Wednesday, June 15, 2011

ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने सीखा कंप्यूटर


यमुनानगर, कुलदीप सैनी 
डीएवी कन्या महाविद्यालय के वूमैन स्टडी सेंटर व कंप्यूटर साइस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्रामीण व स्लम एरिया की महिलाओं के लिए आयोजित नि:शुल्क तीन महीने का कंप्यूटर साक्षरता कोर्स बुधवार को संपन्न हो गया।
इस मौके पर कंप्यूटर विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर संजय भारद्वाज व वूमैन स्टडी सेंटर की प्रोजेक्ट अफसर अर्चना रावत ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। कोर्स के दौरान प्रतिभागियों को कंप्यूटर की बेसिक व इटरनेट संबंधी जानकारी मुहैया करवाई गई।
संजय भारद्वाज ने बताया कि कालेज में 14 मार्च को नि:शुल्क कंप्यूटर साक्षरता कोर्स की शुरूआत की गई थी। तीन महीने तक चलने वाले इस कोर्स में ग्रामीण क्षेत्र से आई लड़कियों व महिलाओं को एमएस वर्ड, एमएस एक्सल, एमएस ऑफिस, पावर प्वाइट व इटरनेट की विस्तार से जानकारी दी गई। कोर्स के दौरान बीच-बीच में पाठयक्रम के मुताबिक टेस्ट आयोजित किए गए ताकि पता लगाया जा सके कि उन्हे कंप्यूटर संबंधी कितनी जानकारी मिल रही है। उन्होंने बताया कि कोर्स के दौरान विभाग के असिस्टेट प्रोफेसर देवेंद्र कुमार व रूची ने महिलाओं व लड़कियों को कंप्यूटर संबंधी जानकारी दी। स्टडी सेंटर की प्रोजेक्ट अफसर अर्चना रावत ने बताया कि कोर्स के दौरान कुछ ऐसी महिलाएं भी थी, जो ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं थी। इसके बावजूद उन्होंने कंप्यूटर शिक्षा ग्रहण की।
चूल्हा चौका छोड़ थामा कंप्यूटर की बोर्ड
कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि एक दिन चूल्हा चौका छोड़कर वे भी कंप्यूटर व इटरनेट की दुनिया से रू-ब-रू होंगी, लेकिन इस सपने को डीएवी कन्या महाविद्यालय ने सच कर दिखाया। तीन महीने का कोर्स पूरा करने के बाद जो सर्टिफिकेट मिला है, वह हमारे लिए अमूल्य है। यह कहना है गंगानगर कालोनी की पद्मावती व सरोज बाला व जम्मू कालोनी की रेखा, सोनिया व सुदीपा का।
उक्त महिलाओं ने कहा कि चूल्हा चौके के चक्कर में कब सुबह से शाम हो जाती थी, इसका कभी आभास नहीं हो पाता था। लेकिन, जब अपने लिए थोड़ा समय निकाला तो पता चला कि चूल्हे चौके के बाहर भी एक दुनिया बसती है जो कि बहुत खूबसूरत है। अब वे भी कंप्यूटर की बोर्ड पर फटाफट उगलिया चला सकती है। कविता व सुमन का कहना है कि कंप्यूटर की शिक्षा लेने के बाद वे स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं।  

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