इन्द्री ,सुरेश अनेजा
बुटानखेड़ी और काछवा गांवों में आग लगने से साढे़ चार एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों की मदद से घटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। बुटानखेड़ी में आग लगने का कारण बिजली के तार टूटना बताया जा रहा है, तो काछवा में भी बिजली के तारों से निकली चिंगारी को कारण माना जा रहा है।
काछवा गांव के किसान जगदीश नारंग के खेत में आग लगने से गांव में हड़कंप मच गया। करनाल-पिहोवा मार्ग के समीप खेत में आग लगने के कारण सड़क पर जाने वाला यातायात रुक गया। बसों और कारों में सवार लोग आग की तरफ दौड़ पड़े और आग बुझाने में किसानों की मदद की। फायर ब्रिगेड के पहुंचने तक गांव के लगभग चार सौ लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया। किसान जगदीश नारंग ने आग लगने का कारण बिजली लाइन में उठी चिंगारी बताया। आगजनी से लगभग तीन कनाल गेहूं की फसल और दो एकड़ के फाने जल गए।
खेत में मंगलवार शाम आग लगने से गांव में भगदड़ मच गई। यह खेत गांव के नजदीक है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जाने वाले लोगों ने आग बुझाने में पूरी मदद की वर्ना आग से भारी नुकसान हो सकता था। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर 50 एकड़ फसल को बचा लिया। किसान जगदीश ने कहा कि उसके खेतों के उपर से इंडस्ट्री को दी जाने वाली बिजली की लाइन गुजरती है। उसमें बिजली होने की वजह से स्पार्किंग हुई। ग्रामीणों ने कहा कि गांव और खेत की बिजली बंद रहती है, जबकि उद्योग की बिजली चालू रहती है। उसके बाद ग्रामीण काछवा पावर हाउस पर पहुंचे, वहां उन्हें कोई अधिकारी नहीं मिला।
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