रादौर,कुलदीप सैनी
अनुपम परिवार की एक विशेष बैठक रादौर में सैनी एकीकरण महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव भविष्य सैनी के निवास पर सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता अनुपम परिवार के संस्थापक अध्यक्ष व चिट्टा हनुमान मंदिर के श्री महंत धर्मराज गिरी के शिष्य स्वामी सच्चिदानंद गिरी महाराज ने की। बैठक में केन्द्र सरकार आचार्य बालकृष्ण की नागरिकता पर उठाए गए सवाल की कड़ी निंदा की गई। बैठक में अनुपम परिवार व अन्य सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोगों ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए स्वामी सच्चिदानंद ने कहा कि बालकृष्ण की नागरिकता पर सवाल उठाने वाली केन्द्र सरकार को इस बात को नहीं भूलना चाहिए कि कांग्रेस अध्यक्षता सोनिया गांधी ने शादी के कितने वर्ष बाद भारत की नागरिकता हासिल की थी। केन्द्र सरकार अपनी कमियों को छुपाने के लिए हर दिन नये नये हंथकंडे अपना रही है। लेकिन बाबा रामदेव व उनके समर्थकों के साथ जो हुआ वह पूरी दुनिया के सामने आ चुका है। बाबा रामदेव पर हुए इस अत्याचार को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। इतिहास गवाह है कि जब जब किसी ने इस तरह का अत्याचार किया है उसे तब तब जनता के आक्रोश का सामना करना ही पड़ा है। केन्द्र सरकार को भी इसका परिणाम भुगतना ही पड़ेगा। सरकार बाबा को राजनीति न करने का मशवरा देती है। लेकिन यह सच है कि संत जो राजनीति करते है उसमें जनहित व देशहित निहित होता है। उन्होंने कहा कि आधी रात को सोते हुए लोगो पर लाठिया भंाजी भांजना कहां की राजनीति है। महिलाओं व बच्चों पर किया गया यह अत्याचार मानवीय नहीं है। उधर गांव बकाना में समाजसेवी रामेश्वर सैनी की अध्यक्षता में एक बैठक सम्पन्न हुई। जिसमें क्षेत्र के समाजसेवियों ने भाग लिया। बैठक को संबोधित करते हुए रामेश्वर सैनी ने कहा कि नींद ले रहे बुर्जगो, बच्चों व महिलाओं के साथ जो बर्बरता पूर्ण व्यवहार किया गया उसके लिए देश की जनता सरकार को कभी माफ नहीं करेगी। इस अमानवीय घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है । काग्रेंस सरकार ने हमेशा भ्रष्टाचारियों का संरक्षण किया है। 1966 में सन्त करपात्री जी महाराज द्वारा गौ हत्या बंद आंदोलन किया गया था । उस समय भी कांग्रेस सरकार ने दमन की नीति अपनाते हुए संतो पर अत्याचार किये थे। कांग्रेस सरकार के नुमाइंदे आचार्य बालकृष्ण की नागरिकता पर सवाल उठा रहे है। लेकिन अपनी नेत्री सोनिया गांधी की नागरिकता पर उन्होंने कभी सवाल नहीं उठाए। नेपाल व भारत के लोग एक दूसरे के देश में जाकर व्यापार करते रहते है। लाखो हजारों नेपाल के लोग भारत में है और नेपाल के निवासी भारत में कार्य कर रहे है। तो अब तक नागरिकता का प्रश्न कहा था। भ्रष्ट नेताओं को पहले अपने गिरेबांन में झांकना चाहिए। इस अवसर पर दीप पंथ संस्था के आचार्य चमनलाल, साध्वी श्यामाबाई, गोपाल गिरी जी महाराज, गायत्री देवी, भविष्य सैनी, रोशनलाल, बलजीत सैनी आदि उपस्थित थे।
अज्ञानता के कारण लोग गंभीर बिमारियों का शिकार हो रहे है:बलिंद्र कटारिया
रादौर, कुलदीप सैनी
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण द्वारा एडीसी गीता भारती एंव प्रोजेक्ट अधिकारी हाकमङ्क्षसह राणा के नेतृत्व में गांव सागड़ी, पलाका, जगूडी, मसंूरपूर में संपूर्ण स्वच्छता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संपूर्ण स्वच्छता अभियान यमुनानगर के सलाहकार बलिन्द्र कटारिया ने की।
इस अवसर पर बलिन्द्र कटारिया ने कहा कि अज्ञानता के कारण हम गंभीर बिमारियों का शिकार हो रहे है। मनुष्य के शरीर में फैलने वाली 80 प्रतिशत बिमारियां गंदगी के कारण होती है। लेकिन इसके बावजूद हम साफ सफाई पर पूरा ध्यान नहीं दे पाते। जो बिमारियों का कारण बनती है। खुले में शौच जाना इसका प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा कि हमें खुले में शौच नहीं जाना चाहिए। अपने अपने घरों में शौचालय जरूर बनवाना चाहिए। जिससे बिमारियों से बचा जा सके। टीएससी टीम की सदस्या मुकेशलता व सुषमा रानी ने महिलाओं को बताया कि शौचालय न होने से हमें किन किन प्रकार की बिमारियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि शौचालय न होने से घर की बहु बेटियों को शौच जाने के लिए रात के अंधेरे का इंतजार करना पड़ता है। जो कि कई बार उनके लिए काफी नुकसानदाय सिद्ध होता है। इस जिमेंवारी को देखते हुए हमें अपने घर में शौचालय अवश्य बनवाना चाहिए। जिससे गांव की स्वच्छता भी बरकरार रहेगी और बिमारियों पर भी अकुंश लगाया जा सकेगा। कार्यक्रम में उक्त गांवों के सभी सरपंचों व पंच सदस्यों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।
हड़ताल पर उतरे पैक्स कर्मचारी
रादौर कुलदीप सैनी
गत 1 जून से पैक्स केन्द्र के कर्मचारी रजिस्ट्रार कार्यालय पंचकूला में अनशन व कलम छोड़ हड़ताल कर रहे है। जिसका पिछले नौ दिनों से चली आ रही पैक्स केन्द्र कर्मचारियों की हड़ताल से क्षेत्र के किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को खाद व दवाईयों के लिए बाजार पर निर्भर रहना पड़ रहा है। लेकिन बाजार से खाद व दवाईयां प्रर्याप्त मात्रा में न मिलने के कारण किसान परेशान है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द ही पैक्स केन्द्रों का कार्य सुचारू नहीं हुआ तो इसका प्रभाव उनकी गन्नें की फसल व धान की रोपाई पर पड़ेगा। जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसान महेन्द्र ङ्क्षसह राणा, डॉक्टर ऋषिपाल राणा, बच्चन सिंह, दलीपङ्क्षसह, नरेश सैनी उन्हेंडी, लोकेन्द्र जठलाना, बरखाराम आदि ने बताया कि पैक्स केन्द्रों पर कर्मचारियों द्वारा कोई कामकाज न किए जाने से उन्हें खाद व दवाईयां नहीं मिल रही है। जिस कारण उनकी गन्नें की फसल प्रभावित हो रही है। वहीं धान की रोपाई का समय भी आ चुका है। किसानों की पौध तैयार हो चुकी है। लेकिन खाद व दवाईयां न मिलने से उन्हें काफी दिक्ततें आ रही है। उन्होंने बताया कि बाजार में खाद व दवाईयों की कमी है। अगर मिल जाए तो किसानों को खाद व दवाईयों के लिए अधिक पैसे चुकाने पड़ते है। लेकिन सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने मांग की कि पैक्स केन्द्र के कार्यो को जल्द ही सुचारू करवाया जाए।
क्या है कर्मचारियों की मांगे-जठलाना पैक्स केन्द्र के प्रबंधक फूलसिंह ने बताया कि कर्मचारी अनिश्चित कालीन हड़ताल पर है। कर्मचारियों की 6 मांगे है। कर्मचारियों की सरकार से मांग है कि उन्हें बैंक व अन्य सरकारी कर्मचारियों के अनुसार वेतनमान व सुविधाएं दी जाएं। उनके लिए भी नए संशोधित सेवा नियम बनाए जाए। केन्द्रीय सरकारी बैंकों द्वारा किया जा रहा उनका शोषण बंद किया जाए। कर्मचारियों की सरकारी बैंकों में पदोन्नित की जाए। पैक्स केन्द्रों में लगने वाला प्रबंधक बैक की बजाए पैक्स केन्द्र का ही होना चाहिए। सरकारी कर्मचारियों की तरह उन्हें भी लोन की सुविधा मिलनी चाहिए।
सरपंच पर लगाया चहेतों को बाड़े देने का आरोप
रादौर कुलदीप सैनी
गांव भगवानगढ़-भगवानपूर के लोगों ने गांव के सरपंच पर बाड़े काटने को लेकर भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए जिला उपायुक्त से न्याय की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के सरपंच ने अपने चेहेतों को बाडे दिए है जबकि जरूरतमंद को इसका लाभ नहीं मिल पाया है।
गांव भगवान गढ़ के पूर्व सरंपच रूपेन्द्र राणा, मामराज, राजाराम, नन्हाराम, फूलसिंह, रूलदाराम, नाथीराम ने बताया कि गांव की पंचायत ने गांव में 45 बाड़े काटे है। जबकि 20 परिवार की इस सुविधा का लाभ लेने के लिए योग्य थे। लेकिन सरंपच ने मिलीभगत कर अधिक बाड़े काट दिए। सरपंच ने अपने चेहतों को यह बाड़े दिए है। जबकि जरूरत मंद लोगों को यह सुविधा नहीं मिल पाई। उन्होंने बताया कि गांव के सरपंच पहले इसी प्रकार बुढ़ापा पैंशनों में धांधली की थी। गांव के लोगों ने जिला उपायुक्त से मांग की है कि इसका सर्वे दोबारा होना चाहिए और सर्वे के आधार पर ही बाड़ो की सुविधा मिलनी चाहिए। इस बारे जब बीडीपीओं रादौर से बात करनी चाही तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया। नायब तहसीलदार राजबीर सिंह से जब इस बारे बात की गई तो उन्होंने बताया कि बाड़े बीडीपीओं की अनुमति से ही काटे जाते है। पंचायत जितने लोगों के लिए रेजूलेशन डालती है उसी को अनुमति दे दी जाती है। अगर इस प्रकार की कोई समस्या आ रही है तो उसका समाधान कर दिया जाएगा।

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