Saturday, July 2, 2011

र्स्वग की दुसरी सीढी जहां धटता बढता है 12 साल बाद शिवलिंग


प्रवीण सैनी  साढौरा
क्या आपको पता है र्स्वग की दुसरी सीढी क्या कभी आपने देखी है र्स्वग की दुसरी सीढी। अगर नही तो आज देखीये र्स्वग की दुसरी सीढी।जी हां हरियाणा और हिमाचल के बार्डर पर है स्थित काला आम्ब| यही से जाता है उसका रास्ता । हिमाचल की पहाडियो मे है पोढी वाला जहां के पर शिव लिंग  को सख्या दी गई है र्स्वग की दुसरी सीढी। मेन नाहन जाने वाली सडक से नीचे की और मन्दिर की तरफ जाना पडता है। रास्ते है नीचे घुमाँवदार मोड। रास्ते मे आती है छोटी मोटी कठनाईया भी।यहां है भगवान शिव  का मन्दिर जिसका आकार 12 साल बढता है और 12 साल धटता है। मन्दिर के बाहर लगे बौर्ड पर भी यहां की  गाथा को दर्शाता  है। यहां का सम्बन्ध लंकापति रावण से भी जुडा है कहा जाता है की रावण ने अमरता की लिऐ शिव  से वरदान मांगा। शिव ने उसे 5 पेडिया निर्मित करने को कहा उसने पहली पोढी हर की पोढी हरिद्वार दुसरी यहां पोढीवाला और तीसरी चुडेष्वर महादेव व चौथी किन्नर कैलाष मे बनाई। इसके बाद उसे नीद आ गई। जब जागा तो अगले दिन की सुबह हो चुकी थी। मान्यता है की यहां मन्दिर मे साक्षात शिव  भगवान मौजूद है। यहां आने वाले हर श्रुद्वाल की हर मनोकामना पूरी होती है श्रुद्वाल के अनुसार यहां आकर उन्हे यहां से सुख व शुकन मिलता है। इसके अलावा इसके साथ एक और कथा भी जुडी है कि भगवान विष्णु  की तपस्या करने के फलसवरूप मृकण्डु ऋषि  को वरदान देते हुऐ कहा कि इसकी आयु 12 वर्ष  की होगी।अतः इस के बाद मारकंडा   ऋषि का जन्म हुआ। जिन्होने अमरता प्राप्त करने के लिऐ महामृत्युजय मन्त्र  का जाप किया। 12 वर्ष  बाद जब उन्हे यमराज लेने आये तो उन्होने शिवलिंग  को बाहो मे भर लिया। जिस पर शिव जी  वहां पर प्रकट हुऐ और उन्हे अमरता का वरदान दिया।तभी से मारकंडा नदी का उदगम हुआ। और शिव  शंकर  शिव  लिग मे संमा गये।

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