डाक्टर पर लापरवाही का आरोप
जींद
मनोहरपुर गांव की पंचायत ने बुधवार को खुले दरबार में डीसी के समक्ष पेश होकर सिविल सर्जन और आपातकालीन कक्ष में तैनात डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पंचायत ने माग की कि दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उपायुक्त ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मामले की जाच का जिम्मा अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. जे. गणेशन को सौंपा है। इस प्रकार के आरोप लगने के बाद एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आ गई है। मनोहरपुर की सरपंच खजानी देवी, पूर्व पंच सत्यनारायण, अंकित, हंसराज, सुभाष, सोनू, सुरेंद्र, बलराज, प्रमोद, पप्पू, विक्की, सुभाष, कुलदीप, महाबीर आदि लोगों ने उपायुक्त को शिकायत दी है कि गत दस अप्रैल रात को जामनी के पास सड़क हादसे में मनोहरपुर गांव निवासी मामन, दिनेश और विक्रम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों को उपचार के लिए सिविल अस्पताल लाया गया तो आपातकालीन कक्ष में तैनात डाक्टर ने बिना उनकी जाच किए पीजीआइ रोहतक रेफर कर दिया। जब घायलों के परिजन सीएमओ से मिले तो उन्होंने भी कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद तीनों घायलों को निजी अस्पताल ले जाया, जहा मामन तथा दिनेश की मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि आपातकालीन कक्ष में तैनात डाक्टर घायलों की सही तरीके से उपचार करता तो दोनों को बचाया जा सकता था। सिविल अस्पताल में न तो घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया और न ही उनका खून रोकने के लिए कोई प्रबंध किया। इस चलते दोनों की मौत हो गई। उन्होंने माग की कि दोनों डाक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उन्हें न्याय दिलाया जाए। उपायुक्त ने अतिरिक्त उपायुक्त को मामले की जाच का जिम्मा सौंपा है। पंचायत की तरफ से इस प्रकार के आरोप लगाने से स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही एक बार फिर सामने आ गई है। सिविल सर्जन द्वारा बार-बार अस्पताल को पटरी पर लाने के दावे फुर्र होते नजर आ रहे हैं।
वहीं मामले में जब सिविल सर्जन डॉ. आरके वधवा व संबंधित डाक्टर से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो बार-बार प्रयास के बावजूद उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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