घरौंडा:- 1 जुलाई (प्रवीन सोनी)
करीब पंद्रह हजार की आबादी वाले खंड के गांव कैमला के लोग आज पानी की निकासी न होने को लेकर नरकीय जीवन जीने पर मजबूर है। लेकिन गांव में सफाई व पानी की निकासी का इतना बुरा हाल है कि ग्रामीणों को अपने घर के दरवाजे तक जाने के लिए साईकिल या मोटर साईकिलों पर बैठ कर जाना पड़ता है। पानी की निकासी न होने के कारण सबसे ज्यादा बुरा हाल गांव गुली जोहड़ी वाले चौराहे का है। इस चौराहे से पूरे गांव का चौबीस घंटे आवागमन रहता है। पानी की निकासी न होने के कारण इस चौराहे करीबन आधा फुट कीचड़ जमा है जो पिछले करीब एक साल से इस हालत में है।
गली में जमा पानी में से गुजरते स्कूली बच्चे व ग्रामीण
गांव कैमला में जोहड़ के ओवर फ्लो होने से गली में जमा कीचड़
गांव कैमला निवासी राजबीर, बलवान, कमल, प्रदीप, सूबेसिंह, जगदीश धीमान, राजेश शर्मा, मामन प्रजापत, सतीश, राजेश कुमार, ईशरो देवी, शिक्षा देवी, शीला देवी, सरोज ने बताया कि प्रतिवर्ष पंचायत की आमदनी लाखों रूपए की है और पंचायत ने गांव में सफाई कर्मी भी नियुक्त किए हुए है। लेकिन गांव की दुर्दशा देखकर यह कतई नही लगता कि इस पूरे गांव में सफाई नाम की कोई चीज है। सफाई न होने के कारण नालियों में गंद इस प्रकार अट्टा पड़ा है कि उसमें बदबू होकर कीड़े पैदा हो गए है और नालियों का पानी ऑवर फ्लों होकर गलियों में बहता रहता है।
दुसरा गांव के इस चौंक के समीप जो गुली जोहड़ी है उसमें पानी ऑवर फ्लों होकर गलियों में आ रहा है। जिसका मुख्य कारण गांव के अधिकांश चौराहों पर चौबीस घंटे चल रही अवैध टूंटियों के कनेक्शन है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लगे इस प्रकार के अवैध कनेक्शनों में टुंटियों को बंद करने के लिए कुछ भी नही लगा रखा है। जिससे पानी सारा दिन व्यर्थ बहता रहता है और पानी खड़ा होने से कई मकानों में दरार भी पड़ गई है। उन्होंने बताया कि यहां इतना कीचड़ व गंदा पानी जमा है कि इस रास्ते से स्कूल में जाने वाले छोटे बच्चे फिसल कर गिर जाते है और कपड़ों के साथ उनकी किताबे भी भीग जाती है।
गली की समस्या दिखाते ग्रामीण।छाया-तेजबीर
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इन समस्याओं के बारे में अनेक बार पंचायत को अवगत करवाया है। लेकिन गांव के सरपंच और पंचों को ग्रामीणों की याद मात्र चुनाव के दिनों में ही आती है।
इस संबंध में गांव के सरपंच रमेश वर्मा से बात की तो उन्होने बताया कि इस गली का पंचायत द्वारा रेजुलेशन पास कर एडीसी करनाल को भेजा गया है। जिसका अभी तक कोई जवाब नही आया है।



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