करनाल विजय काम्बोज
उपायुक्त श्रीमती नीलम प्रदीप कासनी ने कहा कि बच्चों का जीवन मिटटी के उस कच्चे घड़े के समान है जिसे जैसा भी रूप दिया जाए वह ऐसा ही बन जाता है। इसलिए बच्चों की प्रतिभा को बढ़ाने के लिये उन्हें अभिरूचि कक्षाओं से जोडऩा चाहिए। इस दिशा में जिला बाल कल्याण परिषद समय-समय पर ऐसी अभिरूचि हॉबी कक्षाएं आयोजित करके बच्चों को प्रतिभाशाली बनाने के लिये अच्छा प्रयास कर रहा है।
उपायुक्त ने बाल भवन में ग्रीष्मकाल अवकाश के दिनों में आयोजित की गई नृत्य, चित्रकला, कैलीग्राफी, जूड़ो-कराटें एवं कम्प्यूटर प्रशिक्षण की हॉबी कक्षाएं देखी और बच्चो से बातचीत की तथा बच्चों द्वारा बनाए जा रहे चित्रों, सीख रहे नृत्य, कम्प्यूटर ज्ञान ले रहे तथा जूड़ो कराटे कला सीखते बच्चों को देखकर उनकी प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने अवलोकन के दौरान जूड़ो-कराटे सीख रहे बच्चों से जानकारी ली कि इससे आपको क्या लाभ होगा। इस पर बच्चों ने कहा कि जूड़ो-कराटे सीखने के बाद शरीर स्वस्थ रहता है वहीं हम अपनी सुरक्षा स्वयं कर सकते हैं। उपायुक्त ने चित्रकला सीख रही लड़कियों से बातचीत की उन्होंने बताया कि यह हमारी पढ़ाई के साथ-साथ आजीविका का साधन बन सकती है। नृत्य सीख रहे बच्चों ने उपायुक्त के सामने अपना प्रदर्शन कर उनका मन मोहा।
उन्होंने कहा आज के आधुनिक परिवेश तथा प्रतिस्पर्धात्मक युग में सबकुछ बदल रहा है। मनुष्य को आधुनिकता के साथ जोडऩे के लिये जरूरी है कि बच्चों को स्कूल स्तर से ही इसके लिये तैयार किया जाए। इसके लिये समर कैम्प लगाकर बच्चों को विभिन्न विषयों से जुड़ी शिक्षा दी जाए ताकि वे अपने लक्ष्य से न भटके। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को ऐसे तौर-तरीके बताए जाएं जिनमें संस्कार निहित हों। संस्कारी व्यक्ति लम्बे समय तक समाज में अपनी पहचान कायम रख सकता है और उसकी ये पहचान कहीं न कहीं समाज के काम भी आती है। उन्होंने जिला बाल कल्याण अधिकारी अमरनाथ नरवाल की ओर से बाल भवन में हॉबी कक्षाओं के आयोजन को देखकर कहा कि इस तरह की कक्षाओं व उनमें भाग लेने वाले बच्चों की संख्या बढ़ानी चाहिये। ज्ञात रहे कि जिला बाल कल्याण अधिकारी द्वारा ग्रीष्म कालीन हॉबी कक्षाओं में बाल भवन में करीब 200 बच्चों को नृत्य, चित्रकला, कैलीग्राफी, जूड़ो-कराटें एवं कम्प्यूटर की शिक्षा दी जा रही है। उपायुक्त ने हॉबी कक्षाओं का अवलोकन करने के उपरांत बाल भवन में ही 2 लाख 25 हजार रुपये की लागत से खरीदे गये नये ध्वनि रहित जनरेटर सेट का भी बटन दबाकर शुभारम्भ किया। उन्होंने बाल कल्याण अधिकारी को निर्देश दिये कि वे बाल भवन गेट के सामने खाली पड़ी जमीन पर पेड़-पौधे उगाएं और इस क्षेत्र की सफाई का विशेष ध्यान रखे।
इस मौके पर सचिव जिला रैडक्रास सोसायटी सुनील कुमार, समाज सेवी संदीप लाठर, प्राध्यापिका उर्वशी विग व सीमा उपस्थित थी।
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