करनाल विजय काम्बोज
उपायुक्त श्रीमती नीलम प्रदीप कासनी ने महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत वितरित किए गए 100-100 गज के रिहायशी प्लाटों की पात्रता की जांच के लिये जिला के उच्च अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है जो औचक रूप से कम से कम दो-दो गांवों में जाकर जांच-पडताल करेंगे। बतौर उपायुक्त यदि जांच के बाद प्लाटों के आबंटन में किसी व्यक्ति की अपात्रता पाई जाती है तो ऐसी सूरत में उसका प्लाट रदद कर दिया जायेगा। श्रीमती कासनी आज लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित एक बैठक के दौरान महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत दिये जा रहे 100-100 गज के प्लाटों की प्रगति की समीक्षा कर रही थी। जांच अधिकारियों में इंद्री खंड के गांवों की जांच पड़ताल अतिरिक्त उपायुक्त एम.के.पांडुरंग करेंगे इसी प्रकार करनाल खंड के गांवों की चैकिंग एस.डी.एम. असंध, असंध के गांव की चैकिंग एस.डी.एम. करनाल, घरौंडा खंड के गांवों की चैकिंग एम.डी. शुगर मिल, निसिंग खंड के गांवों की चैकिंग सचिव आर.टी.ए. तथा नीलोखेड़ी खंड के गांवों की चैकिंग के लिये एस.डी.एम. इन्द्री को कहा गया है। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे 100-100 गज के रिहायशी प्लाट वितरित करने के कार्य में तेजी लाएं। प्लाटों के लिये अधिकृत की गई भूमि की निशानदेही का कार्य आगामी 20 जून तक हर हाल में पूरा करें। जिन लोगों को पात्रता के बाद प्लाट का कब्जां नहीं मिला है उन्हें एक सप्ताह के अन्दर-अन्दर कब्जा दिलवाएं तथा उन्हें बताएं कि आगामी जून 2013 में प्लाटों के आबंटन की प्रक्रिया के दो साल पूरा होने तक लाभार्थी हर हाल में अपना मकान बना लें। उन्होंने विकास से जुड़े अधिकारियों को सलाह देते हुए कहा कि जितना भी कार्य करें उसे नियमों के तहत रहकर सही हिसाब-किताब से करें और पूरी पारदर्शिता रखते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाएं। यदि कोई कार्य अधिकारी की लापरवाही से गलत कर दिया जाता है तो उसके दूरगामी परिणाम होते हैं और ऐसी स्थिति में लाभार्थी को तो दिक्कत आती है तो साथ-साथ प्रशासन की भी जवाबदेही हो जाती है। अधिकारी अपने आपको एक रोल माडल के रूप में प्रस्तुत करें। उन्होंने सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिये कि ग्राम सभा की बैठक हर हालत में बुलाई जानी सुनिश्चित करें। बैठक से पहले गांवों में उसकी मुनियादी करवाई जाए और ग्राम सभा की बैठक की वीडियोग्राफी हो ताकि उससे पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित हो। उन्होंने अधिकारियों को यह भी कहा कि जिला के 83 गांवों में रिहायशी प्लाट वितरित करने के लिये पंचायती जमीन उपलब्ध नहीं है उन गांवों में जमीन खरीदने के लिये सरकार के पास केस बनाकर भेजे ताकि वहां के लोगों को भी इस योजना का लाभ दिया जा सके। बैठक में बताया गया कि असंध में 11 गांवों के लिये, इन्द्री में 28 गांवों के लिये, घरौंडा में 9 गांवों के लिये, करनाल में 16 के लिये, नीलोखेड़ी में 10 के लिये तथा निसिंग में 9 गांवों के लिये प्लाट देने हेतु जमीन उपलब्ध नहीं है। उपायुक्त ने ग्राम पंचायतों के माध्यम से करवाये जाने वाले विकास कार्यो की भी समीक्षा की और खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिये कि जो विकास कार्य पूरे हो चुके हैं उनके उपयोगिता प्रमाण पत्रों के समय पर भिजवा दें। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि विकास कार्यो के लिए स्वीकृत धनराशि को किसी भी सूरत में वापिस नहीं भिजवाया जाना चाहिए, बल्कि विकास कार्यो की प्रपोजल बनाते समय यह सुनिश्चित करें कि विकास कार्य के पूरा होने में किसी प्रकार की बाधा न आए। इस अवसर पर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी सी.एस.दलाल ने बताया कि जिला में महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत कुल 41 हजार 848 लाभपात्रों को प्लाट वितरित किये जाने हैं इनमें से अब तक 14 हजार 195 लाभपात्रों को अलाट किये जा चुके हैं तथा शेष लाभपात्रों को भी शीघ्र अलाट किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि घरौंडा खंड में 4 हजार 460, असंध में 3 हजार 296, इन्द्री में 3 हजार 319, निसिंग खंड में एक हजार 327, नीलोखेड़ी खंड में 803 तथा करनाल खंड में 990 लाभपात्रों को प्लाट आबंटित किये जा चुके हैं। बैठक में पंचायती राज संस्थाओं के कार्यकारी अभियंता के.एस. श्योराण ने बताया कि 50 प्रतिशत से अधिक आबादी वाले अनुसूचित जाति के 24 गांवों में करोड़ों रुपये की राशि के विकास कार्य पूरे करवाये जा चुके हैं तथा इस वर्ष के लिये गांव सांभली, कुटेल, बड़ा गांव, घीड, रांवर, बल्ला, सालवन, बड़सत, जुंडला, काछवा, बाल रांगडान तथा जलमाना में 25-25 लाख रुपये के विकास कार्य करवाये जायेंगे। इन गांवों में विकास कार्यो के लिये टेंडर हो चुके हैं। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त एम.के.पांडुरंग, जिला खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सी.एस.दलाल सहित सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा पंचायती राज संस्था के उपमंडल अधिकारियों ने भाग लिया।
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