रादौर,9मई-कुलदीप सैनी
इंडियन पब्लिक सीनियर सकेंडरी स्कूल रादौर में सोमवार को विश्व रेडक्रास दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रिसींपल ईश मेहता ने की। ईश मेहता ने विद्यार्थियों को रैडक्रास समितियों की स्थापना, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि व इसके कार्यक्षेत्रों एवं अर्थव्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं ईश मेहता ने रविन्द्रनाथ टैगोर जयंती के अवसर पर बच्चों को उनके जीवन परिचय के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि रैडक्रास की स्थापना हेनरी डयूनेट ने की थी। 8 मई को डयूनेट के जन्मदिवस पर विश्व रैडक्रास दिवस मनाया जाता है। दुनिया के 186 देशों में रैडक्रास संस्था कार्य कर रही है। यह संस्था प्राकृतिक एवं मानवीय आपदाओं में मानवता की भलाई के लिए सदैव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। मैनेजर अजयसिंह चौहान ने कहा कि रैडक्रास के दुनिया भर में 9 करोड़ 70 लाख सदस्यों की सेवाओं का फायदा पूरे विश्व तक पहुंचा है। रैडक्रास संस्था विश्व में किसी भी प्रकार की प्राकृतिक व मानवीय आपादा आने पर सहायतार्थ कार्यो में अग्रणीय है। निस्वार्थ मानवता की सेवा रैडक्रास समितियों का मुख्य लक्ष्य है। ईश मेहता ने बताया कि थैलीसिमिया नामक बिमारी से बच्चों में रक्त की कमी हो जाती है। जिससे शरीर कमजोर हो जाता है। शारीरिक क्षमता कम हो जाती है। इस कारण दैनिक गतिविधियां बाधित होती है। उन्होंने बच्चों को खानपान पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया। भोजन में मुख्य रूप से जरूरी विटामिन होने चाहिए। उन्होंने रविन्द्रनाथ टैगोर जी के बारे में बताते हुए कहा कि वे एक महान साहित्यकार थे। उन्होंने बंगला भाषा में अपना साहित्य की रचना की। शिक्षा के क्षेत्र में उनका विशेष योगदान माना जाता है। उन्होंने अनेक कहानियां तथा उपन्यास लिखे। 7 मई 1861 को कलकता के विख्यात ठाकुर परिवार में उनका जन्म हुआ। उनकी रचनाएं हमें जीवन की वास्तविकता का अहसास करवाती है।
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