Thursday, June 9, 2011


कन्या भ्रूण हत्या जांच की सूचना देने वाले को मिलेगा नकद ईनाम
करनाल विजय काम्बोज
राज्य सरकार ने गर्भ में भू्रण जांच करने व करवाने वालो की सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गुप्त रखने तथा एक लाख की राशि का नकद ईनाम देने का निर्णय लिया है।  
          यह जानकारी उपायुक्त श्रीमती नीलम प्रदीप कासनी ने दी । उनहोनें कन्या भू्रण हत्या को एक सामाजिक कलंक बताते हुए कहा कि हम सबका यह नैतिक कत्र्तव्य बनता है कि इस बुराई को समाज से समाप्त करने के लिये आगे आएं। उन्होंने बताया कि कन्या भ्र्रूण हत्या कानूनी अपराध है। प्रसव पूर्व लिंग जांच करने वाले चिकित्सकों और कन्या-भ्रूण करवाने वाले परिवार को इस कानून के तहत 5 साल की कड़ी सजा व एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। उन्होंने  बताया कि कन्या-भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराईयों को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जिला में कार्यरत अल्ट्रा साऊंड मशीन संचालक चिकित्सकों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और पी.एन.डी.टी. समिति के जरिए समय-समय पर जिला में इनकी आकस्मिक चैकिंग भी की जाती है। उन्होंने जिला के अल्ट्रासाऊंड मशीनों के संचालक चिकित्सकों को चेतावनी दी है कि जो भी चिकित्सक प्रसव पूर्व लिंग जांच करते पाया गया तो उसे बक्शा नहीं जाएगा और उसके विरूद्ध सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
  श्रीमती कासनी ने बताया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार करनाल जिला में 0 से 6 वर्ष तक की आयु वर्ग में 1000 लडक़ों की तुलना में 820 लड़कियां हैं। कन्या भू्रण हत्या के कारण लिंगानुपात में गिरावट आई है जो चिंता का कारण है। यदि कन्या भू्रण हत्या को रोकने के लिए समय रहते कारगर प्रयास नहीं किए गए तो भविष्य में लड़कियों की संख्या इतनी कम हो जाएगी की, लडक़ों को शादी के लिये लड़कियां ढूंढऩे से भी नहीं मिलेगी और अधिकतर लडक़ों को कुंवारा ही रहना पड़ेगा। इतना ही नहीं लिंगानुपात में असंतुलन होने के कारण समाज में अराजकता फैलने का खतरा है तथा आजकल भी समाज में विशेषकर महिलाओं व लड़कियों के विरूद्ध अपराधों में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसी सामाजिक समस्याओं का निदान लोगों की सहभागिता से ही होना संभव है।       उन्होंने  बताया कि राज्य सरकार ने कन्या भू्रण हत्या जैसी सामाजिक बुराईयों को रोकने, लिंगानुपात में समानता लाने तथा लडक़ा व लडक़ी के भेदभाव को मिटाने के उद्देश्य से प्रदेश में लाडली नामक एक अनूठी योजना चलाई जा रही है।  इस योजना के तहत दूसरी कन्या पैदा होने पर लडक़ी को पांच हजार रूपए प्रति वर्ष आगामी पांच वर्षो तक एल.आई.सी. करवाई जाती है जो कि 18 वर्ष पूरे होने के उपरांत एक बड़ी रकम के रूप में अभिभावकों को प्रदान की जाती है। उन्होंने  बताया कि इस योजना के तहत गत वित्त वर्ष के दौरान करनाल जिले में 3 हजार 396 लड़कियों को यह लाभ प्रदान किया जा चुका है। इनमें एक हजार 48 लड़कियां अनुसूचित जाति की शामिल है।  राज्य सरकार की यह योजना घटते लिंगानुपात में समानता लाने तथा समाज व परिवार में लड़कियों को पूरा सम्मान दिलवाने में काफी लाभदायक सिद्ध हो रही है। 
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