Monday, April 11, 2011

लिंगानुपात सुधारने पर मंथन

करनाल :अनेजा
स्वास्थ्य विभाग एवं महिला तथा बाल विकास विभाग के तत्वावधान में सिविल अस्पताल में आयोजित बैठक में लिंगानुपात सुधारने पर मंथन किया गया। बैठक में लिंगानुपात समांतर बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में सिविल सर्जन डॉ. वंदना भाटिया ने लिंगानुपात में लगातार हो रही कमी पर चिंता जाहिर की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों में होने वाले जन्म का अवलोकन किया जाए तथा जिन गावों में लड़कियों की संख्या कमी पाई जाए, उन गावों में साक्षर महिला समूहों, पंचायती राज संस्थाओं, धार्मिक नेताओं और स्थानीय नेताओं को शामिल कर जागरूकता अभियान चलाया जाए। पीएनडीटी एक्ट का पूरी तरह से पालन किया जाए। अगर गर्म में पल रहे बच्चे की लिंग जाच से संबंधित कोई भी मामला सामने आता है, उसकी सूचना तुरंत दी जाए। उन्होने कहा कि प्रदेश में 2011 की जनगणना अनुसार जन्म से छह वर्ष की आयु वर्ग में लड़कियों की संख्या प्रति हजार लड़कों के पीछे 830 पाई गई, जबकि करनाल में यह आकड़ा 820 ही है। महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रोग्राम अधिकारी रजनी पसरीजा ने विचार व्यक्त किए।

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