करनाल,कम्बोज/अनेजा
ढाकवाला गुजरान गांव में अवैध खनन रोकने में जिला प्रशासन को मिली सफलता से उत्साहित प्रशासन ने अब और अधिक सक्रियता बढ़ा दी है, ताकि अवैध खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जा सके। माल रोड स्थित अपने कार्यालय में आयोजित बैठक में उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाने पर मंथन किया। उन्होंने पुलिस और खनन विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ाते हुए उन्हें और अधिक मुस्तैद रहने के निर्देश दिए। अब हर सप्ताह पुलिस छापे खनन क्षेत्र में छापे मारेगी। जो पुलिसकर्मी छापे मारने जाएंगे, उनकी ड्यूटी भी हर सप्ताह बदली जाएगी। सप्ताहवार किस पुलिसकर्मी की ड्यूटी होगी, उसे पता नहीं होगा। पुलिस अधिकारी हर सप्ताह की कार्रवाई की रिपोर्ट भी उपायुक्त को सौंपेंगे।
उपायुक्त ने पुलिस और खनन अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन यमुना नदी के साथ लगते गांवों में जाकर जांच करे कि कहीं रेत से भरी ट्राली खड़ी है या नहीं। उन्होंने खनन विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे पुलिस से अपना तालमेल बनाए रखें। सहायक माइनिंग इजीनियर आरएस ठाकरान ने बताया कि अक्टूबर से अब तक रेत से भरी 171 टै्रक्टर-ट्रॉलियां पकड़ी गई है और उनसे 21 लाख 34 हजार 850 रुपये रायल्टी तथा मिनरल प्राइस के रूप में वसूल किए गए है।
पुलिस अधीक्षक राजेंद्र मोर ने सुझाव दिया कि यमुना नदी के साथ लगते सभी गावों के सरपंचों के संपर्क मोबाइल नंबर लिए जाने चाहिए और उनसे प्रतिदिन पूछताछ हो। उपमंडलाधीश इंद्री दिनेश यादव ने सुझाव दिया कि मुखबरी के लिए गाव के लोग को ही शामिल किया जाए और उनका नाम पता-गुप्त रखा जाए। इससे अवैध खनन पर अंकुश लगेगा। बैठक में उपमंडलाधीश मुकुल कुमार, आरटीए विक्रम मलिक, खनन निरीक्षक जगदीशचंद्र आदि भी उपस्थित थे।
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