Tuesday, June 7, 2011

पुलिस प्रशासन से खफा लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन


रादौर,7जून-कुलदीप सैनी
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से खफा गांव अंटावा के ग्रामीणों ने तहसील परिसर में पुलिस व जिला प्रशासन विरूद्ध रोष प्रकट किया। रोष प्रकट कर रही महिलाओं व पुरूषों का आरोप था कि पुलिस गांव में हुए विवाद पर दोषियों के विरूद्ध उचित कार्रवाई न कर उल्टे उन्हें की मामलें में फंसा रही है। गौरतलब है कि गत 31 मई को गांव अंटावा में दो पक्षों में आपसी रंजिश को लेकर विवाद हो गया था। जिसमें दोनों पक्षों को चोटे आई थी। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। लेकिन पुलिस की कार्रवाई से एक पक्ष के लोग नाखुश है। लोगों को आरोप है कि पुलिस मामले में पक्षपात कर रही है। 
विवाद में घायल हुए राजू के चाचा मामचंद, रोशनी देवी, सत्यादेवी, फूलचंद, सुशील, ऋषिपाल, सुंदरलाल, भगवानदास, बासोराम,  मुकेश, शंकुतला देवी ने बताया कि 31 मई को जब राजू खेत से चारा लेकर आ रहा था। तभी रास्तें में गांव के रायसिंह, तेगङ्क्षसह, जितेन्द्र, रामपाल, छत्तरसिंह, हंसराज, संदीप, विकास, जोनी व टोनी ने उस पर हथियारों से हमला बोल दिया। उसके बाद हमलावर उसे पीटते पीटते अपने घर तक ले गए। गांव के कुछ लोगों से मामले की जानकारी राजू के घरवालों की दी। सूचना पाकर परिवार के सदस्य मदनलाल, धर्मबीर, सोमपाल, मामचंद, परवारी देवी व सत्या देवी राजू को उनके चंगुल से छुडवाने के लिए वहां पर पहुंचे। तभी उक्त लोगों ने उनपर भी ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। जिसमें वे सभी घायल हो गए। जिन्हें ईलाज के लिए रादौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती करवाया गया। उन्होंने मामले की शिकायत रादौर पुलिस को दी। लेकिन दूसरे पक्ष के लोगों ने भी झूठे मैडिकल के आधार पर पुलिस को शिकायत दे डाली। जिससे पुलिस ने दोनों पक्षों पर एक समान धारा लगा दी। जो कि गलत है। उन्होंने कहा कि दूसरे पक्ष के लोगों ने अपने प्रभाव का फायदा उठाकर ऐसा कार्य किया है। प्रशासन के अधिकारी व पुलिस कर्मचारी मामले की सच्चाई को दरकिनार कर दोषी व्यक्तियों का ही साथ दे रहे है और उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने जिला उपायुक्त से मामले में हस्तक्षेप कर उन्हें न्याय दिलवाने की मांग की है। थाना प्रभारी रणसिंह से जब इस बारे बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामले में किसी प्रकार का भेदभाव न बरत कर  कार्रवाई की जा रही। पुलिस चाहती है कि किसी के साथ कोई अन्याय न हो। 


स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया गांव का दौरा
रादौर,7जून-कुलदीप सैनी
यमुनापार के गांव पोबारी में स्वास्थय विभाग की एक टीम लोगों के स्वास्थय की जांच करने पहुंची। स्वास्थय विभाग की टीम ने लोगों के स्वास्थय की जांच कर उन्हें उचित दवाईयां दी व इंजैक्शन लगाए। गांव उन्हेंडी के सरपंच संजय राणा ने बताया कि पोबारी गांव उनकी पंचायत के अंतगर्त पड़ता है। जो यमुनापार स्थित है। गांव में चिकित्सा सुविधा की कमी है। जिस कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। इसे देखते हुए उन्होंने डॉक्टर प्रशांत से निवेदन किया था कि गांव के लोगों को चिकित्सा सुविधा देने के लिए विभाग की ओर से एक टीम भेजी जाए। जिस पर डॉक्टर प्रशांत ने सुपरवाईजर सुरेन्द्र कांता, एमपीडब्लयू निशा रानी व पुष्पा देवी को गांव पोबारी के ग्रामीणों के स्वास्थय की जांच करने के लिए भेजा। जहां पर टीम के सदस्यों ने ग्रामीणों के स्वास्थय की जांच कर उन्हें उचित दवाईयां वितरित की। महिलाओं को आयरन की गोलियां दी गई व बच्चों को टीपीटी के इंजैक्शन लगाए गए। साथ ही अच्छे स्वास्थ के गुण  भी ग्रामीणों को बताए गए। इस अवसर पर पंच बाबूराम, अंगूरी देवी, गुलाबसिंह, बेअंती देवी,श्यामङ्क्षसह, जाकिर हुसैन, जोगिन्द्रो देवी व हरपाल सिंह आदि उपस्थित थे। 


साक्षर महिला समूह ने निकाली जागरूकता रैली
रादौर,7जून-कुलदीप सैनी
गांव हड़तान की साक्षर महिला समूह की महिलाओं ने गांव में एक जागरूकता रैली निकाली। जिसके माध्यम से महिलाओं व बच्चों को  समय समय पर लगने वाले इंजैक्शनों के बारे जानकारी दी गई। रैली के बाद एसएमएस की महिलाओं ने आंगनवाड़ी केन्द्र पर एक बैठक आयोजित कर महिलाओं से अपने स्वास्थय के प्रति सचेत रहने की अपील की गई। बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान रीना रानी ने कहा कि अगर महिला का स्वास्थय ठीक रहेगा तभी वे अपने बच्चों व परिवार के सदस्यों का सही प्रकार से ध्यान रख पाएगी। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वे समय समय पर लगने वाले टीकों को जरूर लगवाए। खासकर गर्भवती महिलाएं इस कार्य में बिल्कुल लापरवाही न बरते और पोष्टिक आहार को सेवन करे। इस अवसर पर इस अवसर पर रीना देवी, पूजा, शिमला, आशा, सपना, दर्शनी, पूनम, पूजा, सतविन्द्र कौर, रेनू, सलोचना, जसविन्द्र, शबरणो देवी, काजल, रजनी आदि उपस्थित थे। 


शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम के शिष्य हुए ब्रहमलीन
रादौर,7जून-कुलदीप सैनी
शंकराचार्य स्वामी महेशाश्रम के शिष्य स्वामी श्याम नारायण आश्रम मंगलवार को शंकराचार्य मठ बड़शामी में ब्रहमलीन हो गए। उनके ब्रह्मलीन होने के उपरांत ब्राह्मणों द्वारा वैदिक परम्परा के साथ उन्हें स्नान करवाया करवाया गया और पुष्पाजंली अर्पित की गई। जिसके बाद संन्यासियों द्वारा गांव गुमथला के यमुनाघाट तक उनकी शोभायात्रा निकाली गई और वहां पर उन्हें जल समाधि दे दी गई। स्वामी श्याम नारायण आश्रम की शोभायात्रा में स्वामी महेशाश्रम, पंडित रविकांत शास्त्री, कृष्णानंद पांडे, संतोषाश्रम, वीरभद्र आश्रम, राकेश मिश्रा, यमुनानंद आश्रम, रामाश्रम, ज्ञानप्रकाश शर्मा, सुशील शर्मा, विष्णुदत्त शर्मा, बालकृष्ण रोहिला, विमल गर्ग, राजेन्द्र सैनी आदि गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। इस अवसर पर स्वामी महेशाश्रम ने कहा कि स्वामी श्याम नारायण ने हमेशा अपने सभी धर्मा को निभाया। शिष्य धर्म का उन्होंने हमेशा बखूबी पालन किया। शिष्य बनने के बाद इस महात्मा ने वैदिक परंपरा, दंड परम्परा का निर्वहन करते हुए अपना दिव्य स्वरूप त्याग दिया। दंडी स्वामी तो स्वयं ही मुक्तानंद होते है। परंतु जिस कुल से वे आते है। उस कुल की सात पीढियां भी मुक्त हो जाती है। 



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