रादौर,18जून-कुलदीप सैनी
हुड्डा सरकार में प्रदेश की सरकारी नौकरियां केवल रोहतक के लोगों को मिली। जबकि यमुनानगर, अंबाला, कुरूक्षेत्र व करनाल जिले के लोगों को रोजगार देने में प्रदेश सरकार ने भारी शोषण किया। इनैलो सरकार में प्रदेश के लोगों को योग्यता के आधार पर ही रोजगार दिया गया था। प्रदेश में इनैलो की सरकार बनने पर सरकारी नौकरियां समान रूप से बिना किसी भेदभाव के योग्यता के आधार पर दी जाएगी। यह शब्द इनैलो लाडवा विधायक व विधानसभा में विपक्ष के उपनेता चौ० शेरसिह बडशामी ने जनजागरण अभियान के तहत जनसभाओं के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहे। शेरसिंह बड़शामी ने इस दौरान गांव पोटली, मंधार, गुमथला राव, जठलाना, अलाहर, खजूरी, हरनौल, खेडी लक्खासिंह, सिंकदरा, दौलतपुर, अमलोहा, सढूरा में जनसभाओं को संबोधित किया।
श्री बड़शामी ने कहा कि कांग्रेस के मंत्री भ्रष्टाचार में पूरी तरह से लिप्त है। सरकारी नौकरियां बेची जा रही है। करनाल के कंबोपूरा गांव में पूर्व सरंपच कर्मसिंह की हत्या व कुरूक्षेत्र का स्वीटी हत्याकांड़ सरकार की कानून व्यवस्था की पोल खोलता है। किसान बिजली-पानी व डीएपी खाद की मार झेल रहे है। कांग्रेस की गलत नितियों के कारण किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम नहीं मिल रहा है। सरकार की गलत नितियों के कारण सब्जी उत्पादक किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इनैलो सरकार में रादौर क्षेत्र के विकास के लिए हर गांव में लाखों करोड़ो रूपये की ग्रांट राशि दी गई थी। लेकिन जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से रादौर क्षेत्र के विकास के लिए सरकार ने ग्रांट देना बंद कर दिया है। जिससे रादौर क्षेत्र पिछडक़र रह गया हैै। जनता कांग्रेस राज से दुखी आ चुकी है। बढती मंहगाई, भ्रष्टाचार, लूटखसौट, भाईभतीजावाद ने जनता का जीना दुभर कर दिया है। पिछले वर्ष यमुनानदी में आई बाढ़ से रादौर के खादर क्षेत्र के किसानों का भारी नुकसान हुआ। लेकिन मुआवजे के नाम पर पांच सौ रूपये प्रति एकड़ राशि देकर किसानों के साथ भद्दा मजाक किया गया। इनैलों की सरकार जब सत्ता में आएगी तो ऐसे प्रबंध किए जाएगें कि बाढ़ के कारण किसी भी किसान को कोई नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। इस अवसर पर विधायक रादौर बिशनलाल सैनी, पूर्व विधायक ईश्वरङ्क्षसह पलाका, ब्लॉक प्रधान राजकुमार बुबका, सुभाष खुदर्बन, जरनैल पंजेटा, सरदार सतनाम ङ्क्षसह गुमथला राव, वीरभान वधवा, मांगेराम कण्ड्ररौली, डॉक्टर लाभङ्क्षसह राणा, रणधीर पूनिया, सुभाष सैनी पूर्णगढ़, कमल चमरोड़ी, राजेश कश्यप, जगमाल नेहरा, सिंगराम सैनी फतेहगढ, आदि उपस्थित थे।
विवादित भूमि की बोली निशानदेही न होने के कारण रूकी
रादौर,18जून-कुलदीप सैनी
जठलाना पंचायत का बेचिराग गांव रामगढ़ में स्थित 147 एकड़ विवादित भूमि की दूसरे चरण की बोली नहीं हो पाई। बोलीदाताओं ने उपरोक्त भूमि की प्रशासन के अधिकारियों को पहले निशानदेही करवाने की बात कही। जिस कारण बोली नहीं हो पाई। बोली न होने पर प्रशासन के अधिकारी गांव जठलाना से बैंरग वापिस लौट आए। उधर बोली का विरोध कर रहे गांव बागवाली के लोगों ने कहा कि प्रशासन की विवादित भूमि को लेकर बोली किए जाने की प्रक्रिया गलत है। मामले की सुनवाई के लिए न्यायालय में 22 जून की तारिख लगी हुई है। लेकिन प्रशासन के अधिकारी व जठलाना पंचायत गलत तरीके से जमीन की बोली करवाने पर अड़े हुए है।
बीडीपीओं कवंरभान नरवाल ने बताया कि 147 एकड़ पंचायत की भूमि को लेकर पहले चरण में 35 एकड़ भूमि को ठेके पर दिया जा चुका है। दूसरे चरण में गांव जठलाना में बकाया भूमि ठेके पर देने के लिए बोलीदाताओं को बुलाया गया था। लेकिन बोलीदाताओं ने पंचायती भूमि की पहले निशानदेही करवाने की बात कहकर बाद में भूमि को ठेके पर देने पर हामी भरी। किसी भी व्यक्ति ने पंचायत की भूमि को ठेके पर नहीं लिया। जिसके बाद अधिकारियों को पंचायती भूमि की बोली रद्द करनी पड़ी। बीडीपीओं ने बताया कि जल्द पंचायती भूमि की निशानदेही करवाकर उसे ठेके पर दिया जाएगा।
लोगों ने जिला उपायुक्त से की पुराने सफे दे के पेड़ कटवाने की मांग
रादौर,18जून-कुलदीप सैनी
गांव बरहेड़ी में रादौर मार्ग पर सडक़ किनारें खड़े वर्षो पुराने सफेदे के पेड़ों को कटवाने के लिए स्थानीय लोगों ने जिला उपायुक्त के माध्यम से विभाग से गुहार लगाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सडक़ किनारे खड़े सफेदे के पेड़ कई वर्ष पुराने है। जो कभी भी आंधी तूफान में घरों के ऊपर गिर सकते है। जिससे जानमाल का काफी नुकसान हो सकता है। उधर रादौर क्षेत्र में भी इसी प्रकार सडक़ों किनारे खड़े वर्षो पुराने पड़े किसी बड़े हादसें को दावत दे रहे है। जो कभी नुकसान दायक बन सकते है।
गांव बरहेड़ी निवासी राजीव, रोबिन, जसविन्द्र, अन्नू , मनोज व संगीतारानी ने बताया कि उनके घर सडक़ के किनारे बने हुए है। सडक़ के किनारे खड़े पेड़ पुराने होने के कारण कभी भी आंधी के कारण उनके मकानों पर गिर सकते है। उन्होंने कहा कि आजकल हर दिन आंधी तूफान आ रहा है। जगह जगह पेड़ व खंभे गिर रहे है। जिस कारण लोगों को इन पेड़ों के कभी भी गिरने का भय सता रहा है। दुर्भाग्य के कारण अगर यह पेड़ कभी गिर जाते है तो उन्हें घरों के साथ साथ जान का नुकसान भी उठाना पड़ेगा। पेड़ो को कटवानें के लिए वे कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके है। लेकिन किसी ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। जिस कारण आज भी ये पेड़ मौत बनकर उनके सिर पर मंडरा रहे है। उन्होनें जिला उपायुक्त से मांग की है कि ग्रामीणों के सिर पर मौत बनकर मंडरा रहे इन पेड़ो को जल्द से जल्द कटवा जाए ताकि लोगों को भविष्य में कोई नुकसान न उठाना पड़े।
हुड्डा सरकार में प्रदेश की सरकारी नौकरियां केवल रोहतक के लोगों को मिली। जबकि यमुनानगर, अंबाला, कुरूक्षेत्र व करनाल जिले के लोगों को रोजगार देने में प्रदेश सरकार ने भारी शोषण किया। इनैलो सरकार में प्रदेश के लोगों को योग्यता के आधार पर ही रोजगार दिया गया था। प्रदेश में इनैलो की सरकार बनने पर सरकारी नौकरियां समान रूप से बिना किसी भेदभाव के योग्यता के आधार पर दी जाएगी। यह शब्द इनैलो लाडवा विधायक व विधानसभा में विपक्ष के उपनेता चौ० शेरसिह बडशामी ने जनजागरण अभियान के तहत जनसभाओं के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहे। शेरसिंह बड़शामी ने इस दौरान गांव पोटली, मंधार, गुमथला राव, जठलाना, अलाहर, खजूरी, हरनौल, खेडी लक्खासिंह, सिंकदरा, दौलतपुर, अमलोहा, सढूरा में जनसभाओं को संबोधित किया।
श्री बड़शामी ने कहा कि कांग्रेस के मंत्री भ्रष्टाचार में पूरी तरह से लिप्त है। सरकारी नौकरियां बेची जा रही है। करनाल के कंबोपूरा गांव में पूर्व सरंपच कर्मसिंह की हत्या व कुरूक्षेत्र का स्वीटी हत्याकांड़ सरकार की कानून व्यवस्था की पोल खोलता है। किसान बिजली-पानी व डीएपी खाद की मार झेल रहे है। कांग्रेस की गलत नितियों के कारण किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम नहीं मिल रहा है। सरकार की गलत नितियों के कारण सब्जी उत्पादक किसानों को भारी नुकसान हुआ है। इनैलो सरकार में रादौर क्षेत्र के विकास के लिए हर गांव में लाखों करोड़ो रूपये की ग्रांट राशि दी गई थी। लेकिन जब से कांग्रेस सत्ता में आई है तब से रादौर क्षेत्र के विकास के लिए सरकार ने ग्रांट देना बंद कर दिया है। जिससे रादौर क्षेत्र पिछडक़र रह गया हैै। जनता कांग्रेस राज से दुखी आ चुकी है। बढती मंहगाई, भ्रष्टाचार, लूटखसौट, भाईभतीजावाद ने जनता का जीना दुभर कर दिया है। पिछले वर्ष यमुनानदी में आई बाढ़ से रादौर के खादर क्षेत्र के किसानों का भारी नुकसान हुआ। लेकिन मुआवजे के नाम पर पांच सौ रूपये प्रति एकड़ राशि देकर किसानों के साथ भद्दा मजाक किया गया। इनैलों की सरकार जब सत्ता में आएगी तो ऐसे प्रबंध किए जाएगें कि बाढ़ के कारण किसी भी किसान को कोई नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। इस अवसर पर विधायक रादौर बिशनलाल सैनी, पूर्व विधायक ईश्वरङ्क्षसह पलाका, ब्लॉक प्रधान राजकुमार बुबका, सुभाष खुदर्बन, जरनैल पंजेटा, सरदार सतनाम ङ्क्षसह गुमथला राव, वीरभान वधवा, मांगेराम कण्ड्ररौली, डॉक्टर लाभङ्क्षसह राणा, रणधीर पूनिया, सुभाष सैनी पूर्णगढ़, कमल चमरोड़ी, राजेश कश्यप, जगमाल नेहरा, सिंगराम सैनी फतेहगढ, आदि उपस्थित थे।
विवादित भूमि की बोली निशानदेही न होने के कारण रूकी
रादौर,18जून-कुलदीप सैनी
जठलाना पंचायत का बेचिराग गांव रामगढ़ में स्थित 147 एकड़ विवादित भूमि की दूसरे चरण की बोली नहीं हो पाई। बोलीदाताओं ने उपरोक्त भूमि की प्रशासन के अधिकारियों को पहले निशानदेही करवाने की बात कही। जिस कारण बोली नहीं हो पाई। बोली न होने पर प्रशासन के अधिकारी गांव जठलाना से बैंरग वापिस लौट आए। उधर बोली का विरोध कर रहे गांव बागवाली के लोगों ने कहा कि प्रशासन की विवादित भूमि को लेकर बोली किए जाने की प्रक्रिया गलत है। मामले की सुनवाई के लिए न्यायालय में 22 जून की तारिख लगी हुई है। लेकिन प्रशासन के अधिकारी व जठलाना पंचायत गलत तरीके से जमीन की बोली करवाने पर अड़े हुए है।
बीडीपीओं कवंरभान नरवाल ने बताया कि 147 एकड़ पंचायत की भूमि को लेकर पहले चरण में 35 एकड़ भूमि को ठेके पर दिया जा चुका है। दूसरे चरण में गांव जठलाना में बकाया भूमि ठेके पर देने के लिए बोलीदाताओं को बुलाया गया था। लेकिन बोलीदाताओं ने पंचायती भूमि की पहले निशानदेही करवाने की बात कहकर बाद में भूमि को ठेके पर देने पर हामी भरी। किसी भी व्यक्ति ने पंचायत की भूमि को ठेके पर नहीं लिया। जिसके बाद अधिकारियों को पंचायती भूमि की बोली रद्द करनी पड़ी। बीडीपीओं ने बताया कि जल्द पंचायती भूमि की निशानदेही करवाकर उसे ठेके पर दिया जाएगा।
लोगों ने जिला उपायुक्त से की पुराने सफे दे के पेड़ कटवाने की मांग
रादौर,18जून-कुलदीप सैनी
गांव बरहेड़ी में रादौर मार्ग पर सडक़ किनारें खड़े वर्षो पुराने सफेदे के पेड़ों को कटवाने के लिए स्थानीय लोगों ने जिला उपायुक्त के माध्यम से विभाग से गुहार लगाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सडक़ किनारे खड़े सफेदे के पेड़ कई वर्ष पुराने है। जो कभी भी आंधी तूफान में घरों के ऊपर गिर सकते है। जिससे जानमाल का काफी नुकसान हो सकता है। उधर रादौर क्षेत्र में भी इसी प्रकार सडक़ों किनारे खड़े वर्षो पुराने पड़े किसी बड़े हादसें को दावत दे रहे है। जो कभी नुकसान दायक बन सकते है।
गांव बरहेड़ी निवासी राजीव, रोबिन, जसविन्द्र, अन्नू , मनोज व संगीतारानी ने बताया कि उनके घर सडक़ के किनारे बने हुए है। सडक़ के किनारे खड़े पेड़ पुराने होने के कारण कभी भी आंधी के कारण उनके मकानों पर गिर सकते है। उन्होंने कहा कि आजकल हर दिन आंधी तूफान आ रहा है। जगह जगह पेड़ व खंभे गिर रहे है। जिस कारण लोगों को इन पेड़ों के कभी भी गिरने का भय सता रहा है। दुर्भाग्य के कारण अगर यह पेड़ कभी गिर जाते है तो उन्हें घरों के साथ साथ जान का नुकसान भी उठाना पड़ेगा। पेड़ो को कटवानें के लिए वे कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके है। लेकिन किसी ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। जिस कारण आज भी ये पेड़ मौत बनकर उनके सिर पर मंडरा रहे है। उन्होनें जिला उपायुक्त से मांग की है कि ग्रामीणों के सिर पर मौत बनकर मंडरा रहे इन पेड़ो को जल्द से जल्द कटवा जाए ताकि लोगों को भविष्य में कोई नुकसान न उठाना पड़े।


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