फतेहाबाद, 3 जुलाई
प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री सरदार परमवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश में 10 लाख किसानों की भूमि व जल की जांच कर उन्हें भूमि एवं जल स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। जिला में 60 हजार किसानों को ये कार्ड दिए गए है। वे आज स्थानीय सब्जीमंडी में भूमि एवं जल परीक्षण प्रयोगशाला के शिलान्यास के उपरान्त किसानों को संबोधित कर रह थे। कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रदेश किसानों को भूमि व जल स्वास्थ्य कार्ड देने वाला पहला राज्य है।
उन्होंने घोषणा की कि इस प्रयोगशाला में भूमि एवं जल परीक्षण के अलावा कीटनाशक दवाओं, बीज व बीटी कॉटन की भी जांच की जाएगी। इस प्रयोगशाला पर लगभग 1 करोड़ रुपए खर्च होगें। उन्होंने कहा कि जिला में 37 लाख रुपए की लागत से बनी आधुनिक मोबाईल वैन भी उपलब्ध करवाई जाएगी जिससे किसानों को उनके खेतों पर ही मिट्टी, पानी सहित अन्य जांच सुविधाओं का लाभ मिलेगा। फसलों के विविधिकरण को बढावा देने के लिए प्रदेश के 40 लाख हैक्टेयर भूमि पर समर मंूग की खेती की गई है। यह मंूग लगभग 65 दिन में पक कर तैयार हो जाता है और किसान को इससे अच्छी आमदनी के साथ-साथ भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढती है।
कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार किसानों के हित के लिए अनके कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रहीं है। किसानों को ज्यादा से ज्यादा सहूलियत पहुंचे यह प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह 16 जुलाई को नई दिल्ली में हरियाणा को गेहूं उत्पादन में देश में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए अवार्ड देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों ने देश के अन्न भंडारों को भरने का कार्य किया है। कांग्रेस शासन में किसान को फसलों का ज्यादा से ज्यादा भाव दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा किसान हितैषी है। मुख्यमंत्री ने किसानों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं।
लोक निर्माण विभाग के मुख्य संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा ने कृषि मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि किसान आधुनिक तरीकों का प्रयोग करते हुए खेती करे। जहां आधुनिक तरीकों से समय की बचत होगी वहीं कृषि उत्पादन को भी बढ़ाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और घटते संसाधन एक गंभीर समस्या है। हमारे सामने अनाज भंडारन व खेती की उत्पादन क्षमता को बढ़ाना एक चुनौती है और यह चुनौती खेती कीे परम्परागत ढर्रे को छोड़कर आधुनिक तकनीक को अपनाकर ही पूरी की जा सकती है। उन्होंने आहवान किया कि किसान कृषि वैज्ञानिकों व विभाग के विशेषज्ञों की राय अनुसार ही खेती करे।
इस अवसर पर उपमंडलाधीश बलजीत सिंह, उपनिदेशक कृषि बीएस दलाल, नगरपरिषद प्रधान विरेंद्र नारंग, गुलबहार सिंह एडवोकेट, महिला कांगे्रस की प्रधान ऊषा दहिया, कृष्णा पूनियां, युवा नेता भवानी सिंह, चैयरमैन हरजंट सिंह, सुशील बिश्रोई एडवोकेट, जगजीत हुड्डा, नरेश सरदाना सहित अनेक विभागों के अधिकारी व किसान मौजूद थे।
प्रदेश के कृषि एवं पशुपालन मंत्री सरदार परमवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश में 10 लाख किसानों की भूमि व जल की जांच कर उन्हें भूमि एवं जल स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। जिला में 60 हजार किसानों को ये कार्ड दिए गए है। वे आज स्थानीय सब्जीमंडी में भूमि एवं जल परीक्षण प्रयोगशाला के शिलान्यास के उपरान्त किसानों को संबोधित कर रह थे। कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा प्रदेश किसानों को भूमि व जल स्वास्थ्य कार्ड देने वाला पहला राज्य है।
उन्होंने घोषणा की कि इस प्रयोगशाला में भूमि एवं जल परीक्षण के अलावा कीटनाशक दवाओं, बीज व बीटी कॉटन की भी जांच की जाएगी। इस प्रयोगशाला पर लगभग 1 करोड़ रुपए खर्च होगें। उन्होंने कहा कि जिला में 37 लाख रुपए की लागत से बनी आधुनिक मोबाईल वैन भी उपलब्ध करवाई जाएगी जिससे किसानों को उनके खेतों पर ही मिट्टी, पानी सहित अन्य जांच सुविधाओं का लाभ मिलेगा। फसलों के विविधिकरण को बढावा देने के लिए प्रदेश के 40 लाख हैक्टेयर भूमि पर समर मंूग की खेती की गई है। यह मंूग लगभग 65 दिन में पक कर तैयार हो जाता है और किसान को इससे अच्छी आमदनी के साथ-साथ भूमि की उर्वरा शक्ति भी बढती है।
कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार किसानों के हित के लिए अनके कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रहीं है। किसानों को ज्यादा से ज्यादा सहूलियत पहुंचे यह प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह 16 जुलाई को नई दिल्ली में हरियाणा को गेहूं उत्पादन में देश में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए अवार्ड देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसानों ने देश के अन्न भंडारों को भरने का कार्य किया है। कांग्रेस शासन में किसान को फसलों का ज्यादा से ज्यादा भाव दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा किसान हितैषी है। मुख्यमंत्री ने किसानों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं।
लोक निर्माण विभाग के मुख्य संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा ने कृषि मंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि किसान आधुनिक तरीकों का प्रयोग करते हुए खेती करे। जहां आधुनिक तरीकों से समय की बचत होगी वहीं कृषि उत्पादन को भी बढ़ाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और घटते संसाधन एक गंभीर समस्या है। हमारे सामने अनाज भंडारन व खेती की उत्पादन क्षमता को बढ़ाना एक चुनौती है और यह चुनौती खेती कीे परम्परागत ढर्रे को छोड़कर आधुनिक तकनीक को अपनाकर ही पूरी की जा सकती है। उन्होंने आहवान किया कि किसान कृषि वैज्ञानिकों व विभाग के विशेषज्ञों की राय अनुसार ही खेती करे।
इस अवसर पर उपमंडलाधीश बलजीत सिंह, उपनिदेशक कृषि बीएस दलाल, नगरपरिषद प्रधान विरेंद्र नारंग, गुलबहार सिंह एडवोकेट, महिला कांगे्रस की प्रधान ऊषा दहिया, कृष्णा पूनियां, युवा नेता भवानी सिंह, चैयरमैन हरजंट सिंह, सुशील बिश्रोई एडवोकेट, जगजीत हुड्डा, नरेश सरदाना सहित अनेक विभागों के अधिकारी व किसान मौजूद थे।

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