Wednesday, May 25, 2011

रंग बिरंगी पोशाकों में नजर आयेगे अब सरकारी स्कूलों के बच्चें


शिक्षा विभाग ने तोड़ा वर्षो पुराना चलन
बच्चों की मानसिकता पर प्रभाव पडऩे से शिक्षा के स्तर में भी होगा सुधार
रादौर,25मई-कुलदीप सैनी
सरकारी स्कूलों के बच्चें भी प्राईवेट स्कूलों की तर्ज पर जल्द की रंग बिंरगी डै्रस में स्कूल जाते दिखाई देगें। शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की ड्रैस पर लगी सीमाएं हटा ली है। जिसके बाद अब सरकारी स्कू लों की प्रबंधक समितियों को निर्देश जारी किए गए है कि वे अपनी इच्छानुसार स्कूल में किसी भी रंग की ड्रैस लगा सकते है। शिक्षा विभाग की इस योजना से सरकारी स्कूलों में वर्दी के रंग को लेकर चलते आ रहे वर्षाे पुराने चलन से भी आजादी मिल जाएगी। शिक्षा विभाग की इस कवायद से सरकारी स्कूल के बच्चें भी खुद को प्राईवेट स्कूलों की तरह ही एक अच्छे स्कूल का हिस्सा मान सकेगें। 


स्कूल की प्रबंधक कमेटियों पर होगी ड्रैस चयन की जिमेंवारी-शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार स्कूल की प्रबंधक कमेटियों पर डै्रस चयन की जिमेंवारी होगी। प्रबंधन समिति स्कूल के बच्चों व अध्यापकों की राय जानकर नई डै्रस का चयन करेगी। सभी स्कूलों की प्रबंधन समिति अपने अपने स्तर पर ड्रैस लगा सकेगी। 


हीन भावना से मुक्त हो जाएगें विद्यार्थी-सरकारी स्कूल के विद्यार्थी जब प्राईवेट स्कूल के विद्यार्थियों को रंग बिंरगी वर्दियोंं में स्कूल जाते देखते थे तो उनमें एक हीन भावना पैदा हो जाती थी। जिससे वे अपने स्तर को प्राईवेट स्कूलों के बच्चों के मुकाबले कम आंकने लगते थे। उनकी यह हीन भावना अविभावकों को भी परेशानी में डाल देती थी। सरकारी स्कूल के बच्चें भी मंहगें प्राईवेट स्कूलों में जाने की जिद कर बैठते थे। लेकिन जो अविभावक इन मंहगे स्कूलों में बच्चों को शिक्षा नहीं दिलवा पाते थे उनके लिए यह समस्या एक विकराल रूप धारण कर लेती थी। जो बच्चों व अविभावकों दोनों के लिए ही नुकसानदायक साबित होती थी। लेकिन सरकारी स्कूलों में भी रंग बिंरगी वर्दियों लगा देने से बच्चों को इस हीन भावना से मुक्ति मिल जाएगी। 


मानसिकता में बदलाव से शिक्षा के स्तर में भी होगा सुधार-खंड शिक्षा अधिकारी रामेश्वर सैनी ने माना कि नई प्राईवेट स्कूलों की तरह ही रंग बिंरगी ड्रैस लगा दिए जाने से बच्चों की मानसिकता में भी बदलाव आयेगा। जिसका सीधा प्रभाव बच्चों के शिक्षा के स्तर पर भी पड़ेगा। हीन भावना से ग्रस्त बच्चें अपनी शिक्षा पर भी पूरा ध्यान नहीं लगा पाते थे। लेकिन हीन भावना से छुटकारा मिल जाने से बच्चें शिक्षा पर पूरा ध्यान लगा सकेगें। जिससे सरकारी स्कूलों का परीक्षा परिणाम भी पहले के मुकाबले बढ़ जाएगा। 


सरकारी स्कूलों में बच्चों का बढेगा ग्राफ-खंड शिक्षा अधिकारी रामेश्वर सैनी ने बताया कि शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में एक के बाद एक लाभकारी योजनाएं लागू कर रहा है। स्कूलों में मुफ्त किताबें व वर्दी देने की योजना पहले से ही है। इसके अलावा फीस को लेकर भी विभाग की कई लाभकारी योजनाएं चली हुई है और अब ड्रैस पर लगी सीमाएं हटा लेने से सरकारी स्कूल के ग्राफ में और अधिक बढ़ोतरी होने की पूरी उम्मीद है। 


प्राईवेट स्कूलों को एक और चुनौती-शिक्षा विभाग की अनेको लाभकारी योजनाओं से प्राईवेट स्कूलों के सामने नित नई चुनौतियां आ रही है। जिनसे पार पाने प्राइवेट स्कूलों को मुश्किल लग रहा है। अगर इस तरह शिक्षा विभाग की सोच में परिवर्तन आता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब प्राईवेट स्कूल सरकारी स्कूलों के मुकाबले बच्चों की कमी को झेलते नजर आयेगें। जिससे शिक्षा के नाम पर मोटी कमाई करने वाले स्कूल संचालकों के मनसूबों पर पानी फिर जाएगा। 




दूषित पानी की सप्लाई से परेशान लोग
रादौर,25मई-कुलदीप सैनी
 जलआपूर्ति विभाग रादौर की कथित लापरवाही के चलते कस्बा रादौर की गीता कालोनी वासियों को विभाग द्वारा पीने के लिए दूषित पानी सप्लाई किया जा रहा है। जिस कारण कॉलोनी वासियों में गहरा रोष है। 
गीता कालोनी निवासी डाक्टर राजकुमार अत्री, अमन कुमार सैनी,अमरदीप सैनी, महावीर पूरी, मास्टर गुरचरणसिंह,प्रीतम,प्रवीन शर्मा, अशोक कुमार, शुभाष, तारोदेवी, शकुन्तला, पिन्की सैनी, ऊषा, गुलाबो देवी ने संयुक्त रूप से बताया कि जलआपूर्ति विभाग द्वारा पिछले दो-तीन दिनों से उनकी कालोनी में पीने के लिए गन्दा व शोरायुक्त दूषित पानी सप्लाई किए जाने से कालोनी वासियों का जीना दुभर हो गया है । गन्दे पानी के कारण कालोनी के लोगों को अनेको बिमारियों ने  घेर लिया है। लोगों द्वारा शिकायत करने के बावजूद विभाग द्वारा इस बारे कोई कार्यवाही नहीं की गई । प्रभावित लोगो ने बताया कि गन्दे पानी के कारण उन्हे दूर-दूर से साफ पानी लाना पड़ रहा है। लेकिन लोगों की परेशानी की विभाग को कोई चिन्ता नहीं है। कालोनी वासियों ने प्रशासन से मांग की है कि कालोनी वासियों की समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रशासन जल्द से जल्द लोगो को साफ पानी उपलब्ध करवाए। 
क्या कहते है विभाग के एस०डी०ओ० दिनेश कुमार-उन्होने कहा कि इस बारे कोई जानकारी नहीं है। गीता कालोनी में  कर्मचारी भेजकर पाईपलाईनो की जांच की जाएगी।
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प्रतिबंध के बावजूद की साठी धान की रोपाई
रादौर,25मई-कुलदीप सैनी
कृषि विभाग के लाख दावों के बाद क्षेत्र के कुछ किसानों ने प्रशासन के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए साठी धान की रोपाई कर दी है। लेकिन कृषि विभाग को अब तक इसकी भनक तक नहीं लगी है। देखा देखी कुछ अन्य किसान भी साठी धान की रोपाई करने का मन बना रहे है। वहीं विभाग के अधिकारी मामले को गंभीरता से लेने की बात कह रहे है। 
कृषि विभाग ने धान के रोपाई के लिए 15 जून की तारिख निर्धारित की है। इससे पहले किसानों को धान की रोपाई न करने के सख्ती से आदेश दिए गए है। लेकिन विभाग के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए गांव बुबका में एक किसान ने धान की रोपाई कर डाली है। जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालियां निशान खड़े हो गए है। साठी धान की रोपाई करने से जलस्तर पर काफी दुष्प्रभाव पड़ता है। जिस कारण विभाग की ओर से बिगड़ते जलस्तर को बचाने के लिए साठी धान की रोपाई पर रोक लगाई दी गई थी। लेकिन विभाग की अनदेखी के चलते कुछ किसान आज भी साठी धान की रोपाई में लगे हुए है। वहीं कृषि विभाग के अधिकारियों को मामले की जानकारी तक नहीं है। मीडिया से जानकारी मिलने के बाद कृषि विभाग के एरिया इंचार्ज जगदीश ने कहा कि विभाग ऐसे किसानों पर जुर्माना करेगा। साठी धान की रोपाई करने पर प्रति एकड़ के हिसाब से दस हजार रूपये जुर्माना किया जाता है। अगर कोई किसान ऐसा करता पाया गया तो उस पर जुर्माना ठोंका जाएगा। 

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