नई दिल्ली
प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन ने इस बात पर जोर दिया है कि नीति निर्माताओं के सामने मुख्य चुनौती कृषि क्षेत्र में युवा शक्ति को कायम रखने तथा ऐसी प्रौद्योगिकी विकसित करने की है, जिससे संसाधनों का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करते हुए किसानों की आय बढ़ाई जा सके। उन्होंने कहा कि वक्त की माग है कि उत्पादन को बढ़ाने से संबंधित अद्यतन प्रौद्योगिकी को सामने लाया जाए और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि यह प्रौद्योगिकी कम से कम संसाधनों का उपयोग करे।
भारत में हरित क्राति के जनक स्वामीनाथन ने ऐसी प्रौद्योगिकी को विकसित करने की जरूरत पर जोर दिया जो किसानों के अनुकूल हो। स्वामीनाथन का समर्थन करते हुए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद [आईसीएआर] के उप महानिदेशक स्वप्न कुमार दत्ता ने कहा कि हम संकर प्रौद्योगिकी को नजरअंदाज नहीं कर सकते, लेकिन हमें उपभोक्ताओं, किसानों और पर्यावरण के संदर्भ में निर्णायक सुरक्षा पहलुओं के बारे में सोचना होगा।
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