करनाल, विजय काम्बोज
साइबर अपराधियों से निपटने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। इस संबंध में उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों के पुलिस अधिकारियों का प्रशिक्षण हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन में शुरू हो गया है।
13 से 18 जून तक चलाए जा रहे इस कोर्स का आयोजन ‘पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो’, नईं दिल्ली के सहयोग से किया जा रहा है। ‘साइबर अपराध-केसों का अनुसंधान’ नामक इस कोर्स में थाना स्तर पर कार्य करने वाले उप निरीक्षक एवं निरीक्षक पद के कुल 25 पुलिस अधिकारी भाग ले रहें हैं, जो हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, पंजाब व उत्तराखंड पुलिस से हैं। कोर्स का शुभारंभ अकादमी के निदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक सुधीर चौधरी ने किया।
सुधीर चौधरी ने इस अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि सूचना क्रांति के युग में अपराध के तरीकों में भी बदलाव आया है। अब अपराधी किसी बंद कमरे में बैठकर इंटरनेट के माध्यम से लाखों रूपये की चोरी व अन्य वारदातों को अंजाम देते हैं। पुलिस अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र तय हैं, लेकिन साइबर क्राइम करने वालों के अपराधिक क्षेत्र की कोई सीमाएं नहीं है। कंप्यूटर एवं संचार के साधनों में कुशलता हासिल करके ही साइबर अपराधियों पर काबू पाया जा सकता है इसलिए सूचना प्रौद्योगिकी में पारंगत होना पुलिस की प्राथमिक आवश्यकता बन गई है। इस प्रकार के कोर्स से अनुसंधान अधिकारी को साइबर अपराधियों से निपटने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कोर्स में उपस्थित पुलिस अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि कंप्यूटर अगला दौर बहुत अद्भुत होगा और इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं है। उन्होंने कहा कि हम जो भी कम्प्यूटर को लेकर रहस्यमयी बातें सोचते हैं वे सभी हकीकत बन सकती हैं। कम्प्यूटर अपने सामने आने वाली वस्तुओं, स्थितियों की उसी समय वास्तविक जानकारी उपलब्ध कराने में सक्षम हो जाएगा, अत: इस क्षेत्र में निरंतर अपने ज्ञान को विकसित करने वाला ही जमाने के साथ चल सकेगा। इस कोर्स के दौरान साइबर विषेशज्ञ तथा अनुभवी पुलिस अधिकारी प्रतिभागियों को कंप्यूटर नेटवर्क के माध्यम से निगरानी करने, साइबर अपराधों का अनुसंधान, साइबर अपराध एवं चुनौतियां आदि विषयों पर जानकारी प्रदान करेंगे। उल्लेखनीय है कि पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो की ‘विशेष अनुसंधान अधिकारी-विकास योजना’ के अंतर्गत उसके सहयोग से हत्या, आर्थिक अपराध, बम्ब विस्फोट, साइबर क्राइम आदि मामलों के केसों का अनुसंधान करने में विशिष्टता पैदा करने के लिए विशेष कोर्स अकादमी में चलाए जा रहें हैं।
तीन मार्च से आरम्भ हुई 24 विशेष कोर्सों की यह श्रृखला आगामी मार्च तक चलेगी इसमें साइबर क्राइम के अनुसंधान से संबन्धित 3 कोर्स शामिल किए गए हैं। इस अवसर पर अकादमी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हुकम सिंह, जिला न्यायवादी श्री शशिकांत शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक श्री रामेश्वर लाम्बा, अकादमी के साइबर सैल के प्रशिक्षक श्री अभिषेक कुमार तथा संचित कुमार, निरीक्षक श्री सतीश वत्स भी उपस्थित थे।

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