Saturday, April 9, 2011

युवाओं को खेती से जोड़े रखना बड़ी चुनौती

नई दिल्ली
प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन ने इस बात पर जोर दिया है कि नीति निर्माताओं के सामने मुख्य चुनौती कृषि क्षेत्र में युवा शक्ति को कायम रखने तथा ऐसी प्रौद्योगिकी विकसित करने की है, जिससे संसाधनों का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करते हुए किसानों की आय बढ़ाई जा सके।
यहा खाद्य सुरक्षा पर एक पैनल वार्ता में स्वामीनाथन ने यह बात कही। अनिश्चित आय के कारण कृषि क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं में दूसरे रोजगार को अपनाने का अधिक झुकाव है। खेती से आय के अनिश्चित होने की बढ़ती चिंताओं के कारण स्वामीनाथन ने कहा कि भारत की आबादी तेज गति से बढ़ रही है तथा खाद्यान्न उत्पादन को बढ़ाने के साथ साथ किसानों की आय को बढ़ाना मुश्किलों भरा काम है।
उन्होंने कहा कि वक्त की माग है कि उत्पादन को बढ़ाने से संबंधित अद्यतन प्रौद्योगिकी को सामने लाया जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि यह प्रौद्योगिकी कम से कम संसाधनों का उपयोग करे।
भारत में हरित क्राति के जनक स्वामीनाथन ने ऐसी प्रौद्योगिकी को विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया जो किसानों के अनुकूल हो। स्वामीनाथन का समर्थन करते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद [आईसीएआर] के उप महानिदेशक स्वप्न कुमार दत्ता ने कहा कि हम संकर प्रौद्योगिकी को नजरअंदाज नहीं कर सकते, लेकिन हमें उपभोक्ताओं, किसानों और पर्यावरण के संदर्भ में निर्णायक सुरक्षा पहलुओं के बारे में सोचना होगा।

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