करनाल विजय काम्बोज
भारत सरकार के गुरूद्वारा चुनाव आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के आगामी 18 सितम्बर 2011 को शिरोमणि गुरूद्वारा कमेटी के सदस्यों के चुनाव के लिए 22 सितम्बर 2011 तक आचार संहिता लागू की है।
इस बारे अतिरिक्त उपायुक्त एवं उपरोक्त चुनाव के निर्वाचन अधिकारी एम.के. पांडुरंग ने बताया कि शिरोमणि गुरूद्वारा कमेटी के चुनाव की प्रक्रिया 4 अगस्त से आरम्भ हो गई है। इसके लिए उम्मीदवार अपने चुनाव प्रचार के लिए आयोग के नियमों के अनुसार जनता के बीच अपनी पार्टी की पालिसी के बारे में प्रचार करेंगे। गुरूद्वारा व अन्य धार्मिक स्थलों को चुनाव के प्रचार में प्रयोग में नहीं लायेगें। सभी पार्टी व उम्मीदवारों के हिदायत दी जाती है कि वोटिंग से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार बन्द किया जायेगा। मतदान केंद्र के नजदीक कोई भी चुनावी बैठक आयोजित नही की जायेगी। मतदान के दिन किसी भी मतदाता को वोट डालने के लिए यातायात सुविधा नहीं दी जायेगी।
उन्होंने बताया कि चुनाव को शान्ति पूर्वक बनाये रखने के लिए पार्टी व उम्मीदवार कोई अच्छा सुझाव भी दे सकते है। पार्टी व उम्मीदवार को अपने चुनाव प्रचार में प्रयोग होने वाली सामग्री जैसे बैनर, झंडे, स्लोगन लिखने के लिए तथा नोटिस चस्पा करने के लिए जगह के मालिक से अनुमति लेनी होगी। पार्टी व उम्मीदवार को कोई भी बैठक करने से पहले लोकल पुलिस को सूचना देनी होगी और उसमें कार्यक्रम स्थल व समय की जानकारी देनी होगी ताकि पुलिस द्वारा समय से पहले यातायात आदि पर नियन्त्रण रखा जा सकें। पार्टी व उम्मीदवार को प्रचार के दौरान प्रयोग किये जाने वाले लाऊड स्पीकर के लिए सम्बन्धित अधिकारी से पहले अनुमति लेनी होगी।
उन्होंने बताया चुनाव के दिन शान्ति बनाये रखने के लिए उम्मीदवार को चुनाव डयूटी दे रहे अधिकारी व कर्मचारी का सहयोग करना चाहिए। उम्मीदवार को मतदान केन्द्र पर चुनाव सामग्री जैसे झंडा, पोस्टर, बैनर व अन्य प्रचार सामग्री लाने की अनुमति नही है। मतदान के दिन बिना अनुमति के पोलिंग एजेंट, स्टाफ के अतिरिक्त मतदान केन्द्र में अन्दर जाने की अनुमति नहीं है। चुनाव के दौरान चुनावी उद्देश्य के लिए राज्य व केन्द्र का कोई भी मंत्री सरकारी भ्रमण नहीं करेगा और न ही सरकारी मशीनरी का प्रयोग करेगा। चुनाव के दौरान किसी भी पार्टी व उम्मीदवार को सरकारी स्थल, विश्राम गृह व डाकबंगला में पार्टी चुनाव कार्यालय खोलने व बैठक करने की अनुमति नही दी जायेगी। शिरोमणि गुरूद्वारा कमेटी एवं मंत्री व अन्य कोई भी व्यक्ति चुनाव के दौरान चुनावी क्षेत्र में ग्रान्ट की घोषण नहीं कर सकता तथा कोई भी केन्द्र व राज्य का मंत्री और शिरोमणि गुरूद्वारा कमेटी का कार्यकर्ता किसी मतदान केन्द्र व मतगणना केन्द्र के अन्दर नही जा सकता यदि वह मतदाता, अधिकृत एजेंट न हो।
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