Tuesday, May 3, 2011

कन्या भ्रूण हत्या महापाप है:डा0 वंदना भाटिया

करनाल विजय काम्बोज    
सिविल सर्जन डा0 वंदना भाटिया ने कहा कि   कन्याभ्रूण हत्या महापाप है। इस पर अंकुश लगाने के  लिये सभी लोगों को  जागरूक  होने की  जरूरत है। यदि इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाले समय में इसके  परिणाम भयानक  होंगे।
    सिविल सर्जन के  अनुसार गर्भ में भ्रूण  की  जांच करवाना दण्डनीय अपराध है। इस अपराध पर अंकुश लगाने के  लिए प्रदेश में पी.एन.डी.टी.एक्ट लागू है लेकिन  एक्ट के  लागू हो जाने के  बावजूद भी लोग भ्रूण की  जांच करवाने से बाज नहीं आ रहे, ऐसे लोगों पर कड़ी नजर रखी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि  पी.एन.डी.टी एक्ट के  तहत भ्रूण  की  जांच करने व करवाने वाले दोनों को  दोषी माना जाता है। इस एक्ट के  तहत एक  लाख रूपये जुर्माना तथा 5 साल की  कैद का  प्रावधान भी है।
        उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के  अधिकारियों को  निर्देश दिए कि   जिन-जिन गांवों में लिंगानुपात में असंतुलन है उन गांवों में स्वास्थ्य विभाग के  प्रोग्राम अधिकारी व उप सिविल सर्जन गांव में जाकर निरीक्षण करें। उन्होंने अल्ट्रासाऊंड केन्द्रों के  संचालको  एवं डाक्टरों को  आगाह किया कि  वे एक्ट की  पूरी तरह से पालना करें। जो अल्ट्रासाऊंड संचालक  मनमानी करते हैं, उन्हें बक्शा नहीं जायेगा। उन्होंने भारत साक्षर मिशन के  प्रतिनिधि से आग्रह किया कि  वे इस अभियान में अपनी अहम भूमिका  निभा सकते हैं।             श्रीमती भाटिया ने कहा कि  सूचना जन सम्पर्क  एवं संस्कृति  कार्य विभाग के  लोक  कलाकारों की  नाटक  मण्डलियों व  भजन पार्टियों के  माध्यम से गांव-गांव जाकर कन्या भ्रूण  हत्या से होने वाले सामाजिक  अपराध के  खिलाफ लोगो को  जागरूक किया जा रहा है। इस विभाग का  यह विशेष प्रचार अभियान आगामी 15 मई तक  जारी रहेगा। इसमें ऐसे गांवों में कार्यक्रम  किये जा रहे हैं जहां लड़कियों की  संख्या कम है।  उन्होंने जिले के  समाज सेवी संस्थाओं, पंचायती राज प्रतिनिधियों एवं गणमान्य व्यक्तियों का  आहवान किया कि  वे कन्या भ्रूण  हत्या जैसे अपराध को  रोकने में अपनी सक्रिय  भूमिका  निभायें ताकि  लिंगानुपात में समानता बनी रहे।

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