Thursday, June 16, 2011

पुलिस की मौजूदगी में कराई गयी विवादित जमीन की बोली

रादौर,16जून कुलदीप सैनी




 प्रशासन द्वारा गांव बागवाली की विवादित भूमि की बोली पुलिस की मौजूदगी के कराई गई। जमीन पर अपना हक जता रहे गांव बागवाली के किसानों ने प्रशासन द्वारा जमीन की बोली करवाए जाने का विरोध किया। लेकिन प्रशासन के अधिकारियों ने भूमि के 16 भागों में से 6 भागों की बोली करवा दी। बाकी की जमीन की उचित बोली न मिलने पर भूमि को ठेके  पर नहीं दिया जा सका। एक ओर जहां बोली का विरोध कर रहे ग्रामीण जमीन को अपनी बता कर बोली को गैर कानूनी मान रहे थे वहीं प्रशासन के अधिकारी उच्चाधिकारियों के आदेशों पर नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कह रहे थे। विवादित भूमि की बोली करवाने के लिए डीडीपीओं जगराम मान, एलओ कृष्ण कुमार, बीडीपीओं कंवरभान नरवाल, पंचायत अधिकारी अंग्रेज सिंह मोर, गांव जठलाना के सरपंच रामगोपाल शर्मा व  जठलाना थाना प्रभारी सूरजभान पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद थे। 

बोली का विरोध कर रहे सूरताराम, जगदीश, सतपाल, बौधराज, सुरेश कुमार, बाबूराम, जगमाल सिंह व विनोद कुमार ने बताया कि लगभग 147 एकड़ भूमि पर मालिकाना हक उनका है। 2005 में उन्हीं के नाम इंतकाल आया था। लेकिन उसके बाद भी पंचायत व प्रशासन के कुछ अधिकारी इसमें रोड़ा अटका रहे है। जिसको लेकर पंचायत ने इस भूमि को जबरन ठेके पर दे दिया था। इसकी वजह से ही 12 जून 2007 को ठेकेदारों के साथ उनका विवाद हो गया था। इस विवाद में दिलाराम की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं एक अन्य धनीराम के सिर पर गंडासी लगने से वह बुरी तरह से घायल हो गया था। जिसकी कुछ महीनों बाद ईलाज के दौरान मौत हो गई थी। उन्होंने कहा कि इस भूमि पर उनका डीसी कोर्ट में केस भी चल रहा है। जिस पर अब वीरवार 16 जून की तारिख लगी हुई है। इस विवादित भूमि पर विवाद के बाद से ही वे खेती कर रहे है। लेकिन प्रशासन जबरन इस भूमि पर पंचायत का कब्जा करवाना चाहता है। अगर ऐसा हुआ तो वे इसका विरोध करेगें। प्रशासन के इस कार्य से एक बार फिर से विवाद भडक़ सकता है और पहले की तरह ही कई जाने भी जा सकती है।उन्होंने कहा कि अगर भूमि पंचायत की है तो पिछले चार वर्षो से इस भूमि की बोली क्यों नहीं करवाई गई। जबकि तब से इस भूमि पर वे लोग की खेती कर रहे है।

उन्होनें कहा कि वे ही इस भूमि के असली हकदार है और इसे लेकर ही रहेगें। उधर मौके पर पहुंचे डीडीपीओं जगराम मान ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश अनुसार ही आज नियमानुसार भूमि की बोली की गई है। उन्हें ज्ञात है कि भूमि विवादित है और इस पर 16 जून की तारिख भी लगी है। इस दौरान जैसा भी फैसला होगा वे उसे मानने के लिए तैयार होगें। अगर भूमि पर अपना हक जता रहे ग्रामीणों के हक में फैसला हो जाता है तो उसी अनुसार आगामी कार्रवाई कर दी जाएगी। 

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