रायपुरानी
संस्थान के विधार्थियों द्वारा प्रस्तुत की गई रंगारंग प्रस्तुति की प्रशंसा करते हुये दीपेंद्र ने कहा कि वे इस बात से खुश हैं कि यह संस्थान मर्यादाओं में रहते हुये विधार्थियों को न केवल प्राचीन संस्कार दे रहा है बल्कि आधुनिक समाज से भी रूबरू करवा रहा है। युवाओं को देश का भविष्य बताते हुये दीपेंद्र ने कहा कि आज के युवाओं को एनर्जी और सही दिशा देने की जरूरत है। इस संस्थान की तरह अगर तमाम संस्थानों में युवाओं को यह शिक्षा दी गई तो नि:संदेह आने वाले समय में हरियाणा के युवाओं का डंका दुनियाभर में बजेगा। उन्होंने श्रीराम संस्थान को आने वाले समय में हरियाणा का सबसे बढिय़ा संस्थान बनने का भी भरोसा जताया। युवाओं का ही एक और अहम मुद्दा उठाते हुये उन्होंने खुलासा किया कि वे अपनी पार्टी के मंच पर भी और लोकसभा में भी युवाओं के लिये आवाज उठाते रहे हैं। देश के वित्त मंत्री से आग्रह करते हुये सांसद ने कहा कि वे चाहते हैं कि जब देश का वार्षिक बजट पेश हो तो उसमें इस बात का खुलासा किया जाये कि देश में एक महीने में रोजगार के कितने नये अवसर पैदा किए जाएंगे और एक वर्ष में कितने। उन्होंने कहा कि जिस तरह से देश की विकास दर, प्रतिव्यक्ति आय सहित तमाम उपलब्धियों की गिनती होती है, उसी तरह से रोजगार पर भी चर्चा होनी चाहिये। श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन को आधुनिक भारत का मंदिर बताते हुये उन्होंने विधार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह संस्थान युवाओं की उर्जा को सही दिशा में लेकर जाने की कोशिश कर रहा है। इस मौके पर उन्होंने विभिन्न सांस्कृतिक, खेलकूद तथा शैक्षणिक गतिविधियों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले विधार्थियों को सम्मानित किया।
समारोह में दैनिक ट्रिब्यून के संपादक नरेश कौशल ने कहा कि शिक्षण संस्थान प्राचीन परंपराओं की यादों को ताजा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के संस्थानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में जो उद्यम किया है, वह सराहनीय है। दीपेंद्र को युवाओं के प्रतिनिधित्व पर बधाई देते हुये कौशल ने कहा कि वे दुनिया के उन बारह यंगस्टार्स में शामिल हैं, जिन्हें दुनियाभर के 65 देशों में हुये सर्वे में चुना गया है। विश्व आॢथक मंच ने 65 देशों के अपने सर्वे में भारत के विभिन्न क्षेत्रों के 5000 युवाओं को शामिल किया था। इनमें से चुने गये 12 भारतीयों में एक दीपेंद्र भी हैं। कौशल ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के कंधों पर टिका है, ऐसे में युवाओं और उनके अभिभावकों को भी चाहिये कि वे वर्तमान दौर के हिसाब से ही शिक्षा हासिल करें। उन्होंने कहा कि सरकार को भी ऐसे प्रयास करने चाहिएं कि नौकरी के अलावा युवा पढ़ाई के बाद अपना खुद का काम शुरू कर सकें। चीन का उदाहरण देते हुये उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे इस देश से शिक्षा लें। आज चीन ऐसा देश है, जो अपने उत्पाद दुनियाभर में बेचता है।
समारोह में दैनिक ट्रिब्यून के संपादक नरेश कौशल ने कहा कि शिक्षण संस्थान प्राचीन परंपराओं की यादों को ताजा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के संस्थानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में जो उद्यम किया है, वह सराहनीय है। दीपेंद्र को युवाओं के प्रतिनिधित्व पर बधाई देते हुये कौशल ने कहा कि वे दुनिया के उन बारह यंगस्टार्स में शामिल हैं, जिन्हें दुनियाभर के 65 देशों में हुये सर्वे में चुना गया है। विश्व आॢथक मंच ने 65 देशों के अपने सर्वे में भारत के विभिन्न क्षेत्रों के 5000 युवाओं को शामिल किया था। इनमें से चुने गये 12 भारतीयों में एक दीपेंद्र भी हैं। कौशल ने कहा कि देश का भविष्य युवाओं के कंधों पर टिका है, ऐसे में युवाओं और उनके अभिभावकों को भी चाहिये कि वे वर्तमान दौर के हिसाब से ही शिक्षा हासिल करें। उन्होंने कहा कि सरकार को भी ऐसे प्रयास करने चाहिएं कि नौकरी के अलावा युवा पढ़ाई के बाद अपना खुद का काम शुरू कर सकें। चीन का उदाहरण देते हुये उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे इस देश से शिक्षा लें। आज चीन ऐसा देश है, जो अपने उत्पाद दुनियाभर में बेचता है।
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