Friday, April 8, 2011

विवादित स्थल पर संत समागम करवाने का विवाद

रादौर,कुलदीप सैनी 
गाव बरहेड़ी में दलित समुदाय द्वारा बृहस्पतिवार को विवादित स्थल पर संत समागम करवाने का विवाद गहरा गया है। शुक्रवार तड़के लगभग 3 बजे पुलिस की मौजूदगी में विवादित स्थल पर डॉ.भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति स्थापित कर दी गई। मूर्ति स्थापना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी पुलिस बल के साथ गांव में पहुंच गए। प्रशासन की ओर से एसडीएम देवेन्द्र कौशिक, डीएसपी अशोक सभ्रवाल, डीएसपी केके हुड्डा, डीडीपीओ धर्मबीर सिंह, नायब तहसीलदार, बीडीपीओ, पंचायत अधिकारी, ग्राम सचिव, पटवारी आदि मौके पर पहुचे।
हालांकि दलित समुदाय द्वारा मूर्ति उठाने पर आत्मदाह करने की चेतावनी के बाद अधिकारी बेबस हो गए। उधर, कांबोज समाज ने भी प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ संघर्ष का बिगुल बजाने की घोषणा की है। अगली रणनीति बनाने के लिए शनिवार को बिरादरी की बैठक रादौर में बुलाई गई है।
सनद रहे कि दलित समुदाय द्वारा विवादित स्थल पर अदालती स्टे के बावजूद बृहस्पतिवार को संत समागम किया गया था। इसके बाद समुदाय के लोगों ने रात में ही गुरु रविदास फोर्स के प्रदेशाध्यक्ष सुदेश अंटवाल के नेतृत्व में विवादित स्थल पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति स्थापित कर दी। इस दौरान गांव में पुलिस बल तैनात थी, लेकिन उसने कोई रोक-टोक नहीं की। सुबह मामले की सूचना मिलने पर कई प्रशासनिक अधिकारी गांव में पहुंच गए। अधिकारियों पर दबाव बनाते हुए समुदाय के लोगों ने मूर्ति हटाने पर आत्मदाह करने की चेतावनी दी, जिस पर प्रशासन बेबस हो गया।
तनाव की स्थिति से निबटने के लिए प्रशासन ने फायर बिग्रेड की तीन गाड़ियां मौके पर बुला लीं। जिले के सभी थानों के इचार्ज व पुलिस बल को विवादित स्थल पर तैनात किया गया था। विवादित स्थल पर प्रशासन की किसी भी कार्रवाई का विरोध करने के लिए दलित समुदाय के सैंकड़ों लोग मौजूद रहे। शुक्रवार दोपहर को दलितों ने विवादित स्थल पर मंदिर का निर्माण करने के लिए ईटें मंगवाई। प्रशासन ने बमुश्किल उन्हें मंदिर निर्माण करने से रोका और ईटों को हटवाया।
ईट व रोड़े का भंडार : विवादित स्थल पर चल रहे तनाव को देखते हुए दलित समुदाय के लोगों ने भारी संख्या में ईटे व रोड़े इकट्ठा कर रखे हैं। वहीं झडों के रूप में डडे व बिंडे भी तैयार हैं। इसे देखते हुए विवादित स्थल पर कोई बड़ा फसाद खड़ा होने की आशंका बनी हुई है। इसे देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी फूंक-फूंककर कदम उठा रहे हैं।
डीसी से मिले ग्रामीण : विवादित स्थल पर जबरन कब्जे की शिकायत लेकर गाव बरहेड़ी के सैकड़ों लोग सरपंच सुनील के नेतृत्व में जिला उपायुक्त से मिले। उपायुक्त ने उन्हें आश्वासन दिया कि प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करेगा। इसके बाद जिला उपायुक्त ने आला अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की। पंचायती भूमि पर कब्जे के बाद बरहेड़ी में गाव की अन्य बिरादरियों ने बैठक आयोजित कर रोष जताया। ग्रामीणों का कहना था कि प्रशासन वोटों की राजनीति के चलते इस पंचायती भूमि पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाया है।
नहीं बढ़ाई पुलिस सुरक्षा :
दलित समुदाय द्वारा संत समागम के बाद मूर्ति स्थापित किए जाने की प्रशासन को सूचना मिली थी। इस पर दिन भर तो पूरी फोर्स मौजूद रही, लेकिन रात के समय चंद पुलिस कर्मचारी ही तैनात किए गए जो शुक्रवार तड़के दलित समुदाय के लोगों को मूर्ति स्थापित करने से नहीं रोक पाए। इस घटना ने प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही को भी उजागर कर दिया। इससे पूर्व प्रशासन बृहस्पतिवार को अदालती आदेश के बावजूद दलितों को समागम करने से नहीं रोक पाया था।
कांबोज बिरादरी की बैठक आज
प्रशासनिक अधिकारियों पर दलितों का समर्थन करने का आरोप लगाते हुए कांबोज समुदाय के लोगों ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है। शनिवार सुबह दस बजे रादौर की शहीद उधमसिंह कांबोज धर्मशाला में कांबोज बिरादरी की एक विशेष बैठक बुलाई गई है, जिसमें बरहेड़ी मामले को लेकर बिरादरी के लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया जाएगा। कर्मबीर बरहेड़ी ने कहा कि दलित समुदाय द्वारा किया जा रहा कब्जा नाजायज है, फिर भी प्रशासन कुछ नहीं कर रहा। इसका कांबोज बिरादरी विरोध करेगी।

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