नई दिल्ली
बाबा रामदेव के सत्याग्रह को कुचलने के लिए बर्बरतापूर्ण कार्रवाई करने वाली दिल्ली पुलिस की एक और असलियत सामने आई है. पुलिस ने रामलीला मैदान से शनिवार रात बाबा के दस समर्थकों को हिरासत में लिया था, लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं दिखाई गई थी. सोमवार को पुलिस ने सभी को गुपचुप तरीके से अदालत में पेश कर दिया.
घटना के बाद से ही बाबा रामदेव के समर्थकों के गायब होने की बात कही जा रही थी. उधर, पुलिस अधिकारी गिरफ्तारी से साफ इनकार कर रहे थे, लेकिन सोमवार को पुलिस ने बाबा के दस समर्थकों को तीस हजारी कोर्ट में पेश किया. सभी पर दंगा भड़काने, सरकारी कर्मचारियों से मारपीट व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराएं लगाई गई हैं. पुलिस द्वारा गिरफ्तार लोगों में रवि नौटियाल, रोने ओनाम [असम], अजीरथ [राजस्थान], राम नरेश [मध्य प्रदेश], सुरेंद्र, सर्वजीत, प्रेम, योगेंद्र, हरिओम [हरियाणा] व अमन [दिल्ली] शामिल हैं|पुलिस की पिटाई से घायल हुए लोगों को बाबा रामदेव के समर्थक हरिद्वार लेकर चले गए हैं. कोमा की हालत में राजबाला नामक महिला अभी जीबी पंत अस्पताल के आइसीयू में भर्ती है. रामलीला मैदान में छूट गया सामान भी लोगों को नहीं मिल रहा है.सामान पाने के लिए लोग भटक रहे हैं. |पांच लोगों ने कमला मार्केट थाने में सामान नहीं मिलने की शिकायत की
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