अंबाला
: देश में बलि प्रथा पर प्रतिबंध के बावजूद बुधवार को छावनी के काली बाड़ी मंदिर में नवरात्र के मौके पर बकरों की जमकर बलि चढ़ाई गई। हालांकि, नवरात्र की समाप्ति पर नवमीं के दिन बलि चढ़ाने की परंपरा है, लेकिन इस बार नवमीं मंगलवार होने की वजह से बलि नहीं चढ़ाई जा सकी। ऐसे में दसवीं के दिन यानी बुधवार को बलि चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया। जिस बकरे की बलि दी जाती, उसका श्रृंगार कर ढोल बजाते हुए मंदिर तक लाया जाता और फिर मंदिर परिसर में उसकी बलि चढ़ा दी जाती। बलि चढ़ाए जाने के दौरान मंदिर में जमकर ढोल बजाए गए। प्रशासनिक अधिकारियों को पता होने के बावजूद बलि पर रोक नहीं लगी। एसडीएम मौके पर आए, लेकिन मंदिर के बाहर से ही रुखसत हो गए। पुलिस भी औपचारिकता निभाते हुए चली गई। देखा जाए तो कानून पर लोगों की आस्था भारी पड़ती हुई दिखाई दी।
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