जींद
हुड्डा सरकार द्वारा हाल ही में बैक डोर से बढ़ाए कलेक्टर और सर्कल दरों को लेकर प्रदेश की जनता में नाराजगी है। 11 अप्रैल को इनेलो के बैनर तले होने वाले तहसील स्तरीय धरनों के माध्यम से प्रदेश की जनता सरकार के प्रति नाराजगी व्यक्त करेगी और बढ़ी हुई सर्कल और कलेक्टर दरे वापस लेने व गृह कर लागू न करने के लिए विवश करेगी।
ये बात इनेलो प्रधान महासचिव और डबवाली से विधायक डॉ. अजय सिंह चौटाला ने पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में डॉ. चौटाला ने धरनों को लेकर पदाधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जींद जिले में पाचों तहसील नरवाना, उचाना, जींद, सफीदों और जुलाना में तहसीलदार कार्यालय के सामने धरना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार एक के बाद एक जनविरोधी फैसले ले रही है। सरकार के इस फैसले से महंगाई के इस दौर में आम आदमी की कमर तोड़ने का एक ओर प्रहार किया है। पिछले वर्ष भी हुड्डा सरकार ने कर रहित बजट पेश किया था और बाद में वेट की दरों में 25 प्रतिशत की वृद्धि कर दी थी। सरकार ने यह जनविरोधी नीति इस बार जारी रखी और बजट के बाद अब कलेक्टर दरों में बेतहाशा वृद्धि कर दी है और साथ ही गृह कर को वसूलने का निर्णय किया है और इन दरों में बढ़ोतरी कर दी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इन प्रदर्शनों में बढ़-चढ़कर भाग लें और हुड्डा सरकार के इस जनविरोधी निर्णयों को वापस लेने के लिए मजबूर करे। उन्होंने कहा कि हुड्डा सरकार भू-माफिया के इशारों पर काम कर रही है और दोनों हाथों से प्रदेश को लूटा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी रिहायशी व व्यावसायिक स्थलों पर गृह कर लगाए जाने और गरीब लोगों और छोटे मकानों में रहने वाले मध्यम वर्ग के लोगों पर भी गृह कर लगाए जाने का फैसला किसी भी कीमत पर प्रदेश की जनता सहन नहीं करेगी और इसे तुरत रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज किसान की हालत बेहद खराब है और किसान के बढ़े हुए लागत मूल्य और महगाई को देखते हुए गेहू का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1500 रुपए किया जाना चाहिए और खाने वाले गरीब आदमी को गेहू सब्सिडी के आधार पर सस्ते दामों पर उपलब्ध करवाया जाना चाहिए।
इस मौके पर जिला प्रधान सुरेद्र बरवाला, विधायक डॉ. हरिचंद मिढ़ा, कलीराम पटवारी, परमेंद्र ढुल, पृथ्वी नंबरदार, प्रदेश युवा इनेलो के अध्यक्ष प्रदीप गिल, कृष्ण राठी, प्रवीण बूरा, जगदीप बुआना, राजन चिल्लाना, गुंजन चावला, बलराज नगूरां, रवींद्र देशवाल, अनिल पहलवान, यादवेंद्र खर्ब, सतीश जैन, किताब सिंह भनवाला, प्रीतम कालेखां, भगवानदास, अशोक गोयल, राममेहर कंडेला, दयानंद कुंडू, सुभाष गांगोली, जसमेर रूपगढ़, बिजेंद्र रेढू, कुलदीप पिंडारा, यशपाल बुडायण, सुनील कंडेला आदि मौजूद थे।

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