Wednesday, April 6, 2011

चुंबक से होगा मस्तिष्काघात के रोगियों का इलाज

वाशिंगटन।
वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक विकसित करने का दावा किया है, जिसमें मस्तिष्काघात और पार्किसंस के रोगियों का इलाज चुंबक की मदद से किया जा सकेगा।
यह तकनीक विकसित करने वाले ऑस्ट्रेलियन न्यूरोमस्कुलर रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने कहा है कि इससे मस्तिष्काघात के बाद याददाश्त खोने और पार्किसंस जैसे रोग [शरीर के कांपते रहने की बीमारी] का इलाज किया जा सकेगा।
इस दल ने कहा, 'इस तकनीक से चुंबकीय क्षेत्र के द्वारा मस्तिष्क के उस हिस्से को उत्तेजित किया जाता है, जो किसी कारण से प्रभावित हुआ है।' दल का नेतृत्व कर रहे प्रोफेसर गैरी थिक्ब्रूम के अनुसार, 'मस्तिष्क में अपने प्रभावित हिस्सों को दुरुस्त करने की जबर्दस्त क्षमता होती है, इस क्रिया में उसके सामान्य हिस्से असामान्य हो चुके हिस्सों की मरम्मत करने की कोशिश करते हैं। हम मस्तिष्क की उसी क्षमता को बढ़ाने की कोशिश करेंगे।' उन्होंने कहा, 'पार्किसंस के रोगियों में उन्हें इस तकनीक से इलाज करते हुए प्रारंभिक सफलता प्राप्त हुई है।'
कैसे होगा इलाज:-
इस तकनीक में उपकरण को रोगी के मस्तिष्क के करीब लगाया जाएगा। उपकरण में विद्युत प्रवाह के जरिये चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न होगा जो मस्तिष्क के चारों ओर प्रसारित होकर उसके याद करने की क्षमता को उत्तेजित करेगा।

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