Sunday, April 10, 2011

महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई

इन्द्री ,सुरेश अनेजा 
सैनी धर्मशाला में समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई गई। समारोह में लोगों ने एक स्वर में ज्योतिबा फुले और देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल करने और उनकी जयंती तथा पुण्यतिथि पर छुट्टी घोषित करने की माग की।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महात्मा ज्योतिबा फुले जागृति मंच की प्रदेशाध्यक्ष शशि सैनी थी। उन्होंने कहा कि ज्योतिबा और उनकी पत्नी सावित्री बाई ने समाज में शिक्षा की अलख जगाई। इसके लिए उन्हे विभिन्न प्रकार की यातनाएं झेलनी पड़ीं, लेकिन उन्होंने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। उन्होंने देश का पहला बालिका स्कूल खोल कर नजीर पेश की और एक के बाद एक इस तरह के 50 स्कूल खोले। उत्तर प्रदेश तथा महाराष्ट्र सरकार की तर्ज पर हरियाणा तथा अन्य राज्यों में भी ऐसी महान विभूतियों के जीवन पर आधारित पाठ स्कूलों के पाठ्यक्रम को शामिल किया जाना चाहिए, ताकि भावी पीढ़ी उनके जीवन तथा संघर्ष से प्रेरित हो सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को पुरस्कार किया। महात्मा ज्योतिबा फुले मिशन के वरिष्ठ नेता अनिल सैनी और रमेश टपरियों ने 1857 की क्राति में सैनी समाज के योगदान पर प्रकाश डाला। शहीद सोमनाथ स्मारक समिति के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष महिंद्र कुमार, पंजाबी अध्यापक नरेश सैनी और अरुण कुमार ने लड़कियों की समानता और बच्चों को अच्छे संस्कार देने की जरूरत पर बल दिया। समारोह की अध्यक्षता सैनी सभा के हलका प्रधान अमरनाथ जैनपुर तथा संचालन महिंद्र सैनी ने किया। कार्यक्रम में कलाकार हीशम सिंह बीबीपुर, अमर सिंह, शीशपाल, सुमेर पाल, अश्वनी कश्यप, नरेश नारायण ने गीतों और रागनियों से महात्मा ज्योतिबा के जीवन का संदेश दिया। इस मौके पर समौरा गाव के सरपंच बलबीर सैनी, अमित छाप्पर, रमेश सैनी, बलबीर ब्याना, पार्षद पवन पिंटू, मायाराम, सुरेश कुमार, चंदगी राम सैनी, सुभाष सैनी, रामजी लाल, रामदास, बाबू राम, अंग्रेज सिंह संगोही, सेवा सिंह, धनीराम जैनपुर, संगीता, पूजा रानी आदि उपस्थित थे।

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