Saturday, April 16, 2011

फिर सुलगा बरहेड़ी का भूमि विवाद

रादौर,कुलदीप  सैनी
गाव बरहेड़ी में पिछले नौ दिनों से चला आ रहा 40 मरले भूमि विवाद शुक्रवार देर शाम तक लगभग सात घटे चली पंचायत व एससी समुदाय के लोगों की लंबी बातचीत के बाद समाप्त हो गया। लेकिन जब शनिवार सुबह समझौते के तहत विवादित भूमि पर निशानदेही का कार्य शुरू किया गया तो गाव के अल्पसंख्यक समुदाय की कुछ महिलाओं व पुरुषों ने विवादित स्थल पर निशानदेही का विरोध कर दिया। अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं व पुरुषों ने इस दौरान सरपंच व प्रशासन के अधिकारियों के प्रति अभद्र शब्दों का इस्तेमाल किया। इस दौरान जब सरपंच सुनील कौशल अपने घर लौटने लगे तो अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने पुलिस की मौजूदगी में लाठियों, डडो व गंडासियों से सरपच पर हमला कर दिया। सरपच ने मोटरसाईकिल से भागकर अपनी जान बचाई। उसके बाद गाव में तनाव की स्थिति बन गई। तभी सरपच द्वारा प्रशासन के उच्चाधिकारियों को इस बारे में सूचना देने के बाद भारी पुलिस बल गाव बरहेड़ी पहुचा और हमलावरों की तलाश की। पुलिस ने गाव की गलियों में गश्त कर तनाव को दूर करने की कोशिश की। लेकिन फिर भी गाव में तनाव कम होने का नाम न ले रहा था।

सरपंच को अपनी हत्या होने की आशंका 
शनिवार को निशानदेही के बाद अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने सरपंच सुनील कौशल पर हथियारों से हमला करने की कोशिश की, जिसके बाद सरपंच ने अपने निवास पर गाव के लोगों के बीच अपने ऊपर हुए हमले के लिए प्रशासन को दोषी बताया। उन्होंने कहा कि गाव के कुछ लोग नहीं चाहते कि विवादित भूमि का समाधान हो, जिस कारण ऐसे लोगों के कारण उसकी हत्या की जा सकती है। शुक्रवार को विवादित भूमि का फैसला होने के बाद से गाव के कुछ लोग फिर से गाव में तनाव फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गाव के गुलजार, उसकी पत्‍‌नी, लड़के अकरम, कुर्बान के अलावा शबराती उसके लड़के लक्की, काला, शेरखान व उसकी पत्‍‌नी सलमा, उसका लड़का सलीम के साथ काफी संख्या में हमलावरों ने उसपर हमला करने की कोशिश की। हमलावरों ने उसका उसके घर तक पीछा किया। बाद में पुलिस की गाड़ियों के मौके पर पहुचंने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। हमले के बाद पंचायत ने हमलावरों के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

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