रादौर,8जून-कुलदीप सैनी
ग्लोबल रिसर्च इंस्टीच्यूट आफ टैक्नॉलाजी रादौर मैनेजमेंट की ओर से प्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉक्टर एस. के . भसीन को संस्थान का प्रशासनिक निदेशक नियुक्त किया गया है। बुधवार को एक साधे समारोह के दौरान संस्थान के निदेशक चौ० मेवाराम ने डॉक्टर एस के भसीन को नियुक्ति पत्र सौंपा। बीस वर्षो से रिसर्च के क्षेत्र में महारत हासिल कर चुके डॉक्टर भसीन का संस्थान की ओर से पहले दिन कालेज में पहुचंने पर फूलमालाओं से स्वागत किया गया। इस अवसर पर नवनियुक्त निदेशक डॉ भसीन ने कहा कि उनकी प्राथमिकता संस्थान के विद्यार्थियों को अच्छी से अच्छी शिक्षा प्रदान करना होगी। वह लंबे समय से रिसर्च कार्यो से जुड़े हुए है। अपने अनुभव के आधार पर वह संस्थान में रिसर्च कार्यो को बढ़ावा देने में अपनी सेवाएं प्रदान करेगें। उन्होंने अब तक विश्व के कई देशों में भारत की ओर से रिसर्च के क्षेत्र में आयोजित अन्र्तराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लिया। गत दिनों पहले उन्होंने इंदौर की आईसीसीई संस्था की ओर से मलेशिया में आयोजित अन्र्तराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत की ओर से भाग लिया था। सम्मेलन में विभिन्न देशों के 385 लोगों ने भाग लिया था। जिनमें से चुने दस विभिन्न देशों के लोगों को रिसर्च के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने पर सम्मानित किया गया था। उन लोगों में उनका नाम भी शामिल था। रिसर्च के क्षेत्र में भारत का दुनियाभर में लोहा माना जाता है। भारत चीन के बराबर रिसर्च के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। उन्होंने अभी तक विभिन्न विषयों तक 24 किताबें लिखी है। जिनकों इंजीनियरिंग व पॉलीटैक् नीक के सिलेबस में पढ़ाया जा रहा है। वाटर पोल्यूशन पर वह रिसर्च का कार्य कर रहे है। पानी में पैदा होने वाली जलकुंभी से पानी को प्रदूषण से बचाने के रिसर्च का कार्य चल रहा है। इंसान ने अपने आराम के लिए रिसर्च के माध्यम से अनेकों खोजे की है। जिनका इंसान को लाभ भी मिला है। जबकि कई रिसर्च कार्यो से इंसान को मिलने वाले लाभ का प्रकृति पर बुरा असर भी पड़ा है। बिगड़ते वातावरण से ओजोन परत खराब हो रही है। जिस कारण ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से पूरा विश्व चिंताजनक है। इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन चौ० मेवाराम ने कहा कि प्रसिद्ध विज्ञानिक डॉक्टर एसके भसीन द्वारा ग्लोबल संस्थान से जुडऩे पर संस्थान का मान सम्मान बढ़ा है। डॉक्टर भसीन की सेवाओं से संस्थान के विद्यार्थियों को रिसर्च के क्षेत्र में भारी लाभ मिलेगा। संस्थान की ओर से विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा दिलवाने के लिए 9 पीएचड़ी व 13 एमटैक अध्यापक नियुक्त किए गए है। जल्द ही संस्थान में एमटैक व रिसर्च सैंटर की स्थापना की जाएगी।

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