यह घटना साढौरा रोड के पास मारकंडा नदी के पुल के नजदीक बृहस्पतिवार दोपहर को हुई। गदौली गांव निवासी नीरज उर्फ सोनू और मोहित बाइक से मारकंडा नदी पार स्थित खेत से लौट रहे थे। साढौरा रोड पर खड़ी पुलिस की पीसीआर ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। करीब आने पर पीसीआर में बैठे कर्मी ने बाइक चालक को डंडा मार दिया। इससे उसका संतुलन बिगड़ गया और बाइक सामने से आ रही टाटा सफारी से जा टकराई। इससे नीरज की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मोहित ने चंडीगढ़ स्थित अस्पताल में दम तोड़ दिया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने पीसीआर को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। नारायणगढ़ थाना प्रभारी की गाड़ी में मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों को भी उन्होंने नहीं बख्शा। यही नहीं ग्रामीणों ने थाना प्रभारी की गाड़ी में भी आग लगा दी। पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर ग्रामीणों ने साढौरा रोड को अंबली चौक व मारकंडा पुल के पास जाम कर दिया। इसी बीच वहां से गुजर रही पंचकूला के एडीसी संजीव वर्मा की गाड़ी को रोककर आग लगा दी गई। संजीव को भागकर अपनी जान बचानी पड़ी।
घटना के चार घंटे बार मौके पर पहुंचे एसपी शशाक आनंद को भी ग्रामीणों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित लोगों को शांत करने के लिए एसपी ने पीसीआर में तैनात एसआइ पूर्ण चंद, कांस्टेबल सतीश, गुरदयाल और चालक कृष्ण को बर्खास्त कर दिया है।

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