Wednesday, June 8, 2011

पूर्व सरपंच के परिजनों ने फि र लगाया जाम


इन्द्री विजय काम्बोज
  कंबोपुरा के पूर्व सरपंच की हत्या के मामले में जाम लगा रहे इनेलो के कार्यकर्ताओं के खिलाफ  पुलिस द्वारा मामला दर्ज किये जाने से खफ ा होकर इनेलो कार्यकर्ताओं ने  मृतक के परिजनों के साथ मिलकर करनाल के घंटाघर चौक पर जाम लगा दिया। अभी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे। हांलाकि उक्त मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ  मामला दर्ज कर लिया है। लेकिन परिजनों की मांग है कि आरोपियों के खिलाफ  नाम से मामला दर्ज किया जाये। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम करने से इंकार कर दिया है। साथ ही उनका कहना है कि वे आरोपियों की गिरफतारी के बाद ही शव का अंतिम संस्कार क रेंगे।
 विपक्षी दलों के नेता और कई सामाजिक संगठन भी इस मामले में मृतक के परिजनों के साथ हो गये हैं। मृतक के परिजनों ने प्रदेश सरकार में शामिल दो नेताओं पर हत्या करने और नौकरी का झांसा देकर पैसा ऐंठने का आरोप लगाया है तथा उनके खिलाफ  कारवाई की मांग की है। गौरतलब है कि करनाल के गाँव कम्बोपुरा के पूर्व सरपंच कर्म सिंह का शव नैशनल डेरी अनुसन्धान के सामने पड़ा मिला था। मृतक सरपंच के परिजनों आरोप  है कि दो कांग्रेसी नेताओं मुख्य संसदीय सचिव जिले राम शर्मा और परिवहन मंत्री ओम प्रकाश जैन ने उसे अपनी कोठी पर बुलाकर उसकी हत्या कर दी तथा शव को सडक़ पर फैं क दिया। हांलाकि पुलिस ने परिजनों द्वारा जाम लगाकर विरोध जताने के बाद कल देर शाम इस मामले में तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ  मामला दर्ज किया है लेकिन इस कारवाई से मृतक के परिजन संतुष्ट नहीं हैं और वे आरोपियों की गिरफतारी की मांग कर रहे हैं। बीते दिन भी मृतक के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार करते हुए शहर के अस्पताल चौक,अंबेडकर चौक और कमेटी चौंक पर प्रदर्शन किया तथा जाम लगा दिया था। जिस कारण वाहनों लंबी लंबी कतारें सडक़ पर लग गई थी। जब इस मामले में आईजी वी कामराज से बात की गई तो उन्होने बताया की एक पूर्व सरपंच की लाश इंजर्ड अवस्था में एनडीआरआई के बाहर पड़ी मिली थी। हमने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच प्रक्रिया जारी है। सभी तरह के सबूत इकट्ठे किये जा रहे हैं। जिसके खिलाफ सबूत मिलेंगे उसके खिलाफ  कारवाई की जायेगी। उन्होंने मृतक के परिजनों को आश्वासन देते हुए कहा कि इस मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जायेगा। आरोपी के खिलाफ  कड़ी कारवाई की जायेगी।  दूसरी तरफ  दोनों मंत्रियों ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कोई पैसे नहीं लिये हैं। उन्होंने कहा कि वे कर्मबीर सिंह नाम के व्यक्ति को जानते ही नहीं है। हो सकता है कि किसी ने उनके नाम पर पैसे लिये हो। हम पर लगाये गये आरोप सरासर झूठे हैं।



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