Thursday, June 9, 2011


30 जून तक हो जायेगा बाढ़ की रोकथाम हेतु स्टड निर्माण का काम पूरा
करनाल विजय काम्बोज
यमुना नदी के साथ लगते गांवों को संभावित बाढ के प्रकोप से बचाने के लिये सिंचाई विभाग द्वारा पुख्ता इंतजाम किये जा रहे हैं। बाढ की रोकथाम के प्रबंध पर 25 करोड़ 35 लाख रुपये की राशि खर्च की जा रही है और यह कार्य आगामी 30 जून तक पूरा होने की संभावना है। 
इस संंबंध में जानकारी देते हुए उपायुक्त श्रीमती नीलम पी.कासनी ने बताया कि वर्ष 2010 में आई यमुना नदी की बाढ ने पिछले 38 साल का रिकार्ड तोड़ा है। उस रिकार्ड को मददेनजर रखते हुए हरियाणा राज्य बाढ नियंत्रण बोर्ड ने करनाल जिला के यमुना नदी के साथ लगते गांवों को बाढ से बचाने की 25 करोड़ 35 लाख रुपये की योजना को स्वीकृति प्रदान की है। इस योजना के तहत गत जनवरी माह में बाढ से प्रभावित हुए गांवों के पास यमुना नदी पर बनाये जाने वाले 42 नये स्टडो तथा 39 पुराने स्टडो की मरम्मत का कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि यमुना नदी पर चल रहे बाढ बचाओ कार्यो का निरीक्षण  रोहतक मंडल के आयुक्त राजीव शर्मा ने भी किया था और किये गये कार्यो की प्रगति पर संतोष प्रकट किया है। 
उपायुक्त श्रीमती कासनी ने जिले के बाढ से प्रभावित हुए गांवों के पास यमुना नदी पर चल रहे बाढ बचाओ कार्य के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि गांव गढपुर टापू में एक करोड़ 89 लाख रुपये की लागत से 4 नये स्टड बनाने व एक पुराने स्टड की मरम्मत का कार्य चल रहा है। इसी प्रकार गांव नबियाबाद में 2 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से 5 नये स्टड व 3 पुराने स्टड की मरम्मत, गांव नगली में 2 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से 3 नये स्टड व 4 पुराने स्टड की मरम्मत, गांव खिराजपुर में 4 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से 10 नये स्टड व 5 पुराने स्टड की मरम्मत, गांव कुंडा कलां में 4 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से 8 नये स्टड व 6 पुराने स्टड की मरम्मत, गांव जम्मूखाला में  एक करोड़ 6 लाख रुपये की लागत से 2 नये स्टड व 2 पुराने स्टड की मरम्मत, गांव मुस्तफाबाद में 3 करोड़ 36 लाख रुपये की लागत से 7 नये स्टड व 9 पुराने स्टड की मरम्मत तथा गांव लालूपुरा व सैदपुरा में 4 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से 3 नये स्टड व 9 पुराने स्टडो की मरम्मत का कार्य हो रहा है। 



उपायुक्त से की खाद डालने की जगह चौपाल न बनाने की अपील 
इन्द्री विजय काम्बोज
गांव कु टेल में खाद डालने की जगह पर चौपाल बनाने को लेकर तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। गांव की पंचायत उस जगह पर चौपाल बनाना चाहती है जहां पर लोग अपना कचरा व खाद वगैरा डालते हैं। इस मामले को लेकर गांव की महिलाओं ने उपायुक्त नीलम प्रदीप कासनी से मुलाकात कर अपनी समस्या से उन्हें अवगत कराया। महिलाओं का कहना है कि गांव की पंचायत खाद गड्ढों की जगह पर चौपाल बनाना चाहते हैं। अगर वहां चौपाल बनी तो हमें मजबूरन सडक़ों पर कचरा डालना पड़ेेगा। महिलाओं ने उपायुक्त से की गई अपनी दो शिकायतों में कहा कि कु छ दिन पहले सरपंच ने चौपाल बनाने की कोशिश की थी। विरोध करने पर उन्होंने लोगों के खिलाफ  एफ आईआर दर्ज करा दी। महिलाओं ने कहा कि इस एफ आईआर को रद्द कराया जाये। दूसरे उन्होंने उस रेजुलेशन को भी रद्द करने की मांग की जो सरपंच ने ग्राम सभा की बैठक में पास किया था। महिलाओं ने बताया कि गांव में मधुबन पुलिस आई और कहा कि अगर किसी ने चौपाल के निर्माण को रोकने की कोशिश की तो उसके खिलाफ  कानूनी कारवाई की जायेगी। इस मामले को लेकर उपायुक्त ने महिलाओं को आश्वासन देते हुए कहा कि इस मामले की जांच कराई जायेगी तथा कोई समाधान निकाल कर खाद गड्ढों की जगह को बना रहने देने का प्रयास किया जायेगा। उपायुक्त से मिलने वालों मे संतोष, सुनीता, पम्मी,मीना, विजय,शीला, बीरमती,नीलम,जोगिंद्रों, कुसुम,ग्रामीण शिवराज,इंद्र सिंह,रोहताश,रामपाल सिंह,कर्मसिंह,सतपाल,जगदीश आदि शामिल थे।


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