करनाल विजय काम्बोज
अतिरिक्त उपायुक्त एम.के. पांडुरंग ने जिलाधिकारियों व आम लोगों का आहवान किया कि वे जिले में कांग्रेस घास के उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास करे ताकि इस हानिकारक खरपतवार को जड से नष्ट किया जा सके।
पांडुरंग कृषि विभाग करनाल के सौजन्य से कांग्रेस घास उन्मूलन विषय पर विकास भवन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में उपस्थित अधिकारियों व किसानों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस घास एक ऐसा खरपतवार है जो न केवल फसलों के लिए हानिकारक है बल्कि मनुष्य के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव डालता है। कांग्रेस घास को छूने मात्र से मनुष्य की त्वचा पर दाद, खुजली के अलावा दमा, बुखार आदि बीमारियां भी फैलती हैं। इसके अलावा पशुओं के लिए भी यह खरपतवार विषयुक्त होता है। जब पशु इसको खा लेते हैं तो उसका दूध भी जहरीला हो जाता है। कांग्रेस घास के तेजी से फैलने के कारण अन्य वनस्पतियों स्थानीय जैव विविधता एवं पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ता है।
उन्होंने जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिये कि वे अपने कार्यालय भवन परिसरों में कांग्रेस घास को न उगने दें और यदि उग जाती है तो उसे जड़ से उखड़वाये। उन्होंने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों व पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे गांव में खड़ी कांग्रेस घास को मनरेगा योजना के तहत उखड़वा सकते हैं। इससे जहां गांव में साफ-सफाई होगी वहीं जरूरतमंद व्यक्ति को रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने प्रशिक्षण शिविर में आए हुए सभी लोगों से अनुरोध किया कि वे कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कांग्रेस घास के उन्मूलन के लिए दी गई जानकारी को आत्मसात करके इस दिशा में कार्य करें।
प्रशिक्षण कार्यशाला में कृषि विभाग करनाल के उप-निदेशक देवेन्द्र सिंह मलिक ने मुख्यातिथि का स्वागत करते हुए बताया कि कांग्रेस घास उन्मूलन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन उपायुक्त श्रीमती नीलम पी. कासनी के निर्देशानुसार करवाया गया है। उन्होंने कांग्रेस घास के उन्मूलन के लिए जिला में तैयार की गई कार्य-योजना के बारे में जानकारी दी और बताया कि आगामी 13 अगस्त को प्रात: 9 बजे से लेकर 12 बजे तक 3 घंटे का जिले में विशेष अभियान चलाकर कांग्रेस घास को उखाड़ा जायेगा। इस दिन कृषि विभाग के सभी कृषि विकास अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में उपस्थित रहकर ग्रामीण क्षेत्र में अभियान चलायेंगे। उन्होंने कहा कि वैसे तो कांग्रेस घास के उन्मूलन के लिए पिछले कई सालों से कार्य किया जा रहा है और इसकी कुछ रोकथाम भी हुई है लेकिन यह एक ऐसा खरपतवार है जिसका बीज हवा व पानी में इतनी तेज गति से फैल जाता है जो बार-बार उगता रहता है। इसलिए इसकी रोकथाम के लिए सामूहिक अभियान चलाने की आवश्यकता है।
कार्यशाला में कृषि विश्वविद्यालय उचानी के विशेषज्ञ डाक्टर धर्मबीर यादव ने बताया कि कांग्रेस घास का उदगम स्थल मैक्सिकों देश है व ऐसा माना जाता है कि हमारे देश में लगभग 3 दशक पहले अमरीका या कनाडा से आयात किये गये गेहूं के साथ इसका आगमन हुआ। यह गेहूं खासकर दक्षिण भारत में भेजा गया था। परन्तु एक माल ढुलाई में प्रयुक्त ट्रको व रेलवे द्वारा वहां से देश के अन्य भागों में फैल गई। उन्होंने बताया कि यह एक वर्षीय शाकीय पौधा है जिसकी लम्बाई 0.5 से एक मीटर तक होती है। इसकी पत्तियां असामान्य रूप से गाजर की पत्ती की तरह होती है। इसके फूलों का रंग सफेद होता है व प्रति पौधा एक हजार से 5 हजार अत्यंत सूक्ष्म बीज पैदा करता है। कांग्रेस घास का पौधा लगभग 3 से 4 महीने में अपना जीवन चक्र पूरा कर लेता है। यह दिसम्बर व जनवरी माह को छोडक़र उगता व फलता-फूलता रहता है। उन्होंने कांग्रेस घास को समूल नष्ट करने के उपायों की भी जानकारी दी। कार्यक्रम के अन्त में डाक्टर शीशपाल शर्मा ने मुख्यातिथि व अन्य सभी लोगों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर ख्ररपतवार नाशक दवाई का निर्माण करने वाली एक्सल क्रोप केयर लिमिटेड तथा मुम्बई के प्रतिनिधि सरदार जोगिन्द्र सिंह ने प्रोजेक्टर के माध्यम से खरपतवारनाशक दवाई की जानकारी दी। कार्यक्रम मे लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता के.के.नैन, तहसीलदार करनाल सोम दत्त अत्री व सभी नायब तहसीलदार, सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, कृषि विभाग के डाक्टर सुखबीर जांगड़ा व डाक्टर वीरेन्द्र सिंह, किसान क्लब के प्रधान ईलम सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।

No comments:
Post a Comment