Friday, August 5, 2011

जिले के डिलीवरी हटों में इस वर्ष में अब तक 968 महिलाओं की डिलीवरी की गई


करनाल, विजय काम्बोज
राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति की गर्भवती महिलाओं को संस्थागत डिलीवरी करवाने पर स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से जननी सुरक्षा योजना के तहत 1500 रूपए की राशि प्रोत्साहन स्वरूप दी जाती है। इसके अलावा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाली गर्भवती महिलाओं को भी संस्थागत डिलीवरी के लिए 700 रूपए की धन राशि उपलब्ध करवाई जाती है तथा डिलीवरी हट तक लाने के लिये वैन की सुविधा मुफ्त दी जा रही है। जिले के डिलीवरी हटों में इस वर्ष में अब तक 968 महिलाओं की डिलीवरी की गई। 
यह जानकारी स्वास्थ्य विभाग के सरकारी प्रवक्ता ने देते हुए बताया कि संस्थागत डिलीवरी करवाने से जच्चा-बच्चा दोनों को सुरक्षा मिलती है। अगर किसी गर्भवती महिला को प्रसव के दौरान खून इत्यादि की भी जरूरत पड़ती है तो संस्थागत डिलीवरी में आसानी हो जाती है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति की गर्भवती महिला पहले तीन माह में किसी भी सरकारी अस्पताल में पंजीकरण करवाती है तो उसे 500 रूपए बतौर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। 
                         उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग करनाल द्वारा गर्भवती महिलाओं को ग्रामीण स्तर पर प्रसव सुविधा उपलब्ध करवाने के उददेश्य से जिले में अब तक 28 डिलीवरी हट स्थापित किए गए है ताकि गर्भवती महिला प्रसव के दौरान चिकित्सा सुविधा घर के पास ही मिल सके। इससे जच्चा-बच्चा दोनों को सुरक्षा मिली है। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए बहु उददेशीय महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को 10 हजार रूपये की राशि का अतिरिक्त बजट अलाट किया गया है। यह राशि गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए अस्पताल तक ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था करने तथा अन्य सुविधायें मुहैया करवाने पर खर्च की जाती है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक गांव में ही आशा नाम की एक स्वास्थ्य कार्यकर्ता की नियुक्त की है जो गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच तथा टीकाकरण करवाने में सहायता करती है। 
प्रवक्ता ने बताया कि घटते लिंगानुपात में समानता लाने एवं कन्या भू्रण हत्या पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार ने अनेक कारगर कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि कन्या भ्रूण हत्या पाप नहीं, महापाप है इसे रोकने में आम लोगों की भागीदारी जरूरी है। दूसरी ओर एक अन्य योजना के तहत गर्भवती महिला के सुरक्षित प्रसव करवाने तथा लडक़ी पैदा होने पर अब  नर्स को भी 600 रूपए की राशि प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान की जाएगी जबकि लडक़ा पैदा होने पर 400 रूपए की राशि दी जाती है। इस योजना के लागू होने से नर्स व बहुउद्धेशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता न केवल महिलाओं की सेहत का ख्याल रखेंगी बल्कि सभी चिकित्सा सुविधाएं उनके घर-द्वार ही मुहैया करवाई जाएंगी। उन्होंने गर्भवती महिलाओं से अपील की कि वे गाँव  में दाई से प्रसव न करवाएं बल्कि संस्थागत डिलीवरी करवाकर राज्य सरकार की प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ उठाएं।

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