एक स्ट्राबेलर, 40 लैजर लैण्ड लैवलर, 4 पैडी ट्रासप्लांटर, 10 पावर वीडर/पावर टिलर, 5 रिपर बाईण्डर, 3 मल्चर, 10 सबसोयलर, 10 कल्टीवेटर, 100 ट्रैक्टर चालित स्प्रै पम्प तथा 5 रोटावेटर की खरीद पर 50 प्रतिशत या अधिकतम सरकार द्वारा निर्धारित (जो भी कम) अनुदान राशि प्रदान की जायेगी। 
उन्होंने बताया कि कृषि विभाग हरियाणा की विभिन्न योजनाओं के तहत उपरोक्त कृषि यन्त्रों के निर्धारित लक्ष्य में से 33 प्रतिशत अनुसुचित जाति व जनजाति/ महिला तथा छोटे व सीमान्त किसानों को अनुदान राशि का लाभ दिया जायेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन किसानों ने वर्ष 2005-06 के बाद भारत सरकार या हरियाणा सरकार द्वारा जिस किसी भी कृषि यन्त्र की खरीद पर अनुदान योजना का लाभ लिया है वे किसान दोबारा उसी कृषि यन्त्र पर अनुदान योजना का लाभ लेने के पात्र नही होगे। अधिक जानकारी के लिए उपकृषि निदेशक करनाल व सहायक कृषि अभियन्ता ऊचानी करनाल के कार्यालय में सम्पर्क कर सकते है।

ग्रामीण विकास नीति से प्रदेश का गांव बसताड़ा गांव प्रगति की ओर अग्रसर है।


काम्बोज/अनेजा करनाल 
सरकार की ग्रामीण विकास नीति से प्रदेश के गांव में शहरो जैसा माहौल बन रहा है तथा यहां शहरो जैसी सुविधाएं मिल रही है। राष्ट्रीय राजमार्ग नम्बर एक के तट पर बसा हुआ घरौंडा विकास खण्ड का बसताड़ा गांव प्रगति की ओर अग्रसर है। वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल के दौरान इस गांव में करीब 62 करोड़ रूपये की राशि के विकास कार्य पूरे हो चुके हैं तथा कुछ पर काम चल रहा है। लगभग 700 वर्ष पुराना बसताड़ा गांव आज विकास की दृष्टि से जिले के अग्रणी गावों में अपनी पहचान बनाए हुए है। इस गांव में शहर वाली वे सभी सुविधाए यहां के लोगों को राज्य सरकार ने मुहैया करवाई है जिनकी उम्मीद नही थी। यहां के लोगों का जीवन स्तर शहर की तर्ज पर है। गांव की प्रत्येक गली सीमेन्ट वं कंकरीट की बनी है। गांव में पेयजल की समुचित व्यवस्था है। राज्य सरकार की इन्दिरा गांधी पेयजल योजना के लागू होने से अनुसूचित जाति के सैकडों परिवारों को पेयजल सुविधा का लाभ मिला है। इस योजना के तहत इन परिवारों को पानी का कनैक्शन तथा 200 लीटर पानी की टंकी राज्य सरकार ने मुफ्त दी है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भी गांव  में चिकित्सा केन्द्र कार्यरत है। इसके अतिरिक्त गर्भवती महिलाओं को गांव में ही प्रसव सुविधा के लिए एक डिलीवरी हट कार्यरत है। सम्पूर्ण स्वच्छता की दृष्टि से भी गांव साफ सुथरा है तथा गांव के 99 प्रतिशत से अधिक घरों में निजि शौचालय बने हुए है। इसके अतिरिक्त शेष बचे घरों में भी शौचालय बनवाने के लिए पंचायत प्रयासरत है। 
  गांव के सरपंच राजेन्द्र सिंह ने एक बातचीत में कहा कि राज्य सरकार आज हर क्षेत्र में अच्छे कार्य कर रही है। महिलाओं के मान-सम्मान के लिए तो वर्तमान सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं। उन्होंने गांव में हुए विकास कार्यो का जिक्र करते हुए बताया कि उनके कार्यकाल में करोड़ो रूपए के विकास कार्य गांव में हो चुके हैं जिनमें लगभग 90 लाख रूपए की राशि से कंकरीट की गलियां, साढ़े 20 लाख रूपए की राशि से पीने के पानी के लिये गांव में दो टयूबवैल, लगभग पांच लाख रूपए की लागत से गन्दे पानी की निकासी के लिए नाले का निर्माण, साढ़े चार लाख रूपए की राशि से पीने के पानी के लिए गांव में छोटे टयूबवैल, 3 लाख रूपये खर्च करके गांव में बाल्मीकि चौपाल बनाई गई। उन्होंने कहा कि बच्चों के खेलने के लिए सरकार द्वारा करीब 45 लाख रूपये की लागत से 6 एकड़ जमीन में खेल स्टेडियम बनाया गया। उन्होंने बताया कि गांव में करीब 1 लाख 50 हजार की लागत से शमशान घाट की चार दिवारी बनाई गई तथा नरेगा स्कीम के तहत 2 लाख रूपये की लागत से जोहड़ की खुदाई की गई व गांव में नये प्लाटों में गली बनाने के लिये 2 लाख रूपये की मिट्टी डलवाई गई। उन्होंने बताया कि गांव में आंगनवाड़ी केन्द्र की बिल्डिंग बनाने पर एक लाख 50 हजार, स्कूल में रसोई बनाने पर 53 हजार, दोनो स्कूलों की चार दिवारी करने पर करीब एक लाख रूपये तथा गांव में महिला चोपाल जिसपर निर्माण कार्य चल रहा है 3 लाख रूपये खर्च किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि गांव में 16 एकड़ जमीन पर 220 के.वी का पावर हाऊस बनकर तैयार हो गया है। जिस पर करीब 60 करोड़ रूपये खर्च आया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने गांव में इतने विकास कार्य करवाएं इससे पहले इतने विकास कार्यों के लिये ग्रांट किसी भी सरकार ने नहीं भेजी परन्तु अब भी गांव में कुछ काम ऐसे है जो होने है जिसमें गांव में पानी की निकासी विशेष रूप से है। उन्होंने बताया कि गांव में 6 वर्ष से 14 वर्ष की आयु का कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर नहीं हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा क्षेत्र में गांव की अग्रणीय भूमिका है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गांव में स्वंय सहायता समूह बनवाए गए है। उन्होंने कहा कि यह गांव खेलों के मामले में भी प्रदेश में काफी प्रसिद्ध है।

डायरिया रोग के कारण सामान्य अस्पताल में एक वृद्ध महिला ने दम तोडा


असन्ध दीपक पंचाल 
      क्षेत्र में डायरिया रोग भयावाह रूप धारण करता जा रहा है। आज नगर के सामान्य अस्पताल में एक वृद्ध महिला ने दम तोड़ दिया जबकि शनिवार और आज एक बच्चे सहित दो की गम्भीर हालत को देखते हुए उन्हे करनाल रैफर करने का समाचार है। पिछले एक सप्ताह में दो बच्चों सहित इस बीमारी से मरने वालों की संख्या अब तीन हो गई है।
     प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका वार्ड 9 निवासी माया देवी को उल्टी व दस्त की शिकायत के चलते नगर के सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया जंहा उसकी मृत्यु हो गई। इससे पूर्व 13 अक्तूबर को वार्ड संख्या एक निवासी बच्ची मंजू व एक अन्य बच्चे अंकुश की डायरिया के चलते ही मौत हो गई थी। हालात यह हैं कि अभी भी सामान्य अस्पताल में डायरियां के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है। सामान्य अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों में भी डायरिया के मरीजों में काफी इजाफा हुआ है। 
      इस संबंध में कार्यकारी वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डा0 मुनीष गोयल ने बताया कि इस समय दो व सोमवार से कुल चार टीमें सर्वे करेगी। बताया गया कि पानी में डालने वाली गोलियां बाटी जा रही है। वाटर सप्लाई में क्लोरिनेशन बढ़ा दी गई है। सर्वे के दौरान कई मरीजों को अस्पताल लाया गया। पाईप लीकेज ठीक करवा दी गई है। उन्हें लोगों से अपील की कि डायरिया की शिकायत होने पर तुंरत सामान्य अस्पताल पहूंचे। 
           वहीं दुसरी ओर जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ अमित मुंजाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा चिन्हित सभी पाईप लीकेज को ठीक करवा दिया गया। नालियों व गंदे पानी से होकर गुजर रही पाईपों को हटाने के लिए उपभोक्ताओं को नोटिस जारी कर दिये गये है। बताया गया कि पाईप लाईन की लीकेज की जांच जोरों पर है और यदि कोई उपभोक्ता विभाग द्वारा दी जा रही गाईड लाईन को नही मानता तो उनका कनैक्शन काट दिया जाएगा।

Sunday, October 16, 2011

बेटे की कुंठित लालसा के चलते आज भी हजारों अजन्मी बच्चियों को कोख में ही कत्ल कर दिया जाता है

असन्ध दीपक पंचाल 
समाजसेवी मास्टर महीपाल दूहन ने कहा कि भारतीय संस्कृति में चाहे स्त्री को देवी का दर्जा दिया गया हो लेकिन आज की हकीकत कुछ ओर ही है। बेटे की कुंठित लालसा के चलते आज भी हजारों अजन्मी बच्चियों को कोख में ही कत्ल कर दिया जाता है।
    मास्टर महीपाल दूहन एवं समाजसेवी मास्टर जगदीश जौली पिछले एक वर्ष से कन्या भ्रुण हत्या के खिलाफ चलाए गए उनके अभियान के तहत आज असन्ध के टैक्सी स्टैंड पर टैक्सी चालकों को कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जागरूक करने आए थे। यहां आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होने कहा कि आज

समाज के प्रत्येक क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। संगीत के क्षेत्र में लता मंगेशकर हो यां आशा भौंसले,समाजसेवा में मदर टैरेसा की मिसाल है वहीं विज्ञान में अंतरिक्ष परी कल्पना चावला ने अपने देश का नाम रोशन किया। जंग-ऐ-आजादी की लड़ाई में रानी लक्ष्मीबाई ने दुश्मनों से लोहा लिया वहीं कस्तूरबा गांधी व यशोदा गोयल का गौरवमई इतिहास हमारे सामने है। उन्होने कहा कि आर्मी जाबांज जवान सैंपर शांति तिग्गा के शौर्य से कौन परिचित नही है। उन्होन कहा कि उपायुक्त करनाल ने जो कन्या भ्रुण हत्या के खिलाफ अभियान छेड़ा है उसे निश्चित ही पुरे देश में छेडऩे की जरूरत है। महीपाल दूहन एवं जगदीश जौली ने पत्रकारों को बताया कि वह निस्वार्थ भाव से प्रदेशभर में घूम-घूमकर कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ लोगों को जागरूक कर रहे हैं। उन्होने बताया कि हलांकि भारत में लिंगानुपात की स्थिति चिंताजनक है परन्तु प्रशासन की सख्ती और लोगों में जागरूकता का संचार होने से कन्या भ्रूण हत्या में कमी आई है जोकि एक शुभ संकेत है।

समाज कल्याण विभाग का कमाल सुहागिन को बनाया विधवा


घरौंडा प्रवीन /तेजबीर 
सुहागिन होते हुये भी समाज कल्याण विभाग ने एक विकंलाग महिला को विधवा बनाने का सनसनी खेज मामला प्रकाश में आया है। समाज कल्याण विभाग के इस कारनामे से महिला ने विभाग के अधिकारियों से काफी नराजगी जताते हुये कहा कि अधिकारियों को बार बार शिकायत करने के बाद भी इस गलती में सुधार नही किया है।  करवा चौथ पर्व पर  कृष्णा देवी व्रत रखकर अपने पति की लम्बी आयु के लिए कामना करेगी।   
पनौडी निवासी कृष्णा देवी के पति मंगत राम ने  बताया कि मेरी पत्नी  70 प्रतिशत विकलाग है और समाज कल्याण विभाग में विकंलाग पैंशन के लिए आवेदन किया था। लेकिन विभाग ने पहले तो मुझे ही मृतक घोषित करके मेरी पैंशन बंद कर दी और पिछले छह महीनो से पैंशन के लिए विभाग के चक्कर काट रहा हुँ लेकिन विभाग ने कोई सुनवाई नही की जिससे विभाग के प्रति गहरी नराजगी जताते हुये कहा कि समाज कल्याण विभाग ने नया कारनामा कर दिखाया कि विकंलाग की पैंशन के लिए किये गये आवेदन पर मेरी पत् िन कृष्णा देवी की पैंशन विधवा पैंशन बना दी जिससे करवा चौथ के पर्व पर कृष्णा देवी ने विभाग के अधिकारियों प्रति गहरा रोष प्रकट करते हुये कहा कि मैने ऐसी पैंशन की जरूरत नही जो सुहागिन होते हुये मुझे विधवा बना रही है। कृष्णा देवी ने कहा कि वही विभाग की गलती की सुधार के लिए अनेको बार विभागीय अधिकारियों व उच्च  अधिकारियों से शिकायत कर चुकी है लेकिन कोई कारवाई नही हुई।  उन्होने बताया कि मुझे विधवा पैंशन की बजाय विकंलाग पैंशन दी  जाये बेसक विकलाग की पैंशन पांच सौ रूपये हो।

Saturday, October 15, 2011

मेले में कंबोज एक्सपोर्ट ने स्टाल लगाकर मक्का लगाने के लिए प्रेरित किया।


कृषि मंत्री ने फसल बीमा योजना के तहत किसानों को साढ़े तीन करोड के चैक किए वितरित                             काम्बोज ,अनेजा करनाल: 
हरियाणा कृषि विभाग द्वारा कुरुक्षेत्र के बाबैन क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में सैंकड़ों किसानों ने भाग लिया।  कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा कृषि मंत्री परमवीर सिंह ने की। कार्यक्रम में एग्रीकल्चर विभाग डायरेक्टर अशोक यादव, फाईनेंशियल कमिश्रर रोशनलाल सैनी, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, कृषि विज्ञान केंद्र के विज्ञानिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में इंद्री के प्रगतिशील मक्का उत्पादक कंबोज एक्सपोर्ट के डायरेक्टर डा. शुभकरण कांबोज ने शिरकत की। मेले में कंबोज एक्सपोर्ट द्वारा मक्का के बीज का स्टाल लगाया गया जहां किसानों को मक्का की फसल उगाने के लिए प्रेरित किया।
            कृषि मंत्री ने कुरुक्षेत्र जिला के किसानों को फसल बीमा के तहत साढ़े तीन करोड़ रूपए के चैक वितरित किए। इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को फसल चक्कर में फे रबदल की जरूरत है। इसके लिए उन्होंने मक्का को धान का विकल्प बताया। उन्होंने कहा मक्का जीरी की अपेक्षा अच्छी पैदावार दे सकती है और इसमें आमदनी की संभावनाएं ज्यादा हैं। उन्होंने किसानों को धान के अवशेषों को न जलाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अवशेषों के जलाने से एक तो वातावरण प्रदूषित होता है। दूसरा किसानों के खेतों को भी नुकसान पहुंचता है। फानों की जड़ों में जो उर्वरक रह जाते हैं। वे आग के लगने से नष्ट हो जाते हैं। 
कार्यक्रम में कंबोज एक्सपोर्ट के निदेशक शुभकरण कांबोज ने कहा कि मक्का की फसल में एक तो पानी की कम जरूरत पड़ती है। दूसरा फसल में दूसरी फसलों की उपेक्षा कम उर्वरक की कम जरूरत पड़ती है। इससे पैदावार में कम खर्चा आता है। किसान भाई प्रति एकड़ 25 से 30 क्विंटल तक की पैदावार ले सकते हैं। मक्का की एचक्यूपीएम-वन किस्म में पोषक तत्वों की भरमार है। इसके सेवन से कुपोषण की समस्या, दूध पिलाने वाली महिलाओं में होने वाली कमी को दूर किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त बच्चों के विकास में मक्का अति उपयोगी है। इस फसल को साल में खरीफ, सर्दी एवं बसंत ऋतु में लगाया जा सकता है। इस फसल की पैदावार को खरीदनें के लिए देश में कई उद्योग लगेे हुए हैं। जोकि किसानों द्वारा उत्पादित सारी पैदावार को खरीद लेते हैं। सरकार द्वारा भी समय-समय पर किसानों को इस फसल की विक सित फसलों की जानकारी दी जाती है। उन्होंने किसानों को मक्का की एचक्यूपीएम-वन फसल लगाने के लिए उत्साहित किया और कहा कि  कंबोज एक्सपोर्ट शीघ्र ही फूड इंडस्ट्री लगाने जा रहा है। जिसमें मक्का से संबंधित उत्पाद बनाएं जाएंगे। 

उन्होंने कहा कि मक्का से बने उत्पादों की आज बाजार में बड़ी मांग है और यह खाने में भी पोष्टिक एवं स्वादिष्ट है। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि कंबोज फू डज किसानों द्वारा की गई मक्का की सारी पैदावार 1250 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से खरीदेगा। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे।  कंबोज एक्सपोर्ट ने किसानों को मक्का का बीज भी उपलब्ध कराने का वायदा किया। इस बात से किसान बहुत प्रभावित हुए। क्योंकि वहां उपस्थित ज्यादातर किसान मक्का की फसल बेचने को लेकर चिंतित थे। कंबोज एक्सपोर्ट के प्रेरित करने पर किसान मक्का की फ सल लगाने के लिए तैयार हो गए।

गांवों के चहूमुखी विकास के बिना प्रदेश और देश के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती:जगन्नाथ पहडिय़ा


काम्बोज /अनेजा नीलोखेडी/करनाल  
हरियाणा देश का वह अग्रणी राज्य है जो पंचायती  राज संस्थाओं के माध्यम से विकास की गति को तेज कर रहा है। हरियाणा में पंचायती राज संस्थाओं पर पूरा भरोसा और विश्वास रखते हुए उन्हें बड़ी प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां दी गई है और वे भी अपनी कुशलता का परिचय देते हुए ग्रामीण विकास की कसौटी पर खरी उत्तरी है। ये उदगार हरियाणा के राज्यपाल श्री जगन्नाथ पहडिय़ा ने  हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान, नीलोखेडी में ग्राम विकास में पंचायतों का योगदान विषय पर आयोजित गोष्ठी में बोलतें हुए व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि गांवों के चहूमुखी विकास के बिना प्रदेश और देश के विकास की कल्पना नहीं की जा सकी लेकिन यह विकास इसमें आम आदमी की भागीदारी से ही सम्भव है। जब आम आदमी विकास में भागीदार होगा तो हाशिए पर पड़े देश के आखिरी आदमी तक हमारी योजनाओं का लाभ पहुंचेगा।
राज्यपाल ने कहा कि पंचायतों को हमारी प्रजातन्त्र का प्रणली का मुल आधार माना जाता है। इसलिए गांधी जी पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत बनाने के पक्षधर थे और उन्होंने ग्रामस्वराज की परिकल्पना की थी। उन्होंने कहा कि इस समय  हम देश में विकेंद्रीकरण पर जोर दे रहे है। जिसका उदेश्य शहरों और गांवों के स्तर पर वहां की जरूरतों की पहचान करके और वहां की प्राथमिकता को तय करके विकास के कामों की योजना बनाना है। इन योजनाओं को बनाने में पंचायतें अधिक कारगर भूमिका निभा सकती है। क्योंकि उन्हें व्यवहारिक रूप से पता होता है कि कहां, कितने और कैसे विकास की जरूरत है। इसलिए ग्राम पंचायतों की गांव के विकास व निर्माण में वहीं भूमिका है जो फसल तैयार करने में किसान की होती है। उन्होंने कहा कि गांव और पंचायत एक दूसरे के पर्याय  है जहां गांव है वहां पंचायत भी अवश्य विद्यमान है और पंचायत के बिना गांव का भी कोई अस्तित्व नहीं है। 


हरियाणा में पंचायत राज संस्थाओं की दी गई शक्तियों की सहराना करतें हुए राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य है जिसने इन संस्थाओं को 10 प्रमुख विभागों का काम सौंपा हुआ है। उन्होंने खुशी प्रक ट की कि अब विकास कार्य के लिए ग्रांट की राशि सीधे ही पंचायतों के खातों में जमा करवाई जाती है और पंचायत समिति को हर साल विकास कार्य के लिए 50 लाख रूपये की ग्रांट दी जाती है। उन्होंने कहा कि ग्राम विकास की सभी योजनाएं अब पंचायतों के माध्यम से चल रही है। इनमें महात्मा गांधी राष्टीय ग्रामीण रोजगार गांरटी योजना, महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना, इन्दिरा आवास योजना, स्र्वण जंयती रोजगार योजना, ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम इत्यादि योजनाएं शामिल है।इससे पहले हरियाणा के मुख्य संसदीय सचिव श्री धर्मबीर ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमें विकास की योजना तैयार करने से पहले ग्राम सभा के माध्यम से गांववासियों से पूछना चाहिए कि उन्हें किस कार्य को प्राथमिकता देनी है। उन्होंने कहा कि पुराने जमाने की पंचायत प्रणाली बहुत कारगर और मजबूत थी। जब गांव की ज्यादातर समस्याओं, विवादों और विकास की जरूरतों को गांव के स्तर पर ही निपटा लिया जाता था। अब भी पंचायती राज को मजबूत करके हम वर्तमान समय की सभी बुराईयों को दूर कर सक ते है।
भारतीय प्रशासनिक संस्था में हरियाणा क्षेत्र के चेयरमेन एम.सी गुप्ता ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम गांव और शहर को एक दृष्टि से देेखे और उनके लिए समेकित विकास योजनाएं तैयार करे। उन्होंने कहा कि अब शहरों ने गांवों को निगल लिया है तथा गांव शहरों में आ गया है। इसलिए दोनों के बीच भेदभाव न करके क्षेत्रीय विकास व सामूहिक विकास की परिकल्पना पर जोर दिया जाये। 
विकास एवं पंचायत विभाग के वितायुक्त रोशन लाल ने हरियाणा में पंचायती राज संस्थाओं को दिये गये वितीय व प्रशासनिक अधिकारों के बारें में विस्तार से बताया। भारतीय प्रशासनिक संस्थान नई दिल्ली के प्रोफेसर वी.एन आलोक ने अपना शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए पंचायतों के इतिहास और विभिन्न युगों में उनकी स्थित के बारें में विस्तार से बताया। उन्होंने वर्तमान समय में पंचायतों की दशा का भी विश्लेषन किया और पंचायतों के सशक्तिकरण के लिए सुझाव रखे। उन्होंने ग्राम सभाओं को अधिक सक्रिय करने पर जोर दिया। 
गोष्ठी में जिला परिषद करनाल के चेयरमेन अंग्रेज सिंह धूमसी, पंचायत समिति के सदस्य बलदेव और अरजाहेडी गांव के सरपंच जयसिंह ने भी अपने विचार रखे। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान, नीलोखेडी के निदेशक डाक्टर सूरत सिंह ने सभी अतिथियों और वक्ताओं का धन्यवाद किया।
इस अवसर पर लेडी गर्वनर श्रीमती शान्ति  पहाडिया, राज्यपाल के सचिव महेन्द्रक कुमार, पंचायत विभाग के निदेशक श्री आनन्द मोहन शरण, करनाल रेज के आई.जी ए.के ढूल, उपायुक्त नीलम प्रदीप कासनी, पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार आर्य, पूर्व राज्य मंत्री श्रीमती मीना मंडल, श्रम विभाग के चेयरमेन रामस्वरूप जांबाज, अनेक सरपंच, पंच व पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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करनाल में ऐसा गाँव जहां करवा चौथ नहीं मनाया जाता ! गाँव कतलाहेडी में हजारों सालों से करवा चौथ का व्रत नहीं रखती हैं महिलाये !


सुरेश अनेजा करनाल 
 आज हमारा देश चाहे  बुलंदियों को छू रहा है साइंस विज्ञान ने तरक्की चाहे कितनी भी कर ली है फिर भी हमारे समाज में अंध विश्वास को नहीं दूर किया जा सका है । आज भी हमारे समाज में कई मान्यताओं के चलते कई त्यौहार व रीति रिवाज पुराने तरीकों पर ही चल रहे हैं ! ऐसा ही एक अंध विश्वास  या डर  के चलते करनाल के गाँव कतलाहेडी में महिलाएं करवा चौथ का व्रत नहीं रखती हैं ! और इस परम्परा को आज काफी साल हो गए हैं कि महिलाएं करवा चौथ को अपने पति की लम्बी उमर के लिए यह व्रत नहीं रख सकती हैं ।
 गाँव के बुजुर्गों का कहना है की यहाँ पर एक महिला ने करवा चौथ के दिन अपने पति की मौत के बाद सती हो गई थी उसने  करवा चौथ का व्रत रखा हुआ था , करवा चौथ के दिन ही उसके पति की मौत हुई थी ! जिस के कारण उस महिला ने गाँव में करवा चौथ का व्रत न रखने की हिदायत दी थी जिस को आज तक गाँव वाले लोग व महिलाये मानते चले आ रहे हैं ! जबकि उस महिला को मरे हुए काफी साल हो चुके हैं फिर भी महिलाएं  किसी अनहोनी के डर से यह व्रत नहीं रखती हैं ! महिलाओं में इस बात का डर भी है की वह अगर व्रत रखेंगी तो उनके पति या बच्चों को कुछ हो जायेगा जिस के कारण वह दिल करते हुए भी व्रत नहीं रखती हैं ! मन में इस चाहत को दबाये रखना उनकी मजबूरी है क्योंकि उनके बुजुर्ग भी नहीं इस परम्परा को तोडऩे देते ! बड़े बुजुर्गों का व अंध विश्वास का डर उनको कचोट ता रहता है ।
  गाँव की ममतेश का कहना है की उसे इस गाँव में शादी कराए काफी साल हो गए हैं आज तक उसने करवा चौथ का व्रत नहीं रखा है उसका दिल भी करता है फिर भी वह अपने पति की लम्बी उम्र के लिए व्रत नहीं रख सकती ! गाँव की बड़ी बुजुर्ग महिलाये भी उनको इस व्रत का डर व कुछ हो जाने की बात कह मना कर  देती हैं !  

17 को फसल बीमा योजना का विरोध समौरा पैक्स पर


इन्द्री कम्बोज 
भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किए जा रहे राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना के विरोध के चलते 17 अक्तूबर को समौरा पैक्स पर सैंकडों किसान जोरदार सांकेतिक धरना व प्रर्दशन करेगें। यह जानकारी देते हुए किसान भाकियू जिला उपाध्यक्ष जसमेर सिंह     कमालपुर ने बताया कि  समौरा पैक्स पर किए जाने वाले प्रर्दशन में समौरा, बीबीपुर जांटान, कमालपुर रोडान, खेडी मानसिंह व गोरगढ़ के किसान व भाकियू पदाधिकारी शामिल होकर बीमा योजना के विरोध में उठाई जा रही आवाज को बुलंद करेगें। उन्होंने बताया कि धरना व प्रर्दशन भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रतनमान के  नेत्तृव में   किया जाएगा।

कब्बडी व वालीबाल में दिखाई खिलाडिय़ों ने प्रतिभा


हथलाना में हुआ राज्यस्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन
करनाल 
गांव हथलाना में छठी तीन दिवसीय राजेश एवं प्रवीण मैमोरियल सर्कल कब्बडी  एवं वालीबाल प्रतियोगिता में कब्बडी व वालीबाल में रौचक मुकाबले देखने को मिले। युवा शक्ति कलब की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अग्रवाल महासभा ब्लाकाध्यक्ष धर्मपाल गुप्ता, एडवोकेट वेदपाल व अजीतसिंह संधु ने विशेष तौर पर शिरकत कर खिलाडिय़ों का उत्साहवर्धन किया। इस प्रतियोगिता के 64 किलोग्राम भार वर्ग में प्रदेशभर की 65 टीमें भाग ले रही है और ओपन वर्ग के मुकाबले 16 अक्तूबर को करवाए जाएंगे। जिसमें हरियाणा के अलावा पंजाब, राजस्थान, यूपी व चंडीगढ़ केखिलाड़ी खेलप्रेमियों का मनोरजंन करेंगे। इस अवसर पर कलब के  प्रधान मलखान मंजूरा, पूर्व प्रधान बलवान सिंह, अंतरराष्ट्रीय कब्बडी  कोच सतबीर शर्मा देबन, ग्राम सरपंच रणधीर सिंह, कल्ब उपप्रधान सतीश टाया,कैशियर महेंद्र सिंह,डाक्टर इंद्र सिंह, डाक्टर रोशन, मास्टर मेवा सिंह, राम कुमार, प्रेम सिंह फौजी, सुभाष चंद्र, ईशवर सिंह पप्पी, सतबीर सिंह, सुबे सिंह, बलवान सिंह, पहलवान महावीर सिंह, संदीप सिंह, जयबीर सिंह, पहलवान रणबीर सिंह काला मुख्य तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाई।

कब्बडी  में ये हुए मुकाबले
प्रतियोगिता में 64 किलोग्राम भार वर्ग में मंजूरा ने बैडसाल, नंदकरण माजरा ने जाणी, गंगाटेहड़ी ने बुच्ची, पबनावा ने पुंडरी, हथलाना ने देरड़ू, भैणीखुर्द ने पौपड़ा, नंदकरण माजरा ने शामगढ़, जाणी ने संगरौली, गंगाटेहड़ी ने फूलोगढ़ी, पुंडरी ने मोहड़ी, सिरसल ने माजरा रेहड़ा, क्योडक़ ने झिंझाड़ी, शामण पुट्टी ने कतलाहेड़ी ए, डडवाणा ने ढींग, जबाला ने पुंडरक, कुटेल न मूंड, बैडसाल ने ठयौंठा, पौपड़ा ने ब्रास, भैणीखुर्द ने मोलूखेड़ा, बलाना पानीपत ने जाणी को रौचक मुकाबलों में हरा दिया। इसके साथ ही बालू ने तितरम, दादूपुर कलां ने औंगध, मुकमपुर ने धनौरी, मठखेड़ा सांच ने संडीर, कतलाहेड़ी बी ने मदूद की टीम को हराकर अपनी धाक जमा दी। मैच निर्णायक डीपीई सुलेंद्र सिंह, डीपीई राजेद्र सिंह, गुलाबसिंह, पहलवान महाबीर सिंह व पालाराम ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। 
वालीबाल में भी हुए रौचक मुकाबले


प्रतियोगिता के वालीबाल मुकाबलों में चोरकारसा ने गुनियाना को 14-16, 15-12, 15-6 से हरा दिया। गोंदर ने मंजूरा को 15-10, 15-10 से हराया व बरानी ने भैणी   को 15-13, 12-15, 15-11 के कड़े मुकाबले में शिकस्त दी। मैच में निर्णायक मंडल की भूमिका रणबीर पिल्ले, चरणसिंह राणा, कर्मबीर पुंडरी, सुभाष हथलाना, रणबीर काला, विनोद कुमार, सुरेश जबाला ने निभाई। 
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मोटरसाईकिल सवार युवक की मौत, पत्नी घायल
करनाल 
जुंडला कस्बे से करीब चार किलोमीटर दूर करनाल-असंध मुख्य मार्ग पर चिढ़ाव गांव के समीप एक झोटा-बुग्गी के साथ मोटरसाईकिल टकराने से दादूपुर रोड़ान गांव निवासी सोनू की मौत हो गई जबकि उसके साथ बैठी उसकी पत्नी भी घायल हो गई। घटना के बाद मुख्य मार्ग पर जाम लग गया और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। घटना की सूचना मिलने पर सदर पुलिस मौके पर पहुंची और दुघर्टनाग्रसित दंपति को करनाल अस्पताल पहुंचाया। जहां पर सोनू को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सदर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। 
जानकारी के अनुसार दादूपुर रोड़ान निवासी सोनू अपनी पत्नी के साथ मोटरसाईकिल पर सवार होकर करनाल से अपने घर वापिस लौट रहा था। चिढ़ाव गांव के समीप सडक़ पर जा रही एक झोटा-बुग्गी के साथ उसकी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बुग्गी भी खाई में जा गिरी। इस घटना में सोनू की मौत हो गई। दुघर्टना की बात सुनकर सोनू के परिजन भी मौके पर पहुंंचे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजलों को सौंप दिया है और मामला दर्ज करके छानबीन शुरु कर दी है।
कस्बे से करीब चार किलोमीटर दूर करनाल-असंध मुख्य मार्ग पर चिढ़ाव गांव के समीप एक झोटा-बुग्गी के साथ मोटरसाईकिल टकराने से दादूपुर रोड़ान गांव निवासी सोनू की मौत हो गई जबकि उसके साथ बैठी उसकी पत्नी भी घायल हो गई। घटना के बाद मुख्य मार्ग पर जाम लग गया और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। घटना की सूचना मिलने पर सदर पुलिस मौके पर पहुंची और दुघर्टनाग्रसित दंपति को करनाल अस्पताल पहुंचाया। जहां पर सोनू को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सदर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। 
जानकारी के अनुसार दादूपुर रोड़ान निवासी सोनू अपनी पत्नी के साथ मोटरसाईकिल पर सवार होकर करनाल से अपने घर वापिस लौट रहा था। चिढ़ाव गांव के समीप सडक़ पर जा रही एक झोटा-बुग्गी के साथ उसकी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बुग्गी भी खाई में जा गिरी। इस घटना में सोनू की मौत हो गई। दुघर्टना की बात सुनकर सोनू के परिजन भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजलों को सौंप दिया है और मामला दर्ज करके छानबीन शुरु कर दी है।

अधूरे कार्य को अधिकारी एक सप्ताह तक पूरा करें, नही तो होगी कार्यवाही




काम्बोज/अनेजा करनाल 
उपायुक्त श्रीमती नीलम प्रदीप कासनी ने विकास से जुड़े अधिकारियों को कहा कि वे जो अधूरे कार्य हैं उनको एक सप्ताह तक पूरा करें और पूरे हुए विकास कार्यो की रिपोर्ट तुरंत भेजे। उन्होंने ऐसा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की चेतावनी भी दी। 
उपायुक्त आज लघु सचिवालय के सभागार में पंचायती राज संस्थाओं से जुड़े अधिकारियों के साथ जिले में चल रहे विकास कार्यो की समीक्षा कर रही थी। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि वे ग्रामीण स्तर से जिला स्तर पर अपनी शिकायत लेकर आते हैं यह सरासर खंड स्तर के अधिकारियों की लापरवाही है यदि शिकायतकर्ता के कार्य का समाधान लोकल स्तर पर ही हो जाए तो उसे जिला स्तर पर किसी को आना नहीं पड़ेगा और वहीं ग्रामीणों का लोकल स्तर के अधिकारियों पर विश्वास बढ़ेगा। उपायुक्त ने समीक्षा के दौरान पूछा कि जिले के कितने गांवों मे 100-100 गज के प्लाटों की रजिस्टरी हो चुकी है। इस पर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी सी.एस.दलाल ने बताया कि जिले के 330 गांवों में प्लाट देने के लिए जगह है इसमें से 261 गांवों में रजिस्टरी करवाई जा चुकी है। उनहोंने कहा जिले में  करीब 82 गांवों में जगह की उपलब्धता न होने के कारण वहां रजिस्टरी नहीं करवाई गई है और 37 गांवों का मामला कोर्ट में विचाराधीन है तथा 21 गांव ऐसे हैं जिनमें थोड़ा बहुत मनमुटाव है जो लोकल स्तर पर निपटाया जा सकता है। उन्होंने कहा शीघ्र ही ऐसे गांवों के केसों को निपटाकर उनकी रजिस्टरी करवाई जायेगी। 
उपायुक्त ने कहा कि जिन गांवों में रजिस्टरी हो चुकी है वहां पर 100-100 गज के प्लाटों पर जो सुविधाएं देनी है उन पर कार्य किया जाए। उन्होंने पंचायती राज संस्था के कार्यकारी अभियंता के.एस.श्योराण से कहा कि वे जिले में चल रहे विकास कार्यो को शीघ्र पूरा करवाएं तथा जिले में खंड स्तर पर राजीव गांधी सेवा केन्द्र बनाए जा रहे हैं जिन केन्द्रों का कार्य पूरा हो गया है उनका शीघ्र उदघाटन करवाया जाए। उन्होंने कहा अधिकारी किसी कार्य को पूरा करने में कोताही न बरते और समय पर कार्यालय में आए और कार्य पूरा करने पर ही कार्यालय छोड़े। उन्होंने एम.पी.लैंड के द्वारा किए जाने वाले कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि इस योजना के तहत जो कार्य किया जाना है उसकी दूसरी किस्त के लिए आवेदन करे। यदि किसी कार्य को करने में बाधा आती है तो उसकी लिखित जानकारी देकर  उस कार्य के लिए भेजी गई राशि को वापिस लिया जाए। 
अतिरिक्त उपायुक्त एम.के.पांडुरंग ने बैठक में कहा कि जिले में स्वच्छता उत्सव चल रहा है। इस उत्सव को बढ़-चढक़र मनाने के लिए अधिकारी पूरा सहयोग करे। वे गांव-गांव जाकर लोगों को सफाई के बारे में जानकारी दें। उन्होंने कहा इसके अतिरिक्त बी.पी.एल. का पुनरीक्षण किया जा रहा है। इस सर्वे में हर कार्य ईमानदारी से हो यह भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा एक अक्तूबर से एक नवम्बर तक बूथ स्तर पर नई वोट बनाई जा रही है। अधिकारियों को चाहिए कि वे इसका औचक निरीक्षण करें। 


उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिले में डीएपी खाद की बिक्री में कोई धांधली न हो
करनाल 
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि जिले में डीएपी खाद की बिक्री में कोई धांधली न हो तथा किसानों को गेहूं की बुआई से पहले डीएपी खाद दिया जाए ताकि किसान समय रहते अपने गेहूं की बुआई कर सके। 
उपायुक्त आज लघु सचिवालय के सभागार में कृषि, सहकारी बैंक व हैफेड के अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि प्राय: देखने में आता है कि गेहूं के सीजन में लोग डीएपी खाद की कालाबाजारी करने लग जाते हैं। इस कालाबाजारी के दौरान गरीब किसानों को खाद नहीं मिलती। जिसके कारण उनकी बुआई में देरी हो जाती है। उन्होंने कहा कि अपैक्स बैंकों के माध्यम से किसानों को जो खाद दी जाती है उसमें नकली किसान भी खाद ले लेते हैं जो बाद में उसकी काला बाजारी करते हैं। उन्होंने सहकारी बैंक  प्रबंध निदेशक सतीश रोहिल्ला को निर्देश दिये कि वे एक एकड़ से 5 एकड़ के जमींदार को पुरानी दर 600 रुपये, 5 से 7 एकड़ के जमींदार को 760 रुपये तथा इससे बड़े जमींदार को नये रेट के आधार पर खाद का कटटा दें। उन्होंने कहा किसानों को कम से कम 5 कटटे खाद के जरूर मिले। 
उपायुक्त ने कहा कि पिछले वर्ष जिले में 10 हजार डीएपी खाद के कटटे थे, परन्तु इस बार किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इनकी संख्या बढ़ा दी गई है। किसी भी किसान को खाद की कमी नहीं रहने दी जायेगी। उन्होंने उपमंडलाधीश करनाल मुकुल कुमार को कहा कि खाद की काला बाजारी न हो इसके लिए यू.पी. को जाने वाली सडक़ पर निगरानी रखे और समय-समय पर उसका औचक निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि खाद की काला बाजारी यूपी के रास्ते से होने की बार-बार शिकायत मिल रही है। 
इस अवसर पर असंध के उपमंडलाधीश आर.के.सिंह, उप-कृषि निदेशक देवेन्द्र मलिक, नीलोखेड़ी के तहसीलदार इन्द्र सिंह उपस्थित थे। 
जिला में तैनात 19 डयूटी मेजिस्ट्रेट पटाखा फैक्ट्रियों, स्टोर, बिक्री केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं 
करनाल 
उपायुक्त श्रीमती नीलम प्रदीप कासनी के निर्देश पर जिला में तैनात 19 डयूटी मेजिस्ट्रेट पटाखा फैक्ट्रियों, स्टोर, बिक्री केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं ताकि किसी भी स्थान पर कोई अप्रिय घटना घटित ना हो। 
उपमंडलाधीश करनाल मुकुल कुमार ने आज हांसी रोड, शिव कालोनी व शहर के अन्य स्थानों पर पहुंचकर छापे मारे। इन छापों के दौरान कोई भी विवादित सामग्री नहीं मिली। फिर भी निरीक्षण का कार्य जारी है। टीमों द्वारा लोगों की शिकायतों पर घरों तक अवैध पटाखा सामग्री की जांच के लिए औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा इतना ही नहीं दीपावली के त्यौहार को देखते हुए सिविल सर्जन शिव कुमार की टीम भी शहर की मिठाईयों की दुकान पर अपनी नजर बनाए हुए है। उन्होंने लोगों से अपील की कि त्यौहार के दौरान मिठाई व पटाखों का कम से कम प्रयोग करें। त्यौहारों की मिठाई स्वास्थ्य के अनुकुल नहीं होती। 
उन्होंने कहा कि इन टीमों के क्षेत्र बांटे गए हैं जिनमें पुलिस स्टेशन सिटी करनाल के क्षेत्र के लिए करनाल के नायब तहसीलदार व निसिंग के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी डयूटी मेजिस्ट्रेट होंगे। इसी प्रकार पुलिस स्टेशन सिविल लाईन करनाल के लिए करनाल के तहसीलदार व नीलोखेड़ी के  खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, पुलिस स्टेशन सदर करनाल क्षेत्र के लिए करनाल के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी,  पुलिस स्टेशन बुटाना क्षेत्र के लिए नीलोखेड़ी के तहसीलदार व निगदू के नायब तहसीलदार, पुलिस स्टेशन इंद्री क्षेत्र के लिए नीलोखेड़ी के तहसीलदार व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी इन्द्री को डयूटी मेजिस्ट्रेट बनाया गया है। 
इसी प्रकार पुलिस स्टेशन कुंजपुरा क्षेत्र के लिए नायब तहसीलदार इन्द्री, पुलिस स्टेशन घरौंडा क्षेत्र के लिए घरौंडा के तहसीलदार व खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी घरौंडा, पुलिस स्टेशन मधुबन क्षेत्र के लिए असंध के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी व नायब तहसीलदार घरौंडा, पुलिस स्टेशन निसिंग क्षेत्र के लिए असंध व निसिंग के नायब तहसीलदारों को तथा पुलिस स्टेशन असंध क्षेत्र के लिए तहसीलदार असंध व नायब तहसीलदार बल्ला को डयूटी मेजिस्ट्रेट बनाया गया है। 
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मण्डियों में गत दिवस तक 3 लाख 37 हजार 444 मीट्रिक  टन धान की आवक हो चुकी है 
करनाल
जिला की विभिन्न मण्डियों में गत दिवस तक 3 लाख 37 हजार 444 मीट्रिक  टन धान की आवक हो चुकी है जिसमें  ग्रेड ए 3 लाख 27 हजार 528 मीट्रिक टन,  सरबती 4 हजार 392 मीट्रिक टन तथा मुच्छल 2 हजार 202 मीट्रिक टन, बासमती 3 हजार 160 मीट्रिक टन व सामान्य 160 मीट्रिक टन धान शामिल है।
इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए उपायुक्त नीलम प्रदीप कासनी ने बताया कि जिला की विभिन्न मण्डियों में गत दिवस तक की आवक में से सरकारी एजैन्सी खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा एक लाख 43 हजार 512 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा एक लाख 17 हजार 255 मीट्रिक टन, एग्रो द्वारा 39 हजार 236 मीट्रिक टन, हरियाणा वेयर हाऊसिंग कार्पोशन द्वारा 16 हजार 715 मीट्रिक टन तथा कान्फेड द्वारा  3 हजार 982 मीट्रिक टन और मिलर्स व डीलर्स द्वारा 16 हजार 744 मीट्रिक टन धान, सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर खरीदी गई है। 
उपायुक्त ने जिला की विभिन्न मण्डियों में अब तक की आवक के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि असन्ध मण्डी में 28 हजार 385 मीट्रिक टन,  घरौंडा मण्डी मेें 26 हजार 255 मीट्रिक टन, इन्द्री मण्डी में 43 हजार 826 मीट्रिक टन, जुण्डला मण्डी में 20 हजार 350 मीट्रिक टन, करनाल मण्डी में  एक लाख 14 हजार 643 मीट्रिक टन, कुंजपुरा में 19 हजार 287 मीट्रिक टन, नीलोखेड़ी मण्डी में 3 हजार 334 मीट्रिक टन, निसिंग में 33 हजार 446 मीट्रिक टन, निगदू मण्डी में 4 हजार 748 मीट्रिक टन, बल्ला मण्डी में 10 हजार 895 मीट्रिक टन, घीड़  मण्डी में 5 हजार 996 मीट्रिक टन , तरावड़ी मण्डी में 23 हजार 841 मीट्रिक टन व ब्याना मंडी में 2 हजार 438 मीट्रिक टन  धान की आवक हुई है। जिसे सरकारी खरीद एजैन्सियों तथा मिलर्स व डीलर्स द्वारा खरीदा जा रहा है। 
उपायुक्त नीलम प्रदीप कासनी  ने जिला के किसानो से अपील की है कि वे नमीयुक्त धान को मण्डियों में लेकर नहीं आए बल्कि उसे सुखाकर व साफ करके लाए ताकि उन्हें उनकी फसल बेचने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। उन्होने यह भी अनुरोध किया कि किसान मंडियों में ओवरलोडिंग वाहन न लेकर आएं केवल ट्रैक्टर-ट्राली में उतना ही धान भरे जितनी उसकी क्षमता हो। ओवरलोडिंग वाहन से किसी भी अप्रिय घटना के घटित होने की संभावना बढ़ जाती है।