इन्द्री13 जून सुरेश अनेजा
कृषि क्षेत्र में फल, सब्जियों इत्यादि उपजों के भंडारण और जैविक खेती को प्रोत्साहन देने में नाबार्ड द्वारा बहुत ही महत्वाकांक्षी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें 50 लाख रूपये की राशि से लेकर करोड़ों रूपये तक के ऋण दिये जाते और उन पर 25 प्रतिशत से लेकर 33.33 प्रतिशत तक की सबसिडी प्रदान की जाती है।
नाबार्ड की इन योजनाओं का उद्देश्य कृषि के क्षेत्र में नई तकनीक के द्वारा क्रांतिकारी परिवर्तन लाना है। इनके तहत कोल्ड स्टोर और गोदाम बनवा कर उपजों का भंडारण करने से न केवल उपज सुरक्षित रहती हैं बल्कि इस नए व्यवसाय से रोजगार भी मिल रहे हंै। उन्होंने कहा कि हमारे यहां भंडारण की सुविधाएं न होने के कारण विशेषकर सब्जी और फल खराब हो जाते हैं। नाबार्ड की योजनाओं से इस नुकसान से बचा जा सकेगा। नाबार्ड जैविक खेती को भी प्रोत्साहित कर रहा है। जैविक खेती के लिये वाणिज्यिक जैव खाद उत्पादन ईकाई की स्थापना के लिये 20 लाख रूपये तक की राशि के ऋण 25 प्रतिशत सबसिडी पर दिये जाते हं। इसके अलावा वर्मी कल्चर हैचरी यूनिट के लिये 1.50 लाख तथा खराब हुए फल व सब्जियों अथवा उनके बचे कूड़े से खाद बनाने की इकाई के लिये 40 लाख रूपये की राशि के ऋण बैंकों के माध्यम से दिये जा रहे हंै। इन पर भी 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।
सरकार की इस योजना में डेयरी व मुर्गी फार्म विकसित करने के लिये ऋण राशि में से 50 प्रतिशत राशि बिना ब्याज के दी जाती है। इसी प्रकार कृषि क्लीनिक व कृषि व्यवसाय केन्द्र को चलाने के लिये केवल कृषि स्नातकों को 5 लाख रूपये तक के ऋण दिलवाए जाते हंै। इस योजना में सामान्य जाति के व्यक्ति को 25 प्रतिशत और महिला तथा अनुसूचित जाति के व्यक्ति को 33.33 प्रतिशत सबसिडी दी जाती है। लघु उद्योगों में प्रोद्यौगिकी के सुधार के लिये भी नाबार्ड ने एक योजना चलाई है। इसमें प्लांट और मशीनरी पर निवेश की गई कुल पूंजी पर 15 प्रतिशत सबसिडी दी जाती है। इसमें ऋण राशि की अधिकतम सीमा 15 लाख रूपये है।
इस संबध में नाबार्ड के सहायक महा प्रबंधक प्रमोद कुमार ने बताया कि नाबार्ड द्वारा 5 हजार मीट्रिक टन तक की क्षमता के नए कोल्ड स्टोर बनाने, पुराने कोल्ड स्टोर के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण के लिये 50 लाख रूपये तक के ऋण बैंकों के माध्यम से दिलवाए जाते हंै। इनमें 25 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में दी जाती है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में गोदामों के निर्माण, नवीनीकरण व विस्तारीकरण के लिये भी सामान्य वर्ग के व्यक्तियों के लिये 46 लाख 87 हजार रूपये तक की राशि के ऋण 25 प्रतिशत सबसिडी पर दिलवाए जाते हैं। इस योजना में महिलाओं व अनुसूचित जाति के व्यक्तियों, उनकी सहकारी समितियों को 62 लाख 50 हजार रूपये की राशि के ऋण 33.33 प्रतिशत की अनुदान राशि पर दिलवाए जाते हैं।
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