करनाल
भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह चाट रहा है। किसी भी विभाग में बिना रिश्वत के काम नहीं होता। भ्रष्टाचार से जनता दुखी हो चुकी है। अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के मुद्दे को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन पर बैठ कर आर पार की लडाई का ऐलान कर दिया है। लोगों का कहना कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगनी ही चाहिए। लोग अन्ना हजारे के जन लोकपाल विधेयक का समर्थन कर रहे हैं।
भ्रष्टाचार को लेकर लोगों से बातचीत की गई। न्यू चार चमन निवासी कर्मचंद खुराना का कहना है कि भ्रष्टाचार खत्म होना चाहिए। बिना रिश्वत के लोगो के कार्य होने से विश्व में देश की अलग पहचान बनेगी। देश में ऊपर से नीचे तक भ्रष्टाचार व्याप्त है। अन्ना हजारे की मांग जायज है। वे उनकी मांग का समर्थन करते है। जसवंत राय ने कहा भ्रष्टाचार को खत्म करने में युवा पीढ़ी अहम भूमिका निभा सकती है। माता-पिता बच्चों को अच्छे संस्कार दें। न्यू चार चमन निवासी देसराज ने कहा कि युवा पीढ़ी को आगे आना चाहिए। स्कूलों में नैतिक शिक्षा की कमी है। जैनपुर गांव निवासी श्याम लाल ने कहा कि राजनेता व नौकरशाह भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। अगर जल्द ही सरकार ने अन्ना हजारे की मांग पर गौर नहीं किया तो जनता भी अन्ना हजारे के साथ जंतर-मंतर पर डट जाएगी। इंद्री से विशेष शिक्षक अरूण कुमार ने कहा कि अन्ना हजारे द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता को लामबंद करना अच्छा प्रयास हैं यह अन्ना हजारे की आवाज ही नहीं सरकार इसे जनता की आवाज माने। 1969 से भ्रष्टाचार के लिए विधेयक पारित करने की मांग को सरकारें कमजोर करती आ रही हैं। शहरवासी गौतम शर्मा कहा कि भ्रष्टाचार देश के साथ गद्दारी है। भ्रष्टाचार पर लगाम कसना जरूरी है। भ्रष्टाचारियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। समाजसेवी अन्ना हजारे की लोकपाल विधेयक को पारित करने की मांग का निफा संस्था ने समर्थन कर कई संस्थाओं के सहयोग से वीरवार को एक दिन की भूख हड़ताल करने का निर्णय लिया है।निफा प्रधान प्रितपाल सिंह ने कहा कि विभिन्न समाजिक, व्यापारिक व युवा व सांस्कृतिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से संपर्क भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना हजारे की भ्रष्टाचार के खिलाफ छेड़ी गई जंग में साथ दिया जाएगा। इस मुहिम को आगे बढ़ाते हुए हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा।
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