Thursday, June 9, 2011


प्राथमिकता के आधार पर बिजली कनेक् शन दिये जायें:अमर सिंह
इंद्री, सुरेश अनेजा
भारतीय किसान यूनियन की मासिक बैठक मे बिजली निगम के किसानो पर लागू किए गए नए शेडयूल में बढ़े हुए पैसे पर एतराज जताया। बैठक की अध्यक्षता यूनियन ब्लॉक प्रधान अमर सिंह ने की। यूनियन के जिला प्रधान पृथ्वी सिंह ने कहा कि बिजली निगम द्वारा जारी किए गए नए शेडयूल में किसानों पर भारी बोझ डाला गया है। किसान बढ़ी हुई राशि को देने में असमर्थ हैं। जिन किसानों ने चार साल पहले कनैक्सन के लिए सिक्योरिटी  भरी थी उनको प्राथमिकता के आधार पर कनैक्सन दिए जाएं। किसान नेताओं ने ऐलान किया कि नए शेडयूल में जो पैसा बढ़ा है वे उस पैसे को नहीं  देंगे। इसलिए समय सीमा के आधार पर कनेक्सन दिएं जाएं नहीं तो किसान यूनियन आंदोलन करेगी। इस मौके पर बुधराम, मांगे राम, सर्वजीत कौर, जसवंत सिंह, अशोक कुमार, बाबूराम, रगबीर व जयकुमार मौजूद रहे।  
कमालपुर गडरियान में विकास कार्य नहीं होने से ग्रामीण खफा                           
इंदी  सुरेश अनेजा
प्रदेश सरकार द्वारा ग्रामीण इलाकों में विकास कार्य करवाने के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन कई गांव में हालात बद्तर है। कुछ गांवों में पंचायत की आमदन नहीं होने के कारण विकास कार्य ठप पड़ें  हैं। उन गांवों में विकास कार्य कराने में जहां पंचायतें दिलचस्पी नहीं लेती वहीं प्रशासन द्वारा भी उन गांवों के विकास कार्यो का तरफ ध्यान नहीं दिया जाता। इंद्री के नगली, हलवाना व कमालपुर गडरियान गांव की एक पंचायत है। ग्राम सरपंच मंजू नगली निवासी है। ऐसे ही पंचायत की कोई आमदनी नहीं होने से कमालपुर गांव में विकास कार्य नहीं ठप्प पड़े हैं। विकास कार्य नहीं होने से ग्रामीण काफी खफा हैं। उस गांव की गलियां व नालियां कच्ची हैं। गंदे पानी की निकासी नहीं होने के कारण लंबे समय से मुख्यमार्ग बंद पड़े हैं। ्र
                  ग्रामीण दयाल सिंह,  गुरमेज, नरेश पाल,, कर्म सिंह, नरेश कुमार, श्री चंद, भीम सिंहव राजेश  ने बताया कि उनके गांव में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। गांव की गलियां व नालियां कच्ची पड़ी हैं। गंदे पानी की निकासी नहीं होने से गलियों में कई फीट गंदा पानी जमा है। कई जगहों पर लोगों के घरों में गंदा पानी घुसा हुआ है। इससे गांव में बीमारियां फैलने की संभावना बनी हुई है। गंदगी के पसरने से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि उनके गांव में जोहड़ भी नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा उनके गांव के विकास पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों को कहना है कि उनके गांव को अगर सरकार से ग्रांट मिल जाए तो उनके गांव का सुधार हो जाएगा। 
            ग्राम सरपंच मंजू व उनके पति संजीव का कहना है कि पंचायत के अधीन तीन गांव आते हैं। पंचायत के पास कोई आमदनी का साधन नहीं है। इसलिए विकास कार्य अटके हुए हैं। पंचायत ने गऊ-चरान की जमीन को ठेके पर दे दिया था लेकिन उस पर ग्रामीणों द्वारा केस कर दिया गया जो कोर्ट में विचारधीन है। सरकार से ग्रांट मिलने के बाद ही विकास कार्य करवाए जा सकेंगेे। 

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