रादौर, कुलदीप सैनी
रक्तदान से बढ़कर दुनिया में कोई दान नहीं है। हर स्वस्थ व्यक्ति को वर्ष में एक बार अवश्य रक्तदान करना चाहिये। इस प्रकार रक्तदान करने से दुनिया में कोई जरूरतमंद व्यक्ति रक्त के अभाव में प्राण त्यागने पर विवश नहीं हो सकता। रक्तदान पुण्य का कार्य है। जो मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। यह शब्द संत निरंकारी भवन रादौर के प्रमुख महात्मा पवन ग्रोवर ने रविवार को भवन में आयोजित साप्ताहिक सत्संग के दौरान भक्तों को संबोधित करते हुए कहे। उन्होंने क हा कि निरकारी बाबा हरदेव सिंह जी महाराज का उद्घोष है कि रक्त नाड़ियों में बहे नालियों में नहीं। महाराज जी का यह उपदेश मानव जाति को रक्तपात रोकने की प्रेरणा देता है वहीं रक्तदान के प्रति जागृति भी प्रदान करता है। रक्तदान करके हम किसी पर अहसान नहीं करते, बल्कि मानव होने के नाते यह हमारा मानवीय कर्तव्य बनता है कि हम मानव जाति के काम आए। इसान का रक्त केवल इसान से ही प्राप्त किया जा सकता है। हमें दूसरों की सेवा करने के लिए हर समय तैयार रहना चाहिये। रक्तदान करके हम जहा दूसरों का जीवन बचाते है वहीं हम रक्तदान करके पुण्य के हकदार भी बन जाते है। रक्तदान करने से मनुष्य के शरीर पर कोई विपरीत असर नहीं पडता। निरकारी भवन रादौर की ओर से 24 अप्रैल को भवन परिसर में चौथे रक्तदान शिविर का आयोजन करवाया जा रहा है, जिसका शुभारभ जिला उपायुक्त अशोक सांगवान करेंगे। रक्तदान शिविर जोनल इचार्ज टेकचंद की देखरेख में सम्पन्न होगा। इस अवसर पर सुखबीर बकाना, अशोक चोपड़ा, अशोक चावला, जसबीर अलाहर, मुकेश सैनी, सुरेंद्र सिलीकला आदि उपस्थित थे।
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