Monday, June 13, 2011

नाटक के माध्यम से किया कन्या भ्रूण हत्या के बारे में जागरूक


इन्द्री13 जून,सुरेश अनेजा
सूचना, जन सम्पर्क एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग करनाल की भजन मंडली ने  गांव पूजम में ग्रामीणों को कन्याभ्रूण हत्या की रोकथाम बारे जागरूक किया तथा उन्हें राज्य सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। दूसरी ओर विभाग की अन्य भजन मंडली ने गांव पुरानी नीलोखेड़ी, कचामदा व ड्रामा पार्टी ने गांव बड़थल में सांस्कृतिक कार्यक्रम व कन्याभ्रूण हत्या की रोकथाम पर आधारित कमला नामक नाटक का मंचन किया गया। विभागीय भजन मंडली अपने निर्धारित प्रचार कार्यक्रम के तहत नीलोखेड़ी खंड के गांव पूजम में पहुंची और गांव के स्कूल में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गांव के सरपंच बलकार सिंह ने की। इस अवसर पर ड्रामा पार्टी व भजन मंडली के कलाकारों ने जहां लोकगीतों के माध्यम से राज्य सरकार की जन कल्याणकारी नीतियों, योजनाओं तथा विकास गाथा का वर्णन किया, वहीं उन्हें समाज में फैल रही कुरीतियों की रोकथाम बारे भी जागरूक किया। इस अवसर पर सरपंच बलकार सिंह ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुडडा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने अनेक जन कल्याणकारी योजनाएं लागू करके लोगों को सीधा आर्थिक लाभ पहुंचाया है और निरंतर लोगों की भलाई के लिये कार्य कर रही है।  इस मौके पर सरपंच ने गांव की समस्याओं के बारे में अवगत कराते हुए बताया कि सन 1956 में पंचायत भवन का निर्माण हुआ था जो अब जर्जर हालत में है। बाल्मिकी चौपाल का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है तथा गांव की फिरनी व गलियों के हालात भी अच्छे नहीं है। उन्होंने बताया कि पंचायत के पास आय के साधन भी सीमित है और पंचायती जमीन से जो पिछले वर्ष आमदनी हुई थी उससे गांव में पीने के पानी के छ: नये नलके व 11 नलकों की मरम्मत, कृषि भूमि में दो सबमर्सीबल टयूबवैल लगवाये तथा गांव में स्ट्रीट लाईट व सफाई व्यवस्था करवाई गई। इस मौके पर गांव के पंच श्यामलाल शर्मा, पूर्व पंच गुरूदेव सिंह, निरंजन, माया राम, जिले राम, सतपाल व गांव के चौकीदार जागर सिंह सहित भारी संख्या में ग्रामीणों ने कार्यक्रम का आन्नद लिया। दूसरी ओर ड्रामा पार्टी के कलाकारों ने गांव बडथल में कमला नामक नाटक का मंचन किया। नाटक के माध्यम से गर्भवती महिला द्वारा लडक़ी के जन्म देने को लेकर परिवार के सदस्यों मुख्यत: सास व पति द्वारा किस प्रकार से प्रताडित किया जाता है इन बिन्दुओं पर विशेष तौर से प्रकाश डाला गया। इतना ही नहीं बहू को पति व सास द्वारा मिटटी का तेल छिडक़कर जलाने तक का प्रयास करते दिखाया गया। इतने में बहू का पिता मौके पर पहुंच जाता है और वह इस घटना के बारे में जानकारी हासिल करके पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवा देता है।  पुलिस जब पति व सास को गिरफ्तार करने के लिये गांव पहुंचती है तो गांव का सरपंच व नम्बरदार पुलिस इंस्पेक्टर से अनुरोध करता है कि इस मुददे को ग्राम पंचायत में ही निपटा देंगे और भविष्य में कन्याभ्रूण हत्या न होने देंगे और न करने देंगे। इस विश्वास पर पुलिस गांव में फैसला करके उसे पी.एन.डी.टी. एक्ट के तहत कानूनी कार्यवाही से ग्राम पंचायत सास व पति को बचा लेते हैं। सास व पति पूरे गांव के सामने यह संकल्प लेता है कि बेटा, बेटी एक समान हैं और हम कभी भी कन्याभ्रूण हत्या नहीं करेंगे और न किसी को करवाने की सलाह देंगे। नाटक के बीच में नाटक मंडली के कलाकार शीशपाल ने कन्याभ्रूण हत्या की रोकथाम पर आधारित लोकगीत मात मैंने मरवावै मतना थारी शान देखना चाहू सू, गर्भ तै बाहर लिकडके आदर मान देखना चाहूं सू तथा कलाकार सुमेरपाल ने लोकगीत जनम तै पहला मरवा कै मत घडा पाप का भर माता तन्नै धर्मराज कै सजा मिलेगी बुरे कर्म तै डर माता गीत प्रस्तुत करके लोगों को भावमुक्त कर दिया। कमला नाटक में बहू की भूमिका में शीशपाल कलाकार, पति की भूमिका में हिसम सिंह स्टेज मास्टर, सास की भूमिका में सुमेर पाल कलाकार, पुलिस इंस्पेक्टर की भूमिका रामकुमार कलाकार, सरपंच की भूमिका में ईश्वर शर्मा उपस्थित थे।

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