गर्भ में भ्रूण की जांच करवाना दंडनीय अपराध है:वंदना भाटिया
करनाल विजय काम्बोज सिविल सर्जन डा0 वंदना भाटिया ने कहा कि जिले के नीलोखेड़ी स्वास्थ्य केन्द्र के अन्तर्गत आने वाले गांव में लिंगानुपात काफी कम है। इस क्षेत्र में लिंगानुपात बढ़ाने के लिए लोगो को जागरूक होने की जरूरत पर बल दिया। यदि इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाले समय में इसके परिणाम भयानक होंगे।
सिविल सर्जन ने (पी.एन.डी.टी. )के तहत गठित जिला स्तरीय सलाहकार कमेटी की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि गर्भ में भू्रण की जांच करवाना दण्डनीय अपराध है। इसके कारण जिले में लिंगानुपात में काफी गिरावट आ रही है। उन्होंने लिंगानुपात को सामान्तर बनाने के लिए कमेटी के सामने कई सुझाव रखे। उन्होंने बताया कि अल्ट्रासाऊड
संचालकों पर विशेष ध्यान रखा जा रहा है जो 8 सैक्टर में पिछले दिनों गर्भ की जांच करवाते हुए डा0 पकड़ा गया था। वह डाक्टर आज भी सजा काट रहा है। उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाऊंड मशीन का दुरूपयोग न हो। इसके लिए कक्कड़ आई एण्ड मैटरनिटी अस्पताल के आपे्रटर के निधन की वजह से इसका रजिस्टे्रशन रद्द कर दिया गया है और रजिस्ट्रेशन से सम्बन्धित दो प्रतियां सरन्डर करने को कहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन-जिन गांवों में लिंगानुपात में असंतुलन है उन गांवों में स्वास्थ्य विभाग के प्रोग्राम अधिकारी व उप सिविल सर्जन गांव में जाकर निरीक्षण करें। उन्होंने अल्ट्रासाऊंड केन्द्रों के संचालकों एवं डाक्टरों को आगाह किया कि वे एक्ट की पूरी तरह से पालना करें। उन्होंने कहा कि जो अल्ट्रासाऊंड संचालक मनमानी कर रहे हैं, विभाग की तरफ से उन पर नकेल डाली जा रही है। उन्होंने कहा इस विषय में किसी की मनमानी नहीं होने दी जायेगी। उन्होंने भारत साक्षर मिशन के प्रतिनिधि से आग्रह किया कि वे इस अभियान में अपनी अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि साक्षर मिशन के कार्यकर्ता नाटक मण्डली के माध्यम से गांव-गांव जाकर कन्या भू्रण हत्या से होने वाली नुकसान के बारे मेे लोगो को अवगत करवाये।
उन्होंने जिले के समाज सेवी संस्थाओं, पंचायती राज प्रतिनिधियों एवं गणमान्य व्यक्तियों का आहवान किया कि वे कन्या भू्रण हत्या जैसे अपराध को रोकने में अपनी सक्रिय भूमिका निभायें ताकि लिंगानुपात में समानता बनी रहे।
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