करनाल
स्वामी मोहनलाल ने कहा कि सत्संग से मनुष्य के जीवन में निखार आता है। सत्संग, सेवा और प्रभु सुमिरन करने से जीवन सुखी बन जाता है। स्वामी मोहनलाल ने रेलवे रोड स्थित संत निरंकारी भवन में आयोजित सत्संग में श्रद्धालुओं को सतगुरु के बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि मानव जीवन का लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति है। इसके लिए सतगुरु का मिलना जरूरी है। इस धरा पर किसी भी युग में किसी भी मानव का लक्ष्य महापुरुषों की कृपा से पूर्ण हुआ है। आज सतगुरु बाबा हरदेव सिंह महाराज दुनिया के लोगों को आशीर्वाद देकर घर-घर में सुख की बौछार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में इंसान तभी सुख प्राप्त कर सकता है, जब वह सतगुरु के आदेश और उपदेश जीवन में ढाल लेता है। सतगुरु का दरबार सुखों का सागर है। हर इंसान सुख चाहता है और वह सतगुरु से ब्रह्माज्ञान प्राप्त कर ही मिलता है। उन्होंने कहा कि धन और महल सुख नहीं, बल्कि सुख का साधन है। यदि इंसान को जीवन बदलना है, तो उसे सतगुरु की शरण में आना होगा। इस मौके पर सतीश हंस, गोबिंद लाल, राजेंद्र, बहन कमलेश, कृष्ण कुमार निर्माण, रामजीलाल आदि मौजूद थे।
स्वामी मोहनलाल ने कहा कि सत्संग से मनुष्य के जीवन में निखार आता है। सत्संग, सेवा और प्रभु सुमिरन करने से जीवन सुखी बन जाता है। स्वामी मोहनलाल ने रेलवे रोड स्थित संत निरंकारी भवन में आयोजित सत्संग में श्रद्धालुओं को सतगुरु के बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि मानव जीवन का लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति है। इसके लिए सतगुरु का मिलना जरूरी है। इस धरा पर किसी भी युग में किसी भी मानव का लक्ष्य महापुरुषों की कृपा से पूर्ण हुआ है। आज सतगुरु बाबा हरदेव सिंह महाराज दुनिया के लोगों को आशीर्वाद देकर घर-घर में सुख की बौछार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में इंसान तभी सुख प्राप्त कर सकता है, जब वह सतगुरु के आदेश और उपदेश जीवन में ढाल लेता है। सतगुरु का दरबार सुखों का सागर है। हर इंसान सुख चाहता है और वह सतगुरु से ब्रह्माज्ञान प्राप्त कर ही मिलता है। उन्होंने कहा कि धन और महल सुख नहीं, बल्कि सुख का साधन है। यदि इंसान को जीवन बदलना है, तो उसे सतगुरु की शरण में आना होगा। इस मौके पर सतीश हंस, गोबिंद लाल, राजेंद्र, बहन कमलेश, कृष्ण कुमार निर्माण, रामजीलाल आदि मौजूद थे।
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