घरौंडा (प्रवीन/तेजबीर)
मानव तस्करी से मुकाबला करने के लिए पुलिसकर्मियों की राज्य स्तरीय कार्यशाला आज हरियाणा पुलिस अकादमी में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। 3 अगस्त को आरम्भ हुई इस 3 दिवसीय कार्यशाला में 4 महिलाओं सहित राज्य के 42 पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला के समापन्न के अवसर पर अकादमी के उप पुलिस महानिरीक्षक श्रीकांत जाधव ने कहा कि अपनी ड्यूटी को कानूनी सोच के साथ पूरा करने पर नौकरी के दौरान हमेशा जोश बना रहेगा और कभी थकान महसूस नहीं होगी। गरीब एवं कमजोर वर्ग की सुरक्षा करना हमारा संवैधानिक दायित्व है। समाज में हाशिए पर रहने वाले लोग अधिक संख्या में मानव तस्करी के शिकार होते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों का आह्वान करते हुए कहा कि अकादमी में सीखे गए ज्ञान को अपने कार्यस्थल पर व्यवहारिक रूप में अपनाएं। जाधव ने प्रतिभागियों को इस अवसर पर भागीदारी प्रमाण पत्र भी प्रदान किए।
-मधुबन अकादमी में कार्यशाला के समापन पर मौजूद अधिकारी व प्रतिभागियों को सम्मानित करते उप पुलिस महानिरीक्षक श्रीकांत जाधव|छाया-तेजबीर
इस से पूर्व सत्र में सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध वकील एवं समाजसेवी अरविंद जैन ने इस विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि मानव तस्करी मुख्य रूप से महिलाओं का यौन शोषण करने के लिए होती है। देह व्यापार को रोकेने के लिए बने कानून भी महिलाओं के हक में नहीं है। इस कानून में महिला को सजा है, देह व्यापार कराने वाले के लिए भी सजा है लेकिन विडम्बना देखिए कि जिसके कारण यह अनैतिक व्यापार पैदा हुआ और चल रहा है उस पुरूष ग्राहक के लिए किसी सजा का प्रावधान नहीं है। इस विसंगति को यदि दूर कर दिया जाए यानी देहव्यपार में शामिल ग्राहक के लिए भी सजा का प्रावधान हो जाए तो देश में सारे वेश्यालय बंद हो जाएंगे। उन्होंने पुलिसकर्मियों को उनके महत्व का बोध कराते हुए कहा कि पुलिस कर्मियों के सामने मानव तस्करी की बढ़ती समस्या, चेतावनी भी है और इससे निपटने की चुनौती भी। इसे समझ कर अपना कर्तव्यपालन करना पुलिसकर्मी की अपनी जिम्मेदारी है।
समापन के अवसर पर कार्यशाला सहसंयोजक निरीक्षक सतीश वत्स ने कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
तीन दिवसीय इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को, हरियाणा के जेल महानिरीक्षक डा0 केपी सिंह, शक्तिवाहिनी के रविकांत श्रीवास्तव, बीपीआरडी, नई दिल्ली के पूर्व निदेशक श्री एनसी जोशी, राष्ट्रीय जन सहयोग एवं बाल विकास संस्थान, नई दिल्ली की श्रीमती पारूल श्रीवास्तव, दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य श्री शशांक शेखर, कानूनविद्ध एंव बच्चों एवं महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए सक्रिय श्री भुवन रिभु एवं श्रीमती आभा सिंघल जोशी ने मानव तस्करी से जुड़ प्रत्येक पहलूओं से अवगत कराया। इस कार्यशाला में मानव तस्करी के अर्थ, उससे निपटने के लिए कानूनी प्रावधानों के साथ इसका शिकार हुए व्यक्तियों की मनोवैज्ञानिक परिस्थितियों से भी अवगत कराया गया। प्रतिभागियों की ओर से उप निरीक्षक सत्यवीर ने रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह कोर्स उनके पेशेवर जीवन में बहुत लाभकारी होगा।
इस अवसर पर कार्यशाला के संयोजक और अकादमी के जिला न्यायवादी शशिकांत शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश नरवाल सहित अन्य स्टाफकर्मी भी उपस्थित रहे।


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