Thursday, June 16, 2011

कंबोपुरा के पूर्व सरपंच हत्या मामले में अहम् गवाह चमेल सिंह की हत्या


आईजी की देखरेख में हुआ शव का पोस्टमार्टम
करनाल विजय काम्बोज
 करनाल  के गांव कंबोपुरा के पूर्व सरपंच की हत्या मामले में गवाही देने वाले मृतक के ममेरे भाई चमेल सिंह की भी हत्या कर दी गई। मृतक पानीपत के गांव ओसर का रहने वाला था। सोमवार को वह कर्मसिंह हत्या मामले में गवाही देने आया था लेकिन घर वापिस नहीं गया। बुधवार को सेक्टर चार की पुलिस चौंकी के पास वाले पार्क में उसका शव पड़ा हुआ मिला। जिसे देखने से ही लग रहा था कि उसकी हत्या की गई है। इस घटना से हरियाणा सरकार और उनके दोनों पूर्व मंत्री और मुख्य संसदीय सचिव की मुसीबते आने वाले दिनों में और बढ़ती नजर आ रही हैं। मिली जानकारी के अनुसार चमेल सिंह ने भी पूर्व सरपंच के साथ अपने लडक़े की परिवहन विभाग में नौकरी लगवाने के लिये परिवहन मंत्री ओमप्रकाश जैन को साढ़े चार लाख रुपये दे रखे थे। चमेल सिंह की हत्या से क्षुब्ध उसके परिजन शव का पोस्टमार्टम न कराने को लेकर अड़े हुए थे । उनका कहना था की आरोपी दोनों मंत्रियो के खिलाफ मामला दर्ज कर जल्द से जल्द उन्हें गिरफ्तार किया जाये। परिजनों ने दोनों हत्याओं का मामला सीबीआई में भेजने की भी मांग की है। रोहतक रेंज के आई जी वी.कामराजा आज मृतक चमेल सिंह के परिजनों सेे मिलने पहुचे और उन्हें आश्वाशन दिया की दोनों हत्या मामलो को सी बी आई को देने की सिफारिश की जाएगी। आई जी के पहुचने पर मृतक के परिजनों और गाँव वालो में काफी रोष था , काफी देर तक आई जी उनसे बात करते रहे । उसके बाद पीडि़त परिजनों के कहने पर कि दोनों मामले सी बी आई को सौंपे जाये और निष्पक्ष जांच की जाये तो इसपर आई जी ने सहमति जताते हुए उन्हें कहा की जैसा आप कहेंगे वैसा होगा। उसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच मृतक चमेल सिंह के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान पूरे  सरकारी हॉस्पिटल को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था। जब इस मामले में रोहतक रेंज के आईजी वी. कामराजा से बात की गई तो उन्होंने बताया की जो हुआ वह अच्छा नहीं हुआ है। हम आरोपियों खिलाफ मामला दर्ज कर उचित कारवाई करेंगे। उनसे पूछताछ करेंगे तथा सभी सबूत इक_े कर आरोपियों को कानून के सामने लायेंगे। उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों ने मांग की है कि मामला सी बी आई को दिया जाये निष्पक्ष जांच की जाये। उनकी इस मांग को हमने स्वीकार कर लिया है। हम दोनों मामलो को सी बी आई को भेजेंगे। इस हत्या के मामले में भी दोबारा दोनों मंत्रियो का नाम आ रहा है इस बारे मेें पूछे जाने पर आई जी ने बताया की चाहे कोई भी हो उससे पूछताछ होगी। वही दूसरी तरफ मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों में अभी भी इस बात को लेकर रोष बना हुआ है कि आखिर सरकार इन दोनों नेताओ को क्यों बचाने में लगी हुई है । जिस तरह से कड़ी सुरक्षा के बीच शव का पोस्टमार्टम कराया गया को देखकर लगता है कि पुलिस और सरकार दोनों ही आरोपियों का बचाव करने की कोशिश कर रही हैं। इस मामले को लेकर मृतक के रिश्तेदार शगुन चंद  का कहना है कि हमें हत्याओं को लेकर दोनों मंत्रियों पर ही शक है क्योंकि दोनों मृतकों ने तेरह लाख रूपये पैसे दे रखे थे। उन्होंने दोनों से बेटों को नौकरी लगवाने की एवज में पैसे मांगे थे। संविधान में कानून है कि अगर कोई पैसे मांगता है तो उनके खिलाफ कानूनी कारवाई की जाती है। हमने ऐसा पानीपत में भी एक मामला देखा था। हमारी पुलिस से मांग है कि दोनों मंत्रियों को रिश्वत लेने के मामले में गिरफतार किया जाये तथा दोनों हत्याओं के मामले में भी उनसे पूछताछ की जाये। फि लहाल तो दोनों हत्याओं को लेकर पुलिस असमंजस में है और परिजनों में भी रोष है। 

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