Friday, August 5, 2011

बाबा सेवादास की समाधि को गिराये जाने का विवाद गहराया


रादौर,(कुलदीप सैनी)
गांव नागल में प्रशासन द्वारा स्कूल परिसर में बनी बाबा सेवादास की समाधि व मंदिर को गिराए जाने की योजना को लेेकर शुक्रवार को भी गांव के सैकडों लोग मंदिर परिसर में जमा रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन की मंदिर व समाध को गिराए जाने की योजना पर गहरा रोष प्रकट किया। ग्रामीणों ने नारेबाजी कर मंदिर पर अपना अधिकार जताया। उधर प्रशासन की ओर से विवादित स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। गांव के सरपंच अनुरोध राणा ने बताया कि प्रशासन की ओर से उन्हें सूचना दी गई है कि आगामी एक सप्ताह तक एसडीएम विवादित स्थल का दौरा कर जिला उपायुक्त को अपनी रिर्पोट सौपेंगे। जिसके बाद प्रशासन विवादित स्थल के बारे में आगामी निर्णय लेगा। उधर ग्रामीण मंदिर विवाद को लेकर भारी तनाव में है। ग्रामीण किसी भी कीमत पर मंदिर व समाधि से अपना अधिकार छोडने को तैयार नहीं हैं। गांव के सैकडों लोग हर समय मंदिर की सुरक्षा के लिए मंदिर प्रांगण में बैठे हैं। ऐसे में अब प्रशासन के अधिकारी ग्रामीणों से टकराव की बजाय विवाद को लेकर शांतिपूर्वक हल निकालने में जूटे हुए हैं। 
जठलाना पुलिस का पीछा नहीं छोड रहे है धार्मिक विवाद - पिछलें काफी समय से जठलाना क्षेत्र में धार्मिक विवाद जठलाना पुलिस का पीछा छोडने का नाम नहीं ले रहे हैं। पिछले कई वर्षों से गांव जठलाना में चले आ रहे वक्फ बोर्ड व गुरद्वारा सिंहसभा के बीच का विवाद पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ है। जिसको लेकर कई बार पुलिस व सिख समुदाय में टकराव की स्थिति आई। इसी प्रकार गांव बरहेडी में सात अप्रैल से दलित समुदाय द्वारा अंबेडकर भवन के लिए किया जा रहा संघर्ष भी पुलिस के लिए कांटों की राह बना हुआ है। बरहेडी विवाद को लेकर पिछले चार महीनों से विवादित स्थल पर पुलिस का पैहरा लगा हुआ है। इसी प्रकार अब पिछले 5 दिनों से गांव नागल में मंदिर विवाद को लेकर जठलाना पुलिस तैनात की गई है। यह विवाद भी लंबा खिचता नजर आ रहा है। अब तक के तीनों विवादों को लेकर प्रशासन के अधिकारियों को भारी कशमकश के दौर से गुजरना पडा है। धार्मिक विवादों से बचने के लिए प्रशासन के अधिकारी मामले को ठंडा होने का इंतजार करते है। जिस कारण विवाद लंबा होता चला जाता है। बरहेड़ी व नागल विवाद में भी इसी प्रकार प्रशासन के अधिकारी मौके पर पुलिस बल तैनात कर विवाद से अपना पल्लु झाडऩे का काम कर रहे है। 
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हुड्डा सरकार ने करोड़ों रूपये की भूमि राजीव गांधी ट्रस्ट को देकर जनता के साथ धोखा किया है:बीएल सैनी
रादौर,(कुलदीप सैनी)
 इनैलों विधायक बीएल सैनी ने कहा कि हुड्डा सरकार ने करोड़ों रूपये की भूमि राजीव गांधी ट्रस्ट को देकर जनता के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि जब एक एकड़ भूमि के लिए कर्नाटक का मुख्यमंत्री इस्तीफा दे सकता है तो फिर हुड्डा ने तो अरबों रूपये की जमीन ट्रस्ट को कोडिय़ों के दाम दी है। जिससे पता चलता है कि हुड्डा सरकार में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है। हुड्डा ने राजीव गांधी ट्रस्ट को यह जमीन मात्र 7 लाख रूपये प्रति एकड़ की दर से दी है। सरकार द्वारा धारा 4 व 6 लगाने के बाद एक इंच भी भूमि अधिग्रहण नहीं की जाएगी। लेकिन फिर भी सरकार भूमि अधिग्रहण कर रही है। राहुल गांधी परिवार को अरबों रूपये की भूमि कोडिय़ों के दाम देकर मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री का पद हथियाया है। जिस कारण वे उनके चहेते मुख्यमंत्री बने हुए है। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा को भी अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। इस अवसर पर जरनैल पंजेटा, वीरभान वधवा, महिन्द्रपाल टीना, पवन राणा, रोशनलाल अंटावा, गोल्ड़ी चानना,मांगेराम कण्ड्ररौली, डॉ. लाभङ्क्षसह नाचरौन, मेजरङ्क्षसह सढूरा, रामेश्वर सैनी बकाना, राजेश कश्यप आदि उपस्थित थे। 


दहेज न मिलने पर की विवाहिता की गला घोंटकर हत्या
यमुनानगर,(कुलदीप सैनी)
 दहेज न मिलने पर  कांसापुर की शिवपुरी बी में एक विवाहिता की ससुरालियों ने गला घोटकर हत्या कर दी। पुलिस ने ससुराल पक्ष के तीन लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। उधर, ससुराल पक्ष के लोग इसे खुदकुशी करार दे रहे थे।
कांसापुर के शिवपुरी बी निवासी कृष्णलाल ने बताया कि उसकी बेटी इंदुबाला का विवाह 28 अगस्त 2010 को पास में स्थित महावीर कालोनी के दीपक के साथ हुआ था। उन्होंने बताया कि  बेटी का पूरी  रिति-रिवाज के साथ विवाह किया और बेटी का ससुराल महज कुछ दूरी पर होने से वह काफी खुश थे। किंतु उन्हें क्या पता था कि यह दिन भी उन्हें देखने को मिलेगा। उन्होंने बताया कि अभी बेटी की शादी को एक साल हुआ था, की कल उन्हें अपनी बेटी के मरने की  खबर मिली, जिसे सुनकर वह दंग रह गए। देखते ही देखते सारा आलम मातम में बदल गया। जब लडक़ी के परिजनों ने ससुराल जाकर बेटी को देखा तो उन्होंने पाया कि उसके गले पर घाव बने हुए है, वहीं उसके दोनों हाथ पीठ की ओर थे। जिस पर उन्हें संदेह हुआ कि बेटी के मृत्यु हाथ बांधकर उसका गला घोटने कर की गई है। जिस पर उन्होंने ससुरालियों पर आरोप  लगाया कि ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा उसकी हत्या की गई है। बेटी के पिता ने बताया कि ससुराल की ओर से पिछले कुछ समय से दहेज की मांग की जा रही थी, उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उनके द्वारा अपना प्लांट बेचने पर ससुराल से पैसो की मांग की जा रही थी। पुलिस ने कृष्णलाल की शिकायत पर ससुराल पक्ष के तीन लागों में सांस शकुंतला, जेठ नरेश समेत पति दीपक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। 


मंदिर में बलि के रूप में चढ़ाई पशु की खोपड़ी,गांव में तनाव का माहौल 
यमुनानगर,(कुलदीप सैनी)
जटहेड़ी गांव के देवी मंदिर में पशु की खोपड़ी बलि के रूप में चढ़ाने पर तनाव पैदा हो गया। गांव के लोगों ने रात के समय मंदिर में इकट्ठा होकर वहां मौजूद महिला को गांव छोडऩे को कहा। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी प्रकार मामला शांत किया। वहीं, सुबह के समय फिर से गांव वासी महिला को मंदिर से बाहर निकालने की मांग को लेकर थाने पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया। बिलासपुर के नजदीक जटहेडी में उस समय तनाव का माहौल पैदा हो गया जब  दो पुरुषों व दो महिला ने गांव के देवी मंदिर में आकर किसी पशु की खोपड़ी कपड़े में लपेट कर बली के रूप में वहां रख दी। मामले की जानकारी पुलिस को दी गई और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। गांव के सरपंच तेजपाल सैनी ने बताया कि एक महिला कुछ समय पहले गांव के बाहर बने देवी मंदिर में आकर रहने लगी। महिला अकसर ही मंदिर में तंत्र क्रियाए करती थी। वह हमेशा ही लोगों को बलि देने के लिए भी कहती थी। बुधवार को भी कुछ लोग बलि देने के लिए एक पशु की खोपड़ी लेकर मंदिर में आए। मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद वह लोग खोपड़ी व पूजा का सामान वहीं छोड़ गए। पता चलने पर गांव के लोग इकट््ठे  होकर मंदिर पहुचं गए। यहां पर उन लोगों ने तांत्रिक महिला से मंदिर व गांव छोडक़र जाने को कहा। महिला द्वारा किसी भी सूरत में वहां से जाने की बात कहने पर मामला बढ़ गया।  मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस भी रात को ही मौके पर पहुंच गए। गांव वालों का आरोप था कि जो महिला इस मंदिर में रहती है। उसी महिला द्वारा इस प्रकार का घिनौना कार्य करवाया गया है। इससे पहले भी यह महिला दो-तीन बार एेसा कर चुकी है। गांव वालों का कहना है कि इस प्रकार की तांत्रिक  विद्या से किसी का भला नहीं होता बल्कि किसी का विनाश अवश्य हो जाता है। रात को किसी तरह मामला शांत हुआ। सुबह गांव वाले फिर इक_ा होकर पुलिस थाने पहुंचे, जहां पंचायत ने पुलिस से मांग की है कि देवी मंदिर में रहने वाली इस महिला को मंदिर से बाहर निकाला जाए क्योंकि इस महिला के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है। सरपंच तेजपाल ने बताया कि पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि सोमवार तक उनकी समस्या का निदान कर दिया जाएगा। 

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