Thursday, April 14, 2011

हेमंत सेवा समिति ने युवाओं को नशे की लत से दूर रहने की अपील

रादौर ,कुलदीप सैनी 
 जब सरकार और सुप्रीम कोर्ट सहित विभिन्न संस्थाओं की नींद महामारी की तरह फैल रहे कैंसर को लेकर उड़ गई है ऐसे में हेमंत सेवा समिति आशा की किरण के रूप में सामने आई है। समिति ने धूम्रपान सहित गुटखा पान मशाला के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। अब स्कूल कॉलेजों में धूम्रपान छुड़वाओं शिविर लगाकर युवाओं को नशे की लत से दूर करने का प्रयास किया जाएगा। भारत की आबादी में सबसे अधिक युवा ही है कभी पूर्व राष्ट्रपति कलाम ने इसे युवाओं को देश कहा था। आज युवा नशें की लत में बर्बाद हो रहा है यह देश के बर्बादी से कम नही है। हेमंत सेवा समिति रादौर के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर ऋषिपाल सैनी का मानना है कि युवाओं को बदल कर देश को बदला जा सकता है। डॉ. ऋषिपाल सैनी वीरवार को अपने कार्यालय पर समिति के तीन वर्ष पूरे होने पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। डॉ. सैनी ने बताया कि समिति ने 24 मार्च 2010 से धूम्रपान छुड़वाओं अभियान की शुरूआत की थी। पहला शिविर रादौर में लगवा कर लोगों को निश्शुल्क दवाई बाटी गई थी। समिति ने अब तक दस हजार से अधिक लोगों को ध्रूम्रपान छुड़वाने की निश्शुल्क आयुर्वेदिक औषधि दी है। जिसमें से 4700 से अधिक लोगों ने इसका लाभ उठाकर ध्रूम्रपान छोड़ा है। 2010 में समिति द्वारा लगवाए गए शिविरों पर 2 लाख 80 हजार रुपये का खर्च आया है। लेकिन इस वर्ष समिति अपने इस बजट को तीन गुणा करेगी। उन्होंने बताया कि समिति द्वारा दी जाने वाली औषधि आयुर्वेदिक है। यह औषधि दक्षिण भारत के केरल व तमिलनाडू से मंगाई जाती है। इस औषधि का शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने बताया कि बीड़ी, सिगरेट का नशा करने वाला व्यक्ति कैंसर, ह्दय रोग, टीवी, दमा व चर्म रोगों की चपेट में आ जाता है। नशा करने वाले व्यक्ति के बच्चों पर भी इसका बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि समिति राष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने की योजना पर गंभीरता से मन बना रही है। लेकिन समिति को अब इस कार्य में सरकार की आवश्कता पड़ेगी। अगर सहायता नहीं मिली तो समाज से सहयोग लेकर हम अभियान को निरतर चलाएंगे। उन्होंने कहा कि समिति का लक्ष्य देश से नशे को पूरी तरह से दूर करना है। समिति हर देश के हर जिलें में जाकर शिविरों के माध्यम से लोगों को नशे की लत से दूर करेगी।

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