करनाल विजय काम्बोज
शहरी विधानसभा क्षेत्र करनाल का काछवा गांव आज से हरियाणा प्रदेश का ऐसा पहला गांव हो गया है जहां ग्रामीण विद्युत फीडर को शहरी फीडर से जोड़ा गया है। इस क्षेत्र की विधायक श्रीमती सुमिता सिंह ने आज गांव में जाकर वहां स्थित पावर हाऊस से बटन दबाकर विधिवत इसकी शुरूआत की। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम की स्कीम के अनुसार जो पंचायत अपने खर्चे पर ग्रामीण सप्लाई को शहर की तर्ज पर प्राप्त करना चाहती है, वह यह सुविधा ले सकती है और प्रदेश के सबसे पहले गांव काछवा के युवा सरपंच डा0 चंद्रमणी नारंग ने पंचायती कोष से 25 लाख रुपये से भी अधिक की राशि खर्च करके इस उपलब्धि को हासिल करने की पहल की। इस सुविधा से काछवा गांव को शहरी फीडर से प्रतिदिन सप्लाई होने वाली 18 से 20 घंटे की निर्बाध विद्युत सप्लाई मिलेगी। परिणाम स्वरूप गांव में रहने वाले लोगों का जीवन स्तर और अधिक अच्छा होगा और वे बिजली पर आधारित अपने सभी कार्योे को आसानी से करने में सभंव होंगे। इस अवसर पर गांव में एक बड़ी जनसभा को सम्बोधित करते हुए विधायक ने युवा सरपंच के प्रयासों की सराहना करते हुए गांव वासियों को नई सुविधा की बधाई दी और उन्हें बताया कि इस सुविधा को मूर्तरूप देने के लिये मैंने चंडीगढ़ स्तर पर बिजली निगम के अधिकारियों के साथ खूब मशक्कत की है। उन्होंने आज के दिन को काछवा गांव के लोगों के लिये ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि इस उपलब्धि से काछवा एक मॉडल गांव के रूप में विकसित होगा। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि हरियाणा सरकार और वर्तमान मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुडडा की सोच है कि गांव में रहने वाले लोगों को शहरों की तर्ज पर सुविधाएं मिलें। इससे गांव के लोग शहरों की ओर पलायन नहीं करेंगे और उनका जीवन स्तर अच्छा होगा। विधायक ने ग्रामीणों की मांग पर उन्हें बताया कि गांवों में करीब डेढ़ दर्जन गलियों को सी.सी. बनाने के कार्य के अनुमान तैयार हो गये हैं। इसी प्रकार निर्मल गांव बस्ती योजना के तहत इसी गांव को 25 लाख रुपये की राशि का अनुदान भी आ गया है जबकि विद्यालय के अंदर आंगनवाड़ी व निकटवर्ती रायफार्म में भी आंगनवाडी के लिये 5-5 लाख रुपये की राशि के हिसाब से अनुदान आ गया है। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि गांव के बस स्टैंड व सहकारी स्टोर के पास सुलभ शौचालय बनाए जायेंगे। अनुसूचित जाति के सामुदायिक केन्द्र के लिये 4 लाख रुपये का अनुदान दिया गया है। ग्रामीणों से विधायक का कहना था कि वे इन कार्यो में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता की जांच स्वयं करे तथा केन्द्र सरकार की 100 दिन के रोजगार की गारंटी देने वाली नरेगा स्कीम के तहत भी अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने महिलाओं की मांग पर गांव से शराब के सभी अवैध खुर्दे हटाने के लिये महिलाओं को निडर होकर सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही और कहा कि समाज सुधार के कार्य में वे स्वयं महिलाओं को सहयोग देने के लिये तैयार है। उन्होंने ग्रामीणों से यह भी कहा कि वे दहेज जैसी सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिये दहेज न लेने व न देने का संकल्प लें। लडक़ी का विवाह 18 वर्ष की बजाए 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर ही करें। विधायक ने ग्रामीणों की मांग पर काछवा गांव के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में गणित प्राध्यापक की व्यवस्था करने के लिये विद्यार्थियों की संख्या जिला शिक्षा अधिकारी को बताने की बात कही।श्रीमती सुमिता सिंह ने इस अवसर पर गांव की 5 महिलाओं को इंदिरा आवास योजना के तहत द्वितीय किस्त 20-20 हजार रुपये के मकान अनुदान के चैक वितरित किये। उन्होंने बताया कि 8 अन्य महिलाओं को भी द्वितीय किस्त की अनुदान राशि मिलेगी। इससे पूर्व सरपंच सी.एम. नारंग ने विधायक का स्वागत किया और गांव में स्टेडियम के निर्माण तथा डेरो पर पेयजल पाईप लाईन बिछाने की मांग की। इस अवसर पर यू.एच.बी.वी.एन. के कार्यकारी अभियंता एस.के.मक्कड, युवा सरपंच चंद्रमणी नारंग व अन्य पंचायती सदस्य, ब्लाक समिति के चेयरमैन गुरप्रताप सिंह, बी.डी.ओ. नरेश शर्मा, पूर्व सरपंच डाक्टर इंद्र कुमार शर्मा, समाजसेवी श्रवण कुमार व रमेश भी उपस्थित थे।

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