Saturday, July 2, 2011

बाबा राम देव के खिलाफ एंटी टैरोरिस्ट फ्रंट इंडिया सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर करेगा:वीरेश शांडिल्य


करनाल सुरेश अनेजा
 एंटी टैरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय  अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने आज करनाल विश्राम गृह में  पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जिस बाबा रामदेव के पास 15 साल पहले कुछ भी नहीं था, उसके पास करोडो की सम्पत्ति कहां से आए। यही नहीं उनके सहयोगी एवं नेपाल निवासी आचार्य बालकृष्ण के पास इतनी चल-अचल सम्पत्ति कहां से आई, इसकी जांच सीबीआई से करवाने को लेकर एंटी टैरोरिस्ट फ्रंट इंडिया सुप्रीम कोर्ट जनहित याचिका दायर करेगा। पत्रकार सम्मेलन में हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष एवं फं्रट के उत्तराखंड व यूपी के प्रभारी कुलवंत सिंह मानकपुर, फ्रंट के राष्ट्रीय सचिव गुरचरण सिंह बलीस, फं्रट के राष्ट्रीय सचिव तरसेम सैनी, नरेन्द्र अग्रवाल, सुदेश जैन  आदि मौजूद थे। 

एंटी  टैरारिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहा कि वह रामदेव की करोडो अरबों की सम्पत्ति की जानकारी लोगों को देकर उनके चेहरे को बेनकाब करेंगे। उन्होनें कहा कि यह कैसा संत है जो महलरूपी आश्रम में रह रहा है और योग करवाने के नाम पर लोगों को ठग रहा है। यही नहीं इसके संस्थानों में बनने वाली दवाईयां भारी दामों व मनमर्जी के दामों पर बेची जा रही है और उसका कोई रिकोर्ड तक नहीं। उन्होनें कहा कि कांग्रेस सरकार ने बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को बेनकाब कर देश की जनता को लूटने और ठगने से बचाया है। 


एंटी टैरारिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय  अध्यक्ष वीरेश शांडिल्य ने कहा कि कांग्रेस नेता दिविजय सिंह के इस ब्यान का समर्थन करते है कि रामदेव एक ठग है। उन्होनें कहा कि अपने योग के मंचों पर लाला लाजपत राय, भगत सिंह, सुखदेव, आजाद के होर्डिग लगाकर उन्हें बेच रहे है और उनकी शहादत के साथ खिलवाड कर रहे है। उन्होनें कहा कि मां और बहन हमारा स्वाभिमान है, उन्हें दिल्ली रामलीला मैदान में अकेला छोड़ लेडिज कपडे पहन रामदेव भाग खडा हुआ। उन्होनें कहा कि लाला लाजपत राय ने तो अंग्रेजों की लाठियां खायी और शहीदी दी। लेकिन इस ठग संत को अपने पैसे की चिंता हो गई कि उसे कौन संभालेगा। 

 शांडिल्य ने रामदेव को भाजपा व आरएसएस का एजेंट बताया। और कहा कि रामदेव जब अस्पताल में दाखिल थे तो उत्तरांखंड के मुख्यमंत्री उनके प्रवक्ता बने हुए थे। रामदेव को यूपीए सरकार को अस्थिर करने के लिए भाजपा व आरएसएस ने ही षडयंत्र रचा हुआ था। वीरेश शांडिल्य ने कहा कि रामदेव का अनशन श्री श्री रविशंकर, मुरारी बापू द्वारा तुडवाना भी एक सुनियोजित साजिश लगती है। उन्होनें कहा कि रामदेव की भूख हड़ताल को भाजपा ने राजनीतिक स्टंट बनाते हुए राजनीतिक रोटियां सेंकने का प्रयास किया, यही कारण है कि देहरादून में रामदेव को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला मिलने आए। रामदेव ने अनशन तोडऩे के लिए शायद मुरारी बापू व श्री श्री रविशंकर को बुलाया था। 


 शांडिल्य ने कहा कि गंगा की रक्षा व खनन के विरूद्घ हड़ताल करने वाले निगमानंद की मौत की जांच सीबीआई से करवाने के लिए वह जिलाधीश कार्यालय के बाहर एक दिन की भूख हड़ताल करेंगे तथा राज्यपाल को ज्ञापन सौपेंगे। उन्होनें कहा कि निगमानंद की भूख हड़ताल को भाजपा ने अपना मुद्दा क्यों नहीं बनाया। निगमानंद की मौत का जिम्मा उत्तराखंड की सरकार पर है। उन्होनें कहा कि गंगा जो विश्व में पूजनीय है उसकी रक्षा के लिए भूख हड़ताल करने वाले निगमानंद को किसी ने नहीं पूछा और उनकी मौत प्रश्रचिन्ह के घेरे में आ गई है। उन्होनें कहा कि निगमानंद को इसलिए नहीं पूछा क्योंकि उनकी भूख हड़ताल मीडिया ट्रायल नहीं थी। 
उन्होंने कहा कि ने बाबा रामदेव से कहा कि वह स्विस बेंको  में पडे धन को राष्ट्रीय सम्पत्ति बनाने की बात कर रहे है, पहले वह अपनी सम्पत्ति को राष्ट्रीय  सम्पत्ति घोषित करें। आचार्य बालकृष्ण पर चर्चा करते हुए उसे बहुत बड़ा ठग व धोखेबाज बताया तथा कहा कि न तो उसके पेनकार्ड पर पिता का नाम है तथा पासपोर्ट भी गलत तथ्य देकर बनवाया। आचार्य बालकृष्ण के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाए तथा उसे भी बेनकाब किया जाए। उन्होनें कहा कि यदि आचार्य बालकृष्ण के विरूद्घ मुकदमा दर्ज उन्हें गिरफ्तार तो एंटी टैरोरिस्ट फ्रंट इंडिया केन्द्रीय गृहमंत्री को भी मिलेगी। 


 शांडिल्य ने कहा  पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह  के पिता महाराजा यादविन्द्र सिंह ने हिमाचल में कंडाघाट चहल रोड पर गांव साधुपुल में जगह दान दी थी  जिसे इंदिरा गांधी होलीडे होम फॉर चिल्ड्रन का नाम दिया गया था। यह जगह 1950 में महाराज यादविन्द्र सिंह  ने अनाथ बच्चों को रहने के लिए दी थी। लेकिन हिमाचल सरकार ने कंडाघाट चहल रोड पर स्थित गांव साधुपुल में 127 बीघा जमीन योग गुरू बाबा रामदेव को एक रूपये की रसीद पर 99 साल के पटे पर  दे दी जो भाजपा सरकार का भू माफिया वाला चेहरा सामने आया और यह एक पोलिटिकल टेरोरिज्म है।


वीरेश शांडिल्य ने पत्रकारों को कहा कि यदि महाराजा यादविन्द्र सिंह द्वारा दी 127 बीघा जमीन जो अनाथ बच्चों के रहने के लिए वापिस न दी तो एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया हिमाचल हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर करेगा। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव से यह जमीन वापिस लेने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को पत्र भी लिख दिया है। साथ ही वीरेश शांडिल्य ने कहा कि केंद्र सरकार इस बात की जांच करे कि अन्य भाजपा शासित राज्यों में भी क्या रामदेव को हिमाचल की तरह कोडिय़ों के भाव जमीनें मिली है  वीरेश शांडिल्य ने बाबा रामदेव को भाजपा व आरएसएस का एजेंट बताया तथा कहा कि रामलीला ग्राउंड में यह सारा षड्यंत्र रामदेव ने केंद्र में यूपीए सरकार को अस्थिर करने के लिए किया। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय  महासचिव दिग्विजय सिंह के ब्यान का समर्थन किया कि बाबा रामदेव धोखेबाज हैं। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव की करोड़ों अरबों की संपत्ति की सीबीआई जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर करेंगे।उन्होंने कहा  ने कहा कि रामदेव ने यह कहकर कि वह सरकार व पुलिस के विरूद्घ सशस्त्र सेना तैयार करेंगे यह देशद्रोह है। वह रामदेव के खिलाफ बुधवार को पटियाला की अदालत में एक याचिका दायर कर देशद्रोह का मामला दर्ज करने की मांग करेंगे। उन्होंनें कहा कि रामदेव सशस्त्र सेना बनाने की बात कर लादेन व भिंडरावाले के पदचिन्हों पर चल रहे है। वीरेश शांडिल्य ने कहा कि यूपी व उत्तराखंड में वह राहुल गांधी की नीतियों का समर्थन करते है और कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करेंगे। उन्होनें कहा कि इस वक्त यूपी व उत्तराखंड में विकास की जरूरत है और विकास, शांति, अमन कांग्रेस दे सकती है। उन्होनें कहा कि यूपी में इस वक्त भय, भर्ष्टाचार , गुंडागर्दी, अपहरण, बलात्कार, हत्याएं खुलेआम हो रही है और अधिकतर सत्तापक्ष के विधायक आरोपी साबित हो रहे है। उन्होनें कहा कि जेल में सीएमओ की हत्या होना, यहां से पता चलता है कि उत्तर प्रदेश में जंगलराज है जो सरकार के आगे नतमस्तक नहीं है वह कुछ दिन का मेहमान है अर्थात मौत के मुंह में जाना उसका निश्चित है। शांडिल्य ने कहा कि उनका फ्रंट हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, चंडीगढ़, यूपी, दिल्ली में कार्य कर रहा है तथा उनके फ्रंट का एम एस बिट्टा के फ्रंट से कोई लेना देना नहीं। उनका फ्रंट रजिस्टर्ड है तथा फ्रंट के माध्यम से उन्होनें कई जनहित याचिकाएं दायर की है। उन्होनें कहा कि 20 जुलाई तक उत्तराखंड का प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर दिया जाएगा। वीरेश शांडिल्य ने कहा हाल ही में उनकी पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट दायर जनहित याचिका पर अहम फैसला दिया और पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे हवारा व भ्यौरा सहित तिहाड़ जेल में बंद कुख्यात आतंकवादियों की सुनवाई अब हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ की जेलों में वीडिया कांफ्रसिंग के जरिए होंगी। वीरेश शांडिल्य ने कहा कि अब तक उनके फ्रंट में 20 हजार से अधिक सक्रिय सदस्य जुड चुके है। 
उन्होंने कहा कि ने पड़ोसी राज्य हिमाचल के मुख्यमंत्री के तुलगकी फरमान पर चर्चा की और कहा कि हिमाचल पुलिस की वर्दी बदलकर पुलिस का मनोबल गिराया है। उन्होनें कहा कि पुलिस का स्वाभिमान खाकी में ही है। और कानून से बड़ी परम्परा है। उन्होनें कहा कि वह 30 जुलाई को मुख्यमंत्री व हिमाचल के राज्यपाल को मिलकर पुन: हिमाचल पुलिस को खाकी वर्दी बहाल करने की मांग करेंगे। उन्होनें कहा कि क्रिमीनल के दिमाग में खाकी का भय ज्यादा है और भय के बिना क्राइम खत्म नहीं हो सकता। 

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