लाडवा
माता बाला सुंदरी के प्राचीन मंदिर में रविवार से आठ दिवसीय मेला शुरू हो गया। बैसाख कृष्ण पक्ष की सप्तमी तक चलने वाले इस मेले में पहले दिन रविवार को हजारों लोगों ने मत्था टेककर पूजा अर्चना की। शनिवार रात से मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो चुकी थी और लाडवा व आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के साथ-साथ अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में मत्था टेका। श्रद्धालुओं का मानना है कि इसके द्वारा जो भी सच्चे दिल से मन्नत मांगता है, देवी माता उसकी इच्छा अवश्य पूरी करती है। 51 शक्ति पीठों में से एक शक्ति पीठ त्रिलोक पूर से लाकर यहां स्थापित किए जाने के कारण यह स्थान भी शक्ति पीठ के रूप में माना जाता है। पहले दिन मंदिर परिसर में भंडारे लगाने वाले श्रद्धालुओं का भी ताता लगा रहा। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए प्रशासन ने भी पुख्ता प्रबंध किए थे। मंदिर परिसर में फायर ब्रिगेड की गाड़ी के साथ-साथ भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। पैराडाइज यूथ एसोसिएशन समेत कई धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं ने सेवा कर श्रद्धालुओं को पीने के पानी सहित जूतों की स्टाल, मंदिर की सजावट सहित सभी अन्य सुविधाएं प्रदान करने का काम किया।
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